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Pilibhit News: रेलवे लाइनों पर वन्यजीवों से टकराव रोकने के लिए एआई से होगी निगरानी

Thu, 26 Feb 2026 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 26 Feb 2026 01:54 AM IST
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AI monitoring to prevent wildlife collisions on railway lines
माला, मझोला, न्यूरिया क्षेत्र के संवेदनशील क्षेत्र होंगे चिह्नित, रेलवे के साथ बनेगा समन्वय
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के टाइगर आउटसाइड प्रोजेक्ट के तहत जिले से गुजरने वाली रेलवे लाइनों के आसपास वन्यजीवों की सक्रियता वाले संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा। इससे सुरक्षित रेल संचालन किया जा सके। इसको लेकर पत्राचार शुरू कर दिए गए हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के टाइगर आउटसाइड प्रोजेक्ट के अंतर्गत वन एवं वन्यजीव प्रभाग द्वारा जिले से गुजर रही रेलवे लाइनों के आसपास संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। इसके लिए पीटीआर प्रशासन रेलवे विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा, ताकि एआई आधारित निगरानी और सतर्कता प्रणाली विकसित की जा सके।
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गौरतलब है कि पीलीभीत से पूरनपुर होते हुए लखनऊ रूट पर माला जंगल का क्षेत्र अत्यंत घना है, जहां अक्सर हाथी सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। इसी तरह पीलीभीत से टनकपुर रूट पर मझोला, न्यूरिया और खटीमा के आसपास भी ऐसे क्षेत्र हैं, जहां वन्यजीवों की सक्रियता के कारण ट्रेन परिचालन प्रभावित होने की आशंका रहती है। वन विभाग की ओर से इन सभी क्षेत्रों को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे रेलवे अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद रेलवे और वन विभाग मिलकर तकनीकी समाधान लागू करेंगे।
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योजना के तहत एआई आधारित सेंसर और अलार्म सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे रेलवे लाइन के पास हाथी, बाघ या अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी पर तुरंत चेतावनी मिल सके। हाल ही में माला क्षेत्र में नेपाल से आए हाथियों के रेलवे लाइन के पास पहुंचने की घटना ने इस आवश्यकता को और गंभीर बना दिया है। इस अनुभव के आधार पर अब प्रभावी और स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में इस तरह की अलार्म व्यवस्था पहले से लागू है। उसी तर्ज पर यहां भी वन कर्मियों और विशेषज्ञों के सहयोग से ऐसे स्थान चिन्हित किए जाएंगे, जहां वन्यजीवों की मौजूदगी पर अलार्म बज सके, ताकि समय रहते दुर्घटनाओं को रोका जा सके। संवाद
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