{"_id":"619160f942eedb203d5b2eaf","slug":"a-member-of-the-family-got-the-job-the-assurance-of-a-fair-investigation-pilibhit-news-bly4661409141","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवार के एक सदस्य को नौकरी, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवार के एक सदस्य को नौकरी, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
विज्ञापन
पीलीभीत। जिलाधिकारी पुलकित खरे और पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी रविवार को रात सवा आठ बजे पीड़िता के घर पहुंचे। उनके माता-पिता और भाई तथा परिजनों से मिले। उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
मौके पर मौजूद विधायक किशनलाल, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने अधिकारियों से परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने, निष्पक्ष जांच कराने और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायाता दिए की मांग उठाई। इस पर अधिकारियों ने परिजनों से कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखें। न्याय मिलेगा। आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष को संस्तुति भेजने और परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने का मौखिक भरोसा दिया। अधिकारी रात में दस बजे गांव से गए। पीड़िता के पिता ने बताया कि वह सुबह नौ से दस बजे के बीच अंतिम संस्कार कराएंगे। क्योंकि अधिकारियों ने न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
अपराधियों को सजा मिले, तभी मिलेगी हमें शांति
विधायक और पूर्व मंत्री आए थे। राजनीतिक दलों के मेरे परिवार के लिए तीन बातें रखीं। निष्पक्ष जांच, सरकारी नौकरी और दोषियों को सजा देने की मांग थी। इस पर अधिकारी आश्वासन देकर गए हैं पर मैंने तो यही कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैंने यह भी कहा कि क्या आर्थिक मदद से मुझे बेटी वापस मिल जाएगी। मेरी बेटी की जान गई मुझे तो तभी शांति मिलेगी जब अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और घटना का खुलासा हो।
विज्ञापन
पीड़िता का पिता
विज्ञापन
मौके पर मौजूद विधायक किशनलाल, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने अधिकारियों से परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने, निष्पक्ष जांच कराने और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायाता दिए की मांग उठाई। इस पर अधिकारियों ने परिजनों से कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखें। न्याय मिलेगा। आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष को संस्तुति भेजने और परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने का मौखिक भरोसा दिया। अधिकारी रात में दस बजे गांव से गए। पीड़िता के पिता ने बताया कि वह सुबह नौ से दस बजे के बीच अंतिम संस्कार कराएंगे। क्योंकि अधिकारियों ने न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
विज्ञापन
अपराधियों को सजा मिले, तभी मिलेगी हमें शांति
विधायक और पूर्व मंत्री आए थे। राजनीतिक दलों के मेरे परिवार के लिए तीन बातें रखीं। निष्पक्ष जांच, सरकारी नौकरी और दोषियों को सजा देने की मांग थी। इस पर अधिकारी आश्वासन देकर गए हैं पर मैंने तो यही कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैंने यह भी कहा कि क्या आर्थिक मदद से मुझे बेटी वापस मिल जाएगी। मेरी बेटी की जान गई मुझे तो तभी शांति मिलेगी जब अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और घटना का खुलासा हो।
विज्ञापन
पीड़िता का पिता