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Pilibhit News: वन्य जीवों के शिकार को लेकर अलर्ट जारी, पीटीआर में भी बढ़ाई सतर्कता
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व का सिग्नेचर गेट।
पीलीभीत। वन्यजीवों के शिकार के मामले में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अफसर भी गंभीर हो गए हैं। बरसात के दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं। नेपाल की खुली सीमा से पीटीआर का जंगल मिला है। इसके चलते वन्य जीवों के शिकार की घटनाएं होने का अंदेशा अधिक रहता है।
73 हजार वर्ग हेक्टेयर में फैले पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघों समेत वन्यजीवों की संख्या काफी बेहतर है। साल-दर-साल संख्या में इजाफा हो रहा है। बढ़ती संख्या के साथ टाइगर रिजर्व के अफसर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर हैं। हालांकि सुरक्षा दावों के बीच शिकार की छिटपुट घटनाएं भी होती रही हैं।
पीटीआर के आंकड़ों पर नजर डालें तो शिकार के मामले में महोफ, बराही और हरीपुर रेंज अधिक संवेदनशील हैं। पूर्व वर्षों में महोफ के जंगल में कछुए और हिरन के शिकार का मामला भी सामने आया था। शिकारी भी पकड़े गए थे। बराही रेंज में भी शिकार की कई घटनाएं सामने आती रही हैं। नेपाल की खुली सीमा होने के चलते शिकारियों की अधिक घुसपैठ रहती है। रेंज की टीम की शिकारियों के साथ मुठभेड़ भी हो चुकी है। इसमें गोली लगने से एक वनरक्षक भी घायल हो गया था।
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हाल ही में शिकार की फिराक में पहुंचे शाहजहांपुर क्षेत्र के एक शिकारी को वन कर्मियों ने कुल्हाड़ी व फंदों के साथ पकड़ा था। अब वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि पीटीआर में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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73 हजार वर्ग हेक्टेयर में फैले पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघों समेत वन्यजीवों की संख्या काफी बेहतर है। साल-दर-साल संख्या में इजाफा हो रहा है। बढ़ती संख्या के साथ टाइगर रिजर्व के अफसर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर हैं। हालांकि सुरक्षा दावों के बीच शिकार की छिटपुट घटनाएं भी होती रही हैं।
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पीटीआर के आंकड़ों पर नजर डालें तो शिकार के मामले में महोफ, बराही और हरीपुर रेंज अधिक संवेदनशील हैं। पूर्व वर्षों में महोफ के जंगल में कछुए और हिरन के शिकार का मामला भी सामने आया था। शिकारी भी पकड़े गए थे। बराही रेंज में भी शिकार की कई घटनाएं सामने आती रही हैं। नेपाल की खुली सीमा होने के चलते शिकारियों की अधिक घुसपैठ रहती है। रेंज की टीम की शिकारियों के साथ मुठभेड़ भी हो चुकी है। इसमें गोली लगने से एक वनरक्षक भी घायल हो गया था।
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हाल ही में शिकार की फिराक में पहुंचे शाहजहांपुर क्षेत्र के एक शिकारी को वन कर्मियों ने कुल्हाड़ी व फंदों के साथ पकड़ा था। अब वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि पीटीआर में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।