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Pilibhit News: प्रशासन की सख्ती, लेकिन कहीं फुटकर पटाखे बेचने वाले न बन जाएं सिरदर्द
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पीलीभीत में रोडवेज बस स्टैंड जाने वाले मार्ग पर स्थित आतिशबाजी की दुकान पर चेकिंग करती अग्निश
पीलीभीत। आबादी क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए पटाखा व्यापारियों पर प्रशासन की सख्ती शुरू हो गई है, लेकिन स्थिति यह है कि जिम्मेदार सिर्फ लाइसेंस धारकों की जांच पर जोर दे रहे हैं। दिवाली पर लाइसेंस हासिल करने वाले फुटकर विक्रेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में फुटकर पटाखे बेचने वाले सिरदर्द बन सकते हैं।
आतिशबाजी की दुकान, गोदाम और फैक्टरी के संचालन को लेकर सख्त मानक है। ऐसी दुकानों और फैक्टरी को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के साथ ही अनुमति दी जाती है। गोदाम व फैक्टरी में आग की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग की पूरी व्यवस्था रहती है। समय-समय पर विभाग की ओर से जांच कर हकीकत को भी परखा जाता है, लेकिन इसके बाद भी घटनाएं सामने आ जाती है। जिससे जनहानि भी हो जाती है। बरेली की घटना भी ऐसा ही मामला है।
जिले में पटाखा व्यापार की बात करें तो शहर में चार लाइसेंस धारक हैं। जिसमें एक रेडीमेड विक्रेता और तीन पटाखे बनाते हैं। रेडीमेड विक्रेता की दुकान शहर के रोडवेज स्टैंड के पास है, जबकि तीन अन्य पटाखा बनाने वालों के गोदाम शहर से बाहर देवहा नदी के किनारे हैं। इनपर हर समय अफसरों की नजर रहती है।
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लाइसेंस के साथ अन्य मानक भी पूरे कराए जाते हैं। इसके अलावा दिवाली के मौके पर तीन दिन के लिए फुटकर विक्रेताओं को अस्थायी लाइसेंस देने की व्यवस्था अलग है। ऐसे में यह लोग कई दिन से बाहर से पटाखे लाकर घरों में एकत्र करने में लग जाते हैं। ऐसे लोगों को पुलिस और प्रशासन भी ट्रेस नहीं कर पाता। ऐसे में आबादी क्षेत्र में पटाखों को भंडारण होने से हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
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डीएम के निर्देश पर जिले भर में चलाया चेकिंग अभियान
त्योहार के मद्देनजर और बरेली हादसे के बाद जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। डीएम संजय कुमार सिंह ने अफसरों को पटाखों की दुकानों, गोदाम और फैक्टरी की हकीकत परखने के निर्देश दिए। इसके बाद थाना पुलिस सक्रिय हो गई। शहर में कोतवाली पुलिस ने पटाखा व्यापारियों के घरों पर जाकर जांच की। हालांकि कहीं कोई लापरवाही सामने नहीं आई। इसके अलावा अग्निशमन विभाग की टीम ने पटाखा दुकान की स्थिति को परखा। पत्राचार देखने के साथ आग बुझाने के यंत्र भी देखे।
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दोनों दुकानों पर नहीं मिली मानकों की अवहेलना
बीसलपुर। नगर क्षेत्र में आतिशबाजी की केवल दो दुकानें है, जो नगर से काफी दूरी पर हैं। कोतवाल संजीव शुक्ला ने बताया कि दोनों दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया। मानक के अनुरूप सभी सुविधाएं मिलीं। दोनों दुकानें पीलीभीत मार्ग पर आबादी से काफी दूरी पर हैं। दोनों दुकानदारों के दुकानों के लाइसेंस संबंधी कागजात का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण रिपेार्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। संवाद
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जिले के सभी एसडीएम को त्योहार को देखते हुए आतिशबाजी की दुकानों व गोदामों की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक चीजों की उपलब्धता को चेक किया जा रहा है। साथ ही मैं स्वयं भी चेकिंग करूंगा।
-संजय कुमार सिंह, डीएम
-- बुकिंग की आड़ में पटाखे बेचते युवक को पकड़ा, रिपोर्ट दर्ज
पीलीभीत। डीएम के निर्देश पर जिले भर में शुरू हुए चेकिंग अभियान के दौरान शहर में एक स्थान पर लापरवाही सामने आई। शहर के मुख्य बाजार स्थित आतिशबाजी की दुकान के बुकिंग काउंटर की जगह पटाखा बेचने का मामला सामने आया।
टीम ने आतिशबाजी बरामद की और कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया। मामले में दुकानदार के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि पटाखों वाली गली में स्थित आतिशबाजी के दो बुकिंग काउंटरों को चेक किया। इस पर एक काउंटर पर छिपाकर रखी गई आतिशबाजी बरामद हुई। मामले में मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी सुल्तान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद
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आतिशबाजी की दुकान, गोदाम और फैक्टरी के संचालन को लेकर सख्त मानक है। ऐसी दुकानों और फैक्टरी को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के साथ ही अनुमति दी जाती है। गोदाम व फैक्टरी में आग की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग की पूरी व्यवस्था रहती है। समय-समय पर विभाग की ओर से जांच कर हकीकत को भी परखा जाता है, लेकिन इसके बाद भी घटनाएं सामने आ जाती है। जिससे जनहानि भी हो जाती है। बरेली की घटना भी ऐसा ही मामला है।
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जिले में पटाखा व्यापार की बात करें तो शहर में चार लाइसेंस धारक हैं। जिसमें एक रेडीमेड विक्रेता और तीन पटाखे बनाते हैं। रेडीमेड विक्रेता की दुकान शहर के रोडवेज स्टैंड के पास है, जबकि तीन अन्य पटाखा बनाने वालों के गोदाम शहर से बाहर देवहा नदी के किनारे हैं। इनपर हर समय अफसरों की नजर रहती है।
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लाइसेंस के साथ अन्य मानक भी पूरे कराए जाते हैं। इसके अलावा दिवाली के मौके पर तीन दिन के लिए फुटकर विक्रेताओं को अस्थायी लाइसेंस देने की व्यवस्था अलग है। ऐसे में यह लोग कई दिन से बाहर से पटाखे लाकर घरों में एकत्र करने में लग जाते हैं। ऐसे लोगों को पुलिस और प्रशासन भी ट्रेस नहीं कर पाता। ऐसे में आबादी क्षेत्र में पटाखों को भंडारण होने से हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
डीएम के निर्देश पर जिले भर में चलाया चेकिंग अभियान
त्योहार के मद्देनजर और बरेली हादसे के बाद जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। डीएम संजय कुमार सिंह ने अफसरों को पटाखों की दुकानों, गोदाम और फैक्टरी की हकीकत परखने के निर्देश दिए। इसके बाद थाना पुलिस सक्रिय हो गई। शहर में कोतवाली पुलिस ने पटाखा व्यापारियों के घरों पर जाकर जांच की। हालांकि कहीं कोई लापरवाही सामने नहीं आई। इसके अलावा अग्निशमन विभाग की टीम ने पटाखा दुकान की स्थिति को परखा। पत्राचार देखने के साथ आग बुझाने के यंत्र भी देखे।
दोनों दुकानों पर नहीं मिली मानकों की अवहेलना
बीसलपुर। नगर क्षेत्र में आतिशबाजी की केवल दो दुकानें है, जो नगर से काफी दूरी पर हैं। कोतवाल संजीव शुक्ला ने बताया कि दोनों दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया। मानक के अनुरूप सभी सुविधाएं मिलीं। दोनों दुकानें पीलीभीत मार्ग पर आबादी से काफी दूरी पर हैं। दोनों दुकानदारों के दुकानों के लाइसेंस संबंधी कागजात का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण रिपेार्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। संवाद
जिले के सभी एसडीएम को त्योहार को देखते हुए आतिशबाजी की दुकानों व गोदामों की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक चीजों की उपलब्धता को चेक किया जा रहा है। साथ ही मैं स्वयं भी चेकिंग करूंगा।
-संजय कुमार सिंह, डीएम
पीलीभीत। डीएम के निर्देश पर जिले भर में शुरू हुए चेकिंग अभियान के दौरान शहर में एक स्थान पर लापरवाही सामने आई। शहर के मुख्य बाजार स्थित आतिशबाजी की दुकान के बुकिंग काउंटर की जगह पटाखा बेचने का मामला सामने आया।
टीम ने आतिशबाजी बरामद की और कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया। मामले में दुकानदार के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि पटाखों वाली गली में स्थित आतिशबाजी के दो बुकिंग काउंटरों को चेक किया। इस पर एक काउंटर पर छिपाकर रखी गई आतिशबाजी बरामद हुई। मामले में मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी सुल्तान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद