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Pilibhit News: प्रवेश पोर्टल बंद, उपाधि कॉलेज में पीजी की सीटें रह गईं खाली
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पीलीभीत का उपाधि महाविद्यालय का भवन।फाइल फोटो
पीलीभीत। उपाधि कॉलेज के परास्नाताक (पीजी) पाठ्यक्रम में विद्यार्थी रुचि नहीं ले रहे। महाविद्यालय में कभी प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं की कतार लगी रहती थी, लेकिन सत्र 2024-25 में पीजी की 374 सीटें खाली रह गईं हैं। इसमें भी खराब स्थिति अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम की है, जहां 72 सीटें रिक्त हैं।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से 10 सितंबर को संबद्ध कॉलेजों को पत्र जारी किया था। इसमें सभी चरणों में आवेदित अभ्यर्थियों को नियमानुसार 12 सितंबर तक प्रवेश देने के लिए कहा गया था। उसके बाद भी शहर के कई कॉलेजों में सीटें नहीं भर सकीं। इस संबंध में उपाधि कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दुष्यंत कुमार का कहना है कि परास्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 500 सीटों के सापेक्ष 126 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। सबसे कम एमए अर्थशास्त्र 80 सीटों पर आठ व राजनीति विज्ञान की 80 सीटों पर नौ छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
बैक आने से परेशान हैं विद्यार्थी
विशेषज्ञों के अनुसार, पीजी में सीटें खाली रहने का कारण 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होना, रुविवि की ओर से स्नाताकोत्तर के समानांतर एमए प्राइवेट के फॉर्म से प्रवेश व नवीन (एनईपी) पाठ्यक्रम के अनुकूल पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध न होना भी है। इसके अलावा बाजार में विद्यार्थियों को एनईपी की किताबें ढूंढने पर भी नहीं मिल रही हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि स्नातक का परिणाम विवि ने देरी से जारी किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की स्नातक के विषयों में बैक (फेल) आई है। वहीं कुछ परिणाम संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए छात्र-छात्राएं विवि से लेकर कॉलेज तक चक्कर काट रहे हैं।
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पाठ्यक्रम सीटें प्रवेश
एमए अंग्रेजी साहित्य 60 28
एमए शिक्षा-- -60-- -13
एमए समाजशास्त्र-- -60-- -21
राजनीति विज्ञान-- -80-- -09
एमए अर्थशास्त्र-- -80-- -08
एमए हिंदी साहित्य-- -80-- -19
एमकॉम-- -80-- -28
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से 10 सितंबर को संबद्ध कॉलेजों को पत्र जारी किया था। इसमें सभी चरणों में आवेदित अभ्यर्थियों को नियमानुसार 12 सितंबर तक प्रवेश देने के लिए कहा गया था। उसके बाद भी शहर के कई कॉलेजों में सीटें नहीं भर सकीं। इस संबंध में उपाधि कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दुष्यंत कुमार का कहना है कि परास्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 500 सीटों के सापेक्ष 126 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। सबसे कम एमए अर्थशास्त्र 80 सीटों पर आठ व राजनीति विज्ञान की 80 सीटों पर नौ छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
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बैक आने से परेशान हैं विद्यार्थी
विशेषज्ञों के अनुसार, पीजी में सीटें खाली रहने का कारण 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होना, रुविवि की ओर से स्नाताकोत्तर के समानांतर एमए प्राइवेट के फॉर्म से प्रवेश व नवीन (एनईपी) पाठ्यक्रम के अनुकूल पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध न होना भी है। इसके अलावा बाजार में विद्यार्थियों को एनईपी की किताबें ढूंढने पर भी नहीं मिल रही हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि स्नातक का परिणाम विवि ने देरी से जारी किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की स्नातक के विषयों में बैक (फेल) आई है। वहीं कुछ परिणाम संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए छात्र-छात्राएं विवि से लेकर कॉलेज तक चक्कर काट रहे हैं।
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पाठ्यक्रम सीटें प्रवेश
एमए अंग्रेजी साहित्य 60 28
एमए शिक्षा
एमए समाजशास्त्र
राजनीति विज्ञान
एमए अर्थशास्त्र
एमए हिंदी साहित्य
एमकॉम