Pilibhit News: पूरनपुर में दोस्तों के साथ घूमने निकले युवक की हत्या, 10 दिन बाद नाले में मिला शव
पूरनपुर के मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी सागर 27 दिसंबर को अपने दोस्तों संग घूमने के लिए घर से निकला था। इसके बाद नहीं लौटा। रविवार को सफाई कर्मचारियों ने सफाई के लिए नाले से पत्थर हटाया तो शव नजर आया। शव की शिनाख्त सागर के तौर पर हुई।
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पीलीभीत के पूरनपुर में दोस्तों संग घूमने निकले मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी सागर (20) की हत्या कर दी गई। उसका शव 10 दिन बाद रविवार को पकड़िया चौराहा के पास नाले में पड़ा मिला। शव की पहचान मिटाने के लिए चेहरा किसी भारी वस्तु से कुचला गया था। जानकारी मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा रहे पुलिस वाहन को भाजपा के नगर अध्यक्ष हर्ष प्रधान ने साथियों के साथ रोक लिया। इसके बाद शव को कोतवाली गेट के सामने रखकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान इंस्पेक्टर से नोकझोंक भी हुई। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोस्तों पर हत्या का शक जताया है।
बृजेश सिंह का बेटा सागर 27 दिसंबर को दोस्तों के साथ रात में घूमने निकला था। इसके बाद से वह घर नहीं पहुंचा। रविवार दोपहर 3:30 बजे नाले में शव पड़ा होने की सूचना पर पुलिस पहुंची। शव को बाहर निकाला गया तो लोगों ने उसकी शिनाख्त सागर के रूप में की। वारदात से नाराज भाजपाइयों और हिंदूवादी संगठनों ने जब कोतवाली के बाहर हंगामा शुरू किया तो एससी अविनाश पांडेय भी बाहर आ गए। एसपी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया तब लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
साइबर ठगों ने मां से ऐंठ लिए थे एक हजार रुपये
सागर 27 दिसंबर की शाम से लापता था। सागर की मां रेनू सिंह का आरोप है कि उन्होंने शुरू में ही अनहोनी की आशंका व्यक्त की थी। जिन युवकों पर शक था, उनके नाम पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी की तहरीर लिखवा ली। गुमशुदगी दर्ज होने पर साइबर ठगों ने जम्मू से फोन कर पुत्र की जानकारी होने की बात कहते हुए उनसे खाते में एक हजार रुपये भी ट्रांसफर करा लिए थे।
कोतवाल पूरनपुर नरेश कुमार त्यागी ने बताया कि मामले में गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जांच के बाद इसे हत्या में तरमीम किया जाएगा। पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर पीड़ित पक्ष से बात की गई है। परिजनों की नगर चौकी इंचार्ज से नाराजगी थी।
पुलिस लापरवाही न करती तो बच जाता मेरा बेटा
पूरनपुर के मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी सागर की हत्या के मामले में मां रेनू सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटे के लापता होने के बाद 27 दिसंबर को ही वह शिकायत लेकर थाने गईं थीं। इस दौरान दरोगा ने उनसे अभद्रता की। शिकायत की अनदेखी करते हुए बेटे को तलाश करने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस अगर गंभीरता से बेटे की तलाश करती तो उसकी हत्या नहीं होती।
बेटे को उसका जो साथी बुलाकर ले गया था, उसका नाम भी बताया था। पुलिस ने उससे पूछताछ भी नहीं की और बुलाकर छोड़ दिया। मोहल्ला के कुछ युवकों ने उनके पुत्र को हत्या की धमकी दी थी। बता दें चार भाइयों में सागर सबसे बड़ा था। मां और पिता के साथ ही छोटे भाइयों शरद सिंह, शीवू सिंह और वीर सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुलेगा राज
सागर के लापता होने की सूचना पर पुलिस ने नगर पुलिस चौकी के पास सीसीटीवी कैमरों की वीडियो रिकार्डिंग खंगाली थी। नगर चौकी इंचार्ज अमित कुमार का कहना था कि कोहरे के चलते कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। नगर के व्यस्त क्षेत्र में सागर का शव मिलने पर आसपास के प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों से भी पुलिस को हत्या के खुलासे में सहयोग मिल सकता है।