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Pilibhit News: स्वास्थ्य विभाग की जांच में लू लगने से नहीं हुई किसी की मौत
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अधीक्षक ने कहा-मुआवजा पाने के लालच में किया लू लगने से मौत होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति की लू लगने से मौत नहीं हुई। जिन चार लोगों की मौत लू के कारण बताई जा रही है उनकी मृत्यु अलग-अलग कारणों से हुई।
मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी फर्नीचर व्यापारी राजू सक्सेना की पत्नी रुचि सक्सेना की 29 मई को कानपुर रेलवे स्टेशन पर, गांव भैनपुरा निवासी कपड़ा व्यापारी रामसेवक शुक्ला की बीसलपुर स्थित कपड़े की दुकान पर 30 मई को, मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी अंडा विक्रेता प्रेमशंकर गुप्ता की मौत 31 मई को अपने आवास पर और गांव गोवल निवासी चक्की संचालक मुनेश्वर दयाल को दो जून को अपने आवास पर मौत हुई थी। इस संबंध में उनके परिवार वालों का दावा था कि सभी की मौत लू लगने के कारण हुई।
इस संबंध में सीएमओ डॉ आलोक शर्मा के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने चारों मृतकों के घरों पर जाकर मौत के कारणों की जांच की गई।
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जांच में स्पष्ट हुआ कि रुचि सक्सेना, प्रेमशंकर की श्वांस रोग से, रामसेवक शुक्ला की दिल का दौरा पड़ने से और मुनेश्वर दयाल की मौत लंबी बीमारी से हुई। अधीक्षक का कहना है कि इन लोगों के परिवार वालों ने मुआवजा मिलने के लालच में मौत का कारण गलत बताया।
पुन: प्रेषित
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संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति की लू लगने से मौत नहीं हुई। जिन चार लोगों की मौत लू के कारण बताई जा रही है उनकी मृत्यु अलग-अलग कारणों से हुई।
मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी फर्नीचर व्यापारी राजू सक्सेना की पत्नी रुचि सक्सेना की 29 मई को कानपुर रेलवे स्टेशन पर, गांव भैनपुरा निवासी कपड़ा व्यापारी रामसेवक शुक्ला की बीसलपुर स्थित कपड़े की दुकान पर 30 मई को, मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी अंडा विक्रेता प्रेमशंकर गुप्ता की मौत 31 मई को अपने आवास पर और गांव गोवल निवासी चक्की संचालक मुनेश्वर दयाल को दो जून को अपने आवास पर मौत हुई थी। इस संबंध में उनके परिवार वालों का दावा था कि सभी की मौत लू लगने के कारण हुई।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ आलोक शर्मा के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने चारों मृतकों के घरों पर जाकर मौत के कारणों की जांच की गई।
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जांच में स्पष्ट हुआ कि रुचि सक्सेना, प्रेमशंकर की श्वांस रोग से, रामसेवक शुक्ला की दिल का दौरा पड़ने से और मुनेश्वर दयाल की मौत लंबी बीमारी से हुई। अधीक्षक का कहना है कि इन लोगों के परिवार वालों ने मुआवजा मिलने के लालच में मौत का कारण गलत बताया।
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