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गर्म दूध डालकर दुकानदार को झुलसाने का आरोप, पुलिस के खिलाफ जाम लगाकर प्रदर्शन
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पूरनपुर। साप्ताहिक लॉकडाउन के बीच चाय की दुकान खुली होने की सूचना पर पहुंची पुलिस आरोपों में घिर गई। खौलता दूध ऊपर गिरने से दुकानदार झुलस गया। जिसके बाद पुलिस पर खौलता दूध डालकर झुलसाने का आरोप लगाते हुए एकत्र भीड़ ने जाम लगा दिया। दरोगा पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंचे सीओ ने जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। घायल को सीएचसी में भर्ती कराया है।
घटना रविवार शाम करीब पांच बजे शेरपुरकलां गांव में हुई। गांव निवासी खालिद (30) की धनाराघाट रोड पर चाय की दुकान है। खालिद ने बताया कि लॉकडाउन में रविवार को बंदी के चलते दुकान का शटर बंद कर आए दूध को गर्म कर रहा था। ताकि दूध खराब न हो। उसका आरोप है कि इस दौरान पहुंचे हल्का दरोगा ने बंदी पर दुकान खोलने की बात कहते हुए भगौना में खौल रहे दूध को उसके ऊपर डाल दिया। खालिद के झुलसने पर तमाम लोग एकत्र हो गए और दरोगा पर कार्रवाई की मांग को लेकर धनाराघाट रोड पर पुलिस के खिलाफ जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर टीम के साथ पहुंचे कोतवाल हरीशवर्धन सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। मगर प्रदर्शनकारी हल्का दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। विरोध के चलते पुलिस को कई बार भीड़ से बाहर निकलना पड़ा। बाद में सीओ लल्लन सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। पहले तो प्रदर्शनकारी बगैर कार्रवाई के मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में सीओ ने झुलसे दुकानदार को पहले इलाज की जरूरत का हवाला दिया। घायल को सीएचसी भिजवाया। फिर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर लोग शांत हो गए।
लॉकडाउन का पालन कराने को शेरपुरकलां में पहले हल्का के दो कांस्टेबल गए थे। खालिद की दुकान खुली मिलने पर उसे दुकान बंद करने की चेतावनी दी। इस दौरान हल्का दरोगा भी पहुंच गए। खालिद दरोगा पर दूध के भगौना में लात मारकर उसके ऊपर डालने का आरोप लगा रहा है। दरोगा का कहना है कि पुलिस को देखकर खालिद हड़बड़ा गया था। इसी में उसका पैर भगौना में लगा और दूध उसके ऊपर गिर गया था। फिलहाल जांच कराई जाएगी। - लल्लन सिंह, सीओ
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घटना रविवार शाम करीब पांच बजे शेरपुरकलां गांव में हुई। गांव निवासी खालिद (30) की धनाराघाट रोड पर चाय की दुकान है। खालिद ने बताया कि लॉकडाउन में रविवार को बंदी के चलते दुकान का शटर बंद कर आए दूध को गर्म कर रहा था। ताकि दूध खराब न हो। उसका आरोप है कि इस दौरान पहुंचे हल्का दरोगा ने बंदी पर दुकान खोलने की बात कहते हुए भगौना में खौल रहे दूध को उसके ऊपर डाल दिया। खालिद के झुलसने पर तमाम लोग एकत्र हो गए और दरोगा पर कार्रवाई की मांग को लेकर धनाराघाट रोड पर पुलिस के खिलाफ जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर टीम के साथ पहुंचे कोतवाल हरीशवर्धन सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। मगर प्रदर्शनकारी हल्का दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। विरोध के चलते पुलिस को कई बार भीड़ से बाहर निकलना पड़ा। बाद में सीओ लल्लन सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। पहले तो प्रदर्शनकारी बगैर कार्रवाई के मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में सीओ ने झुलसे दुकानदार को पहले इलाज की जरूरत का हवाला दिया। घायल को सीएचसी भिजवाया। फिर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर लोग शांत हो गए।
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लॉकडाउन का पालन कराने को शेरपुरकलां में पहले हल्का के दो कांस्टेबल गए थे। खालिद की दुकान खुली मिलने पर उसे दुकान बंद करने की चेतावनी दी। इस दौरान हल्का दरोगा भी पहुंच गए। खालिद दरोगा पर दूध के भगौना में लात मारकर उसके ऊपर डालने का आरोप लगा रहा है। दरोगा का कहना है कि पुलिस को देखकर खालिद हड़बड़ा गया था। इसी में उसका पैर भगौना में लगा और दूध उसके ऊपर गिर गया था। फिलहाल जांच कराई जाएगी। - लल्लन सिंह, सीओ
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