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Pilibhit News: चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
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चीनी गोदाम में जांच करती जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा। स्रोत- विभाग
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पीलीभीत। चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन ने अब गोदामों में रखे स्टॉक पर निगरानी बढ़ा दी है। चीनी की जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण पर रोक लगाने के लिए स्टॉकिस्टों के लिए नई सीमाएं तय की गई हैं।
इसी व्यवस्था की पड़ताल के लिए मंगलवार को जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा के नेतृत्व में गन्ना विभाग और पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने जिले में चीनी के गोदामों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने गोदामों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान कहीं कोई कमी या अनियमितता नहीं मिली। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन की ओर से स्टॉकिस्टों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चीनी की जिस दिन गोदाम में प्राप्ति होगी, उसी दिन से 30 दिन की अवधि मानी जाएगी। इस अवधि के बाद संबंधित स्टॉक को बाजार में निर्गत करना होगा। लंबे समय तक चीनी रोककर रखने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। एक स्टॉकिस्ट एक ही स्थान पर अधिकतम 4000 क्विंटल चीनी रख सकेगा। जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि स्टॉकिस्टों को चीनी की प्राप्ति और निर्गमन का पूरा विवरण स्टॉक रजिस्टर में दर्ज करना होगा। संवाद
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इसी व्यवस्था की पड़ताल के लिए मंगलवार को जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा के नेतृत्व में गन्ना विभाग और पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने जिले में चीनी के गोदामों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने गोदामों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान कहीं कोई कमी या अनियमितता नहीं मिली। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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प्रशासन की ओर से स्टॉकिस्टों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चीनी की जिस दिन गोदाम में प्राप्ति होगी, उसी दिन से 30 दिन की अवधि मानी जाएगी। इस अवधि के बाद संबंधित स्टॉक को बाजार में निर्गत करना होगा। लंबे समय तक चीनी रोककर रखने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। एक स्टॉकिस्ट एक ही स्थान पर अधिकतम 4000 क्विंटल चीनी रख सकेगा। जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि स्टॉकिस्टों को चीनी की प्राप्ति और निर्गमन का पूरा विवरण स्टॉक रजिस्टर में दर्ज करना होगा। संवाद
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