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Pilibhit News: जांच में देवीपुरा गोआश्रय स्थल में दर्ज संख्या से कम मिले पशु
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कलेक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन देते हिंदू महासभा के कार्यकर्ता । स्रोत - महासभा
पीलीभीत। हिंदू महासभा ने एक दिन पहले देवीपुरा गोआश्रय स्थल जाकर पड़ताल की है। यहां पर पशुओं की दशा दयनीय होने पर पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। सोमवार को तीन सदस्यीय टीम ने जांच की तो दर्ज संख्या से पशु कम मिले।
हिंदू महासभा के पदाधिकारियों को शिकायत मिली थी कि देवीपुरा में गोआश्रय स्थल पर मौजूद पशुओं की रात में बिक्री की जाती है। शिकायत पर रविवार को पदाधिकारी वहां पहुंचे थे। रजिस्टर पर दर्ज संख्या के सापेक्ष मौके पर पशु नहीं मिले थे। यही नहीं आठ से दस पशु मृत थे, जिनके शव गड्ढे में ऐसे ही डाल दिए गए थे।
इस पर पुलिस को तहरीर दी गई थी। दूसरे दिन सोमवार को फिर महासभा के लोगों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम न्यायिक अजीत परेश को दिया। इसमें कहा गया कि गोआश्रय स्थल पर कर्मी रात में पशुओं की बिक्री करते हैं। मौके पर संख्या भी कम मिली है। इसकी जांच कराई जाए।
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महासभा के पदाधिकारियों ने अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच की मांग की थी। इस पर एडीएम ने जांच कराने का आश्वासन दिया। पदाधिकारियों ने इसमें कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। ज्ञापन देने वालों में मयंक जायसवाल, गौरव वर्मा, आयुष सक्सेना, अजय शर्मा, प्रदीप शर्मा, लवी, नरेंद्र आदि शामिल रहे।
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तूल पकड़ा मामला तो सीडीओ ने गठित की टीम
देवीपुरा गोआश्रय स्थल पर पशुओं की दशा को लेकर रविवार को ही सीडीओ को पूरी जानकारी दे दी गई थी। इसपर सीवीओ को निर्देश भी हुए थे। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। सोमवार को डीएम को संबोधित ज्ञापन देने के बाद सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इसमें जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। इसमें सहायक लेखा परीक्षक अतुल कुमार, विकास विभाग के लेखाकार विपिन कुमार और नितिन को शामिल किया गया है। तीनों को एक अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक प्राप्त धनराशि के सापेक्ष व्यय धनराशि की ऑडिट रिपोर्ट तीन दिन में देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा मौके पर मौजूद पशुओं की गिनती के लिए बीडीओ मरौरी, सचिव देवीपुरा और पशु चिकित्सक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीडीओ ने बताया दोनों स्तर से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
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रजिस्टर में 962 तो मौके पर मिले 800 पशु
सीडीओ के निर्देश पर देर शाम खंड विकास अधिकारी मरौरी मृदुला ने टीम के साथ देवीपुरा गोआश्रय स्थल पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान रजिस्टर में 926 तो गिनती कराने पर आठ सौ पशु मिले। महासभा के पदाधिकारी आयुष सक्सेना ने बताया मौके पर अधिकारियों को भी पशु कम मिले हैं। इससे उनके आरोप सही साबित हो रहे हैं।
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हिंदू महासभा के पदाधिकारियों को शिकायत मिली थी कि देवीपुरा में गोआश्रय स्थल पर मौजूद पशुओं की रात में बिक्री की जाती है। शिकायत पर रविवार को पदाधिकारी वहां पहुंचे थे। रजिस्टर पर दर्ज संख्या के सापेक्ष मौके पर पशु नहीं मिले थे। यही नहीं आठ से दस पशु मृत थे, जिनके शव गड्ढे में ऐसे ही डाल दिए गए थे।
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इस पर पुलिस को तहरीर दी गई थी। दूसरे दिन सोमवार को फिर महासभा के लोगों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम न्यायिक अजीत परेश को दिया। इसमें कहा गया कि गोआश्रय स्थल पर कर्मी रात में पशुओं की बिक्री करते हैं। मौके पर संख्या भी कम मिली है। इसकी जांच कराई जाए।
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महासभा के पदाधिकारियों ने अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच की मांग की थी। इस पर एडीएम ने जांच कराने का आश्वासन दिया। पदाधिकारियों ने इसमें कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। ज्ञापन देने वालों में मयंक जायसवाल, गौरव वर्मा, आयुष सक्सेना, अजय शर्मा, प्रदीप शर्मा, लवी, नरेंद्र आदि शामिल रहे।
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तूल पकड़ा मामला तो सीडीओ ने गठित की टीम
देवीपुरा गोआश्रय स्थल पर पशुओं की दशा को लेकर रविवार को ही सीडीओ को पूरी जानकारी दे दी गई थी। इसपर सीवीओ को निर्देश भी हुए थे। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। सोमवार को डीएम को संबोधित ज्ञापन देने के बाद सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इसमें जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। इसमें सहायक लेखा परीक्षक अतुल कुमार, विकास विभाग के लेखाकार विपिन कुमार और नितिन को शामिल किया गया है। तीनों को एक अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक प्राप्त धनराशि के सापेक्ष व्यय धनराशि की ऑडिट रिपोर्ट तीन दिन में देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा मौके पर मौजूद पशुओं की गिनती के लिए बीडीओ मरौरी, सचिव देवीपुरा और पशु चिकित्सक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीडीओ ने बताया दोनों स्तर से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
रजिस्टर में 962 तो मौके पर मिले 800 पशु
सीडीओ के निर्देश पर देर शाम खंड विकास अधिकारी मरौरी मृदुला ने टीम के साथ देवीपुरा गोआश्रय स्थल पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान रजिस्टर में 926 तो गिनती कराने पर आठ सौ पशु मिले। महासभा के पदाधिकारी आयुष सक्सेना ने बताया मौके पर अधिकारियों को भी पशु कम मिले हैं। इससे उनके आरोप सही साबित हो रहे हैं।