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मझोला चीनी मिल चलवाने के लिए कैबिनेट से मिली मंजूरी

Thu, 22 Dec 2016 11:14 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Thu, 22 Dec 2016 11:14 PM IST
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A medium to put, to get Chinese approval from Cabinet
मझोला चीनी मिल चलवाने के लिए कैबिनेट से मिली मंजूरी
मझोला स्थित सहकारी चीनी मिल आठ साल बाद पुन: चल सकेगी। बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक में इसके चलवाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। उत्तराखंड से सटे जनपद के कस्बा मझोला में वर्ष 1965-66 में सहकारी चीनी की स्थापना की गई थी। उस समय उत्तराखंड का विभाजन नहीं हुआ था। उत्तराखंड बनने के बाद मिल क्षेत्र के लगभग 162 गांव में से 111 गांव जनपद से निकल गए थे। इस प्रकार मिल क्षेत्र के 111 गांव उत्तराखंड और 51 गांव यूपी में थे। घाटे के कारण वर्ष 2008-2009 में मिल को बंद कर दिया गया। इसके बाद से जनप्रतिनिधियों ने समय समय पर मिल चलाने के वादे और प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। सपा सरकार बनने के बाद क्षेत्रीय विधायक (अब राज्यमंत्री) हेमराज वर्मा ने इस मुद्दे को दो बार विधानसभा में उठाया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी भेंट के दौरान अपने क्षेत्र की इस प्रमुख समस्या को रख मिल को चलवाने की मांग की। इसके बाद मिल चलाने की कवायद शुरू हुई। शासन ने इसके लिए प्रस्ताव मांगा जिसे जिला प्रशासन ने गत वर्ष भेजा था। राज्यमंत्री के प्रयास पर मिल चलवाने का प्रस्ताव कैबिनेट में पहुंचा। जहां शहर विधायक कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद ने इसे स्वीकृति प्रदान कराने में मदद की। परिणाम स्वरूप बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने मिल को लीज पर देकर चलाने को मंजूरी दे दी। मिल चलने का रास्ता साफ होने से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।
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फिर से गुलजार होगा मझोला
आठ साल से मिल बंदी के कारण मझोला का व्यापार एवं विकास ठप हो गया था लेकिन अब मिल चलने का रास्ता साफ होने के साथ ही मझोला कस्बे के भी पुन: गुलजार होने का रास्ता साफ हो गया है। मिल चलने से मझोला एवं इसके आसपास का भी विकास होगा।
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350 परिवार हो गए थे बेरोजगार
वर्ष 2008-2009 में मिल बंद होने से इसमेें काम करने वाले 350 अधिकारी/कर्मचारियों के परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट छा गया था। मिल चलने की उम्मीद क्षीण होते देख अधिकांश लोग दूसरे काम करने लगे थे। बहुत कम कर्मचारी ही यहां मिल चलने के इंतजार में बैठे थे।
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क्षेत्रवासियों से किया वादा हुआ पूरा
चुनाव के समय ही क्षेत्रवासियों विशेष कर मझोला के लोगों से चीनी मिल चलवाने का वादा मैंने किया था। इसका प्रस्ताव तैयार कराने के साथ ही खुद मुख्यमंत्री से मिलकर भी पत्रावली प्रस्तुत की थी। विधानसभा में भी मामले को उठाया। कैबिनेट से मंजूरी मिलने से क्षेत्रवासियों से किया एक और वादा पूरा हुआ।  
हेमराज वर्मा, खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री

कैबिनेट में पास कराकर दिया तोहफा
मझोला की बंद पड़ी मिल चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। कैबिनेट की बैठक में इसे पुरजोर स्वीकृति प्रदान कराई है। प्रदेश सरकार की ओर से क्षेत्रवासियों को यह नये साल का तोहफा है। इससे क्षेत्र का चौमुखी विकास होगा।

- हाजी रियाज अहमद, कैनिबेट मंत्री

मझोला मिल के संचालन को कैबिनेट से मंजूरी की जानकारी मिली है। अभी फेडरेशन की टीम पहुंचकर व्यवस्थाएं देखेगी साथ ही लीज डीड सहित तमाम प्रक्रिया पूरी की जाएंगी। मिल चलने से क्षेत्रवासियों को लाभ होगा।
- मासूम अली सरवर, डीएम
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