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Pilibhit News: पूर्व डीएफओ और डीएचओ पर कार्रवाई तय

Tue, 02 Jan 2024 12:14 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Tue, 02 Jan 2024 12:14 AM IST
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Action decided against former DFO and DHO
बाग में कटे पड़े  पेड़ । फाइल फोटो
पीलीभीत। ग्रीन बेल्ट की निरंजनकुंज कॉलोनी में हरे भरे आम के बाग का सफाया करने के मामले में जांच कमेटी की रिपोर्ट पर पूर्व डीएफओ और उद्यान अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई है। डीएम ने दोनों पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव वन को भेजी है।
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उद्यान अधिकारी की रिपोर्ट पर सामाजिक वानिकी के तत्कालीन डीएफओ ने निरंजनकुंज में हर भरे आम के बाग के कटान की अनुमति छह दिसंबर को दे दी थी। इसके बाद शाहजहांपुर से आए श्रमिकों ने 19 दिसंबर को पेड़ों का कटान शुरू कर दिया था। ग्रीन बेल्ट में इस तरह हरियाली का सफाया होने की जानकारी पर सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह ने टीम भेजकर जांच कराई और काम बंद कराया।
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अल्पसंख्यक विभाग ने भी जांच की थी। इस दौरान पूरे मामले में दोनों विभागों के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट और टाइगर रिजर्व के डीएफओ नवीन खंडेलवाल को संयुक्त रूप से जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। दोनों अधिकारियों ने मौके पर जाकर हर स्तर से जांच की थी। जांच में दोनों ही अधिकारियों ने उद्यान अधिकारी और पूर्व डीएफओ की लापरवाही को उजागर किया था।
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संयुक्त जांच रिपोर्ट डीएम को दी गई थी। डीएम ने रिपोर्ट देखने के बाद इसमें दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव वन को भेजी है। अब इसमें शासन स्तर से ही कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।

इन पर हुई निलंबन की संस्तुति
जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार की ओर से अपर मुख्य सचिव वन मनोज कुमार को भेजी गई रिपोर्ट में सामाजिक वानिकी के पूर्व डीएफओ संजीव कुमार, मौजूदा जिला उद्यान अधिकारी बाली शरण चौधरी और सहायक निरीक्षक रामेश्वर दयाल को निलंबित करने और विभागीय जांच कराने की संस्तुति की गई है।


हो सकती है एफआईआर
शासन में रिपोर्ट भेजे जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर इसमें अल्पसंख्यक विभाग की ओर से दोनों अधिकारियों पर रिपोर्ट भी कराई जा सकती है। इसकी भी तैयारी चल रही है। इसके लिए संबंधित विभाग को निर्देश भी दिए गए हैं।

संयुक्त जांच रिपोर्ट देखेन के बाद अब कार्रवाई के लिए इसे शासन में भेजा गया है। वहां से कार्रवाई होगी।- प्रवीण कुमार लक्षकार, डीएम
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