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Pilibhit News: नौ साल की जद्दोजहद के बाद टनकपुर बाइपास तैयार, जल्द संचालन के आसार
Mon, 13 Oct 2025 11:40 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 13 Oct 2025 11:40 PM IST
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पीलीभीत। करीब नौ साल की जद्दोजहद के बाद आखिरकार असम हाईवे को टनकपुर हाईवे से जोड़ने वाला बाइपास लगभग तैयार हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के अफसरों का दावा है कि अक्तूबर के अंत तक अधूरे एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा कर बाइपास का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
टनकपुर हाईवे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। शहर से गुजरे इस मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही, कलक्ट्रेट, विकास भवन, कचहरी, अस्पताल और स्कूलों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई है। वाहनों का दबाव बढ़ा तो हादसों में भी बढ़ोतरी हो गई।
जाम, सुगम आवागमन और हादसों की रोकथाम के लिए करीब नौ वर्ष पूर्व टनकपुर हाईवे को असम-बस्ती हाईवे से जोड़ने के लिए 11 किलोमीटर लंबा बाइपास स्वीकृत किया गया था। वर्ष 2016 में 116 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण शुरू किया गया।
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शुरुआती चरण में किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी कर सड़क बना दी गई थी, लेकिन टनकपुर और मैलानी रेलखंड पर बनने वाले दो ओवरब्रिजों की एनओसी न मिलने से परियोजना वर्षों तक अधर में अटकी रही। लगभग सात माह पूर्व सेतु निगम ने दोनों ओवरब्रिज पूरे कर दिए, इसके बाद बाइपास संचालन का रास्ता साफ हुआ।
बाइपास को टनकपुर हाईवे से जोड़ने में हुई देरी
बाइपास को टनकपुर हाईवे से जोड़ने में देरी हुई। खड़े पेड़ों के कारण तीन माह तक कार्य ठप रहा। सामाजिक वानिकी विभाग से अनुमति मिलने के बाद पेड़ हटाए गए, मगर संचालन शुरू नहीं हो सका। लोगों की लगातार मांग और मंत्री व डीएम के हस्तक्षेप के बाद अब एप्रोच मार्ग निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
गन्ना सीजन नजदीक, टनकपुर हाईवे पर खत्म होगा जाम का झंझट
गौरतलब है कि अगले माह से गन्ना सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में न्यूरिया, मझोला, पूरनपुर, बीसलपुर और बरेली मार्ग से आने वाले गन्ना वाहनों को अब शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे सीधे नवनिर्मित बाइपास के माध्यम से चीनी मिलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे टनकपुर हाईवे पर लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। वहीं, वाहन चालकों काे शहर के अंदर की समस्या से नहीं जूझना होगा। असम चौराहे से पहले बाइपास के रास्ते सैदपुर के करीब टनकपुर हाईवे पर निकलेंगे। यहां से मझोला होकर उत्तराखंड के खटीमा, सितारगंज, टनकपुर, नैनीताल आदि शहरों को जा सकेंगे।
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नए बाइपास का कार्य पूरा हो चुका है। अब टनकपुर हाईवे से जोड़ने के लिए एप्रोच सड़क बनाई जा रही है। यह कार्य इस माह के अंत तक पूरा कर बाइपास का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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टनकपुर हाईवे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। शहर से गुजरे इस मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही, कलक्ट्रेट, विकास भवन, कचहरी, अस्पताल और स्कूलों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई है। वाहनों का दबाव बढ़ा तो हादसों में भी बढ़ोतरी हो गई।
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जाम, सुगम आवागमन और हादसों की रोकथाम के लिए करीब नौ वर्ष पूर्व टनकपुर हाईवे को असम-बस्ती हाईवे से जोड़ने के लिए 11 किलोमीटर लंबा बाइपास स्वीकृत किया गया था। वर्ष 2016 में 116 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण शुरू किया गया।
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शुरुआती चरण में किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी कर सड़क बना दी गई थी, लेकिन टनकपुर और मैलानी रेलखंड पर बनने वाले दो ओवरब्रिजों की एनओसी न मिलने से परियोजना वर्षों तक अधर में अटकी रही। लगभग सात माह पूर्व सेतु निगम ने दोनों ओवरब्रिज पूरे कर दिए, इसके बाद बाइपास संचालन का रास्ता साफ हुआ।
बाइपास को टनकपुर हाईवे से जोड़ने में हुई देरी
बाइपास को टनकपुर हाईवे से जोड़ने में देरी हुई। खड़े पेड़ों के कारण तीन माह तक कार्य ठप रहा। सामाजिक वानिकी विभाग से अनुमति मिलने के बाद पेड़ हटाए गए, मगर संचालन शुरू नहीं हो सका। लोगों की लगातार मांग और मंत्री व डीएम के हस्तक्षेप के बाद अब एप्रोच मार्ग निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
गन्ना सीजन नजदीक, टनकपुर हाईवे पर खत्म होगा जाम का झंझट
गौरतलब है कि अगले माह से गन्ना सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में न्यूरिया, मझोला, पूरनपुर, बीसलपुर और बरेली मार्ग से आने वाले गन्ना वाहनों को अब शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे सीधे नवनिर्मित बाइपास के माध्यम से चीनी मिलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे टनकपुर हाईवे पर लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। वहीं, वाहन चालकों काे शहर के अंदर की समस्या से नहीं जूझना होगा। असम चौराहे से पहले बाइपास के रास्ते सैदपुर के करीब टनकपुर हाईवे पर निकलेंगे। यहां से मझोला होकर उत्तराखंड के खटीमा, सितारगंज, टनकपुर, नैनीताल आदि शहरों को जा सकेंगे।
नए बाइपास का कार्य पूरा हो चुका है। अब टनकपुर हाईवे से जोड़ने के लिए एप्रोच सड़क बनाई जा रही है। यह कार्य इस माह के अंत तक पूरा कर बाइपास का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग