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Pilibhit News: दुग्धेश्वर महाविद्यालय में शास्त्री व आचार्य कक्षाओं में प्रवेश शुरू
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श्री द़ग्धेश्वर संस्कृत महाविद्यालय का भवन । संवाद
पीलीभीत। दुग्धेश्वर संस्कृत महाविद्यालय में शास्त्री (स्नातक) और आचार्य (परा स्नातक) कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई। इन कक्षाओं के प्रवेश फार्म कॉलेज से मिलने लगे हैं। महाविद्यालय में छात्रों के लिए हॉस्टल व अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
आचार्य और शास्त्री की परीक्षा समाप्त होने के बाद नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रवेश फार्म की बिक्री की जा रही है। शास्त्री में प्रवेश लेने वालों के लिए इंटर में संस्कृत विषय की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। शर्त यह रहेगी कि शास्त्री में एक विषय संस्कृत के रूप में लेना होगा। प्रवेश कराने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की सुविधा भी मिल सकेगी। मौजूदा समय में यहां शास्त्री और आचार्य में 40 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।
प्राचार्य डॉ. तोहत्तर पाल ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया पंजीकरण होने तक जारी रहेगी। फार्म का शुल्क 100 रुपये रखा गया है। प्रवेश कक्षा नौ से एमए तक किया जा रहा है। शासन की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं छात्रों को दी जा रही हैं। यदि छात्र हॉस्टल मेें रहना चाहता तो उसकी सुविधा भी दी जा रही है।
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साहित्य, प्राचीन व्याकरण और नवीन व्याकरण से कर सकते हैं आचार्य
महाविद्यालय में तीन विषयों से आचार्य कराया जा रहा है। इनमें साहित्य, प्राचीन व्याकरण और नवीन व्याकरण शामिल है। शास्त्री में प्राचीन व्याकरण, नवीन व्याकरण, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, भूगोल, राजनीतिशास्त्र, गृहविज्ञान और विज्ञान विषय है। शास्त्री और आचार्य में 180-180 सीटें हैं।
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आचार्य और शास्त्री की परीक्षा समाप्त होने के बाद नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रवेश फार्म की बिक्री की जा रही है। शास्त्री में प्रवेश लेने वालों के लिए इंटर में संस्कृत विषय की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। शर्त यह रहेगी कि शास्त्री में एक विषय संस्कृत के रूप में लेना होगा। प्रवेश कराने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की सुविधा भी मिल सकेगी। मौजूदा समय में यहां शास्त्री और आचार्य में 40 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।
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प्राचार्य डॉ. तोहत्तर पाल ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया पंजीकरण होने तक जारी रहेगी। फार्म का शुल्क 100 रुपये रखा गया है। प्रवेश कक्षा नौ से एमए तक किया जा रहा है। शासन की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं छात्रों को दी जा रही हैं। यदि छात्र हॉस्टल मेें रहना चाहता तो उसकी सुविधा भी दी जा रही है।
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साहित्य, प्राचीन व्याकरण और नवीन व्याकरण से कर सकते हैं आचार्य
महाविद्यालय में तीन विषयों से आचार्य कराया जा रहा है। इनमें साहित्य, प्राचीन व्याकरण और नवीन व्याकरण शामिल है। शास्त्री में प्राचीन व्याकरण, नवीन व्याकरण, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, भूगोल, राजनीतिशास्त्र, गृहविज्ञान और विज्ञान विषय है। शास्त्री और आचार्य में 180-180 सीटें हैं।