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दिनदहाड़े पत्नी को लाठियों से पीटकर मारा डाला
Pilibhit
Updated Sun, 15 Jun 2014 05:33 AM IST
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घुंघचाई। प्रेमी के साथ डेढ़ साल पहले भागी पत्नी के गांव पहुंचने पर 50 वर्षीय अर्थववेद शनिवार की सुबह पड़ोसी के घर से पत्नी 42 रीना देवी को खींच लाया और उसकी लाठियों से पीट-पीट कर हत्या कर दी। रीना देवी लोगों से जान बचाने की भीख मांगती रही, लेकिन अधेड़ के सिर पर खून सवार देख कोई उसे बचाने का साहस नहीं जुटा सका। रीना को मौत के घाट उतारने के बाद अर्थववेद लाठी लेकर पुलिस चौकी पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपी अधेड़ सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। दिनदहाड़े हुई वारदात से लोगों में दहशत फैल गई।
घटना सुबह करीब साढ़े पांच बजे की है। बताया जाता है कि गांव निवासी अर्थववेद की पत्नी रीना देवी करीब डेढ़ साल पहले गांव के एक युवक के साथ भाग गई थी। उस समय तो अर्थववेद ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने बताया कि रीना देवी शुक्रवार की रात गांव पहुंची और पड़ोस के रामशंकर के घर रूकी थी। इसकी जानकारी अर्थववेद को शनिवार को सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई। वह रामशंकर के दरवाजे पर पहुंचा। अर्थववेद ने रीना देवी को घर से बुलाकर गांव आने का विरोध किया। बताते हैं कि तब रीना ने उससे अभद्रता कर रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी और घर के अंदर चली गई। इससे अर्थववेद के सिर पर खून सवार हो गया और वह घर वापस लौट आया। थोड़ी ही देर बाद दोबारा लाठी लेकर रामशंकर के घर पहुंच गया। उसने पहले दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इस पर दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गया और रीना देवी को बाल पकड़ कर सड़क पर खींच लाया। जहां लाठी से उसकी तब तक पिटाई की जब तक उसका दम नहीं निकल गया। घटना को अंजाम देने के बाद अर्थववेद हत्या में प्रयुक्त लाठी लेकर पुलिस चौकी पहुंचा और पत्नी की हत्या का जुर्म स्वीकार कर आत्मसमर्पण कर दिया। अर्थववेद की बात सुनकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। चौकी इंचार्ज राजेश्वर सिंह ने घटना की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी और मौके पर पहुंच गए। सूचना पर एएसपी उदय शंकर, सीओ रमेश बाबू यादव, कोतवाल सूबेदार सिंह यादव भी मौके पर आ गए। एएसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि रीना गांव के राजकुमार के साथ करीब डेढ़ साल पहले भाग गई थी। रात को गांव पहुंची थी और गांव में रहना चाहती थी। अर्थववेद ने इसका विरोध किया। इस पर रीना ने उससे अभद्रता की। इसके चलते अर्थववेद ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मृतका के पिता कोतवाली दियूरिया के गांव सिंधौरा विंदुआ निवासी सुरेंद्र पाल शुक्ला की तहरीर पर अर्थववेद, उसके बड़े भाई राजेश, नरेंद्र और संजीव अग्निहोत्री के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
नाक कटवा ली थी अफसोस काहे का
घुंघचाई। हत्यारोपी अर्थववेद को अपने किए पर पछतावा नहीं था। उसने बताया कि पत्नी ने तो उसकी नाक कटवा ली थी। इसके बाद भी उसने कार्रवाई नहीं की, लेकिन अब वह गांव में आकर रहना चाहती थी। इसका उसने विरोध किया। जब नहीं मानी तो उसकी हत्या कर दी।
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तहरीर के लिए घंटों करना पड़ा इंतजार
घुंघचाई। हत्या की तहरीर को पुलिस को घंटों इंतजार करना पड़ा। मृतका के पिता के पहुंचने पर पुलिस ने घटना की तहरीर देने को कहा। तब शुरू में तो उन्होंने तहरीर देने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में अपने दामाद समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी।
झूठी तहरीर देने पर चीख पड़ा अर्थववेद
पुलिस चौकी की हवालात में बंद अर्थववेद को जब चार लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर देने की जानकारी हुई। तब वह चीख पड़ा और बोला हत्या तो उसने अकेले की है। हत्या के बाद वह तो खुद पुलिस चौकी आ गया।
तेहरे हत्याकांड की याद दिला गई घटना
घुंघचाई। कस्बे में भूमि विवाद को लेकर एक पूर्व फौजी ने करीब छह साल पहले अपने दो भाई और मां की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्यारोपी ने बंदूक के साथ पहुंचकर पुलिस चौकी में अपना आत्म समर्पण कर दिया था।
मां की मौत और पिता को जेल
मां की मौत और पिता का जेल जाना तय होने पर दंपति के बच्चे अनाथ से हो गए। अर्थववेद और रीना की शादी करीब 23 साल पहले हुई थी। अर्थववेद और रीना से पांच संताने हुईं। इसमें सबसे बड़ा पुत्र 20 वर्षीय धीरज हरियाणा में मजदूरी करता है। इससे छोटा वीरेश एक फार्म हाउस में नौकरी करता है। 16 वर्षीय अंचला कक्षा नौ की छात्रा है। बारह वर्षीय शिवम और दस वर्षीय अंजलि घर में ही रहती है।
घटना सुबह करीब साढ़े पांच बजे की है। बताया जाता है कि गांव निवासी अर्थववेद की पत्नी रीना देवी करीब डेढ़ साल पहले गांव के एक युवक के साथ भाग गई थी। उस समय तो अर्थववेद ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने बताया कि रीना देवी शुक्रवार की रात गांव पहुंची और पड़ोस के रामशंकर के घर रूकी थी। इसकी जानकारी अर्थववेद को शनिवार को सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई। वह रामशंकर के दरवाजे पर पहुंचा। अर्थववेद ने रीना देवी को घर से बुलाकर गांव आने का विरोध किया। बताते हैं कि तब रीना ने उससे अभद्रता कर रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी और घर के अंदर चली गई। इससे अर्थववेद के सिर पर खून सवार हो गया और वह घर वापस लौट आया। थोड़ी ही देर बाद दोबारा लाठी लेकर रामशंकर के घर पहुंच गया। उसने पहले दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इस पर दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गया और रीना देवी को बाल पकड़ कर सड़क पर खींच लाया। जहां लाठी से उसकी तब तक पिटाई की जब तक उसका दम नहीं निकल गया। घटना को अंजाम देने के बाद अर्थववेद हत्या में प्रयुक्त लाठी लेकर पुलिस चौकी पहुंचा और पत्नी की हत्या का जुर्म स्वीकार कर आत्मसमर्पण कर दिया। अर्थववेद की बात सुनकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। चौकी इंचार्ज राजेश्वर सिंह ने घटना की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी और मौके पर पहुंच गए। सूचना पर एएसपी उदय शंकर, सीओ रमेश बाबू यादव, कोतवाल सूबेदार सिंह यादव भी मौके पर आ गए। एएसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि रीना गांव के राजकुमार के साथ करीब डेढ़ साल पहले भाग गई थी। रात को गांव पहुंची थी और गांव में रहना चाहती थी। अर्थववेद ने इसका विरोध किया। इस पर रीना ने उससे अभद्रता की। इसके चलते अर्थववेद ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मृतका के पिता कोतवाली दियूरिया के गांव सिंधौरा विंदुआ निवासी सुरेंद्र पाल शुक्ला की तहरीर पर अर्थववेद, उसके बड़े भाई राजेश, नरेंद्र और संजीव अग्निहोत्री के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
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नाक कटवा ली थी अफसोस काहे का
घुंघचाई। हत्यारोपी अर्थववेद को अपने किए पर पछतावा नहीं था। उसने बताया कि पत्नी ने तो उसकी नाक कटवा ली थी। इसके बाद भी उसने कार्रवाई नहीं की, लेकिन अब वह गांव में आकर रहना चाहती थी। इसका उसने विरोध किया। जब नहीं मानी तो उसकी हत्या कर दी।
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तहरीर के लिए घंटों करना पड़ा इंतजार
घुंघचाई। हत्या की तहरीर को पुलिस को घंटों इंतजार करना पड़ा। मृतका के पिता के पहुंचने पर पुलिस ने घटना की तहरीर देने को कहा। तब शुरू में तो उन्होंने तहरीर देने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में अपने दामाद समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी।
झूठी तहरीर देने पर चीख पड़ा अर्थववेद
पुलिस चौकी की हवालात में बंद अर्थववेद को जब चार लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर देने की जानकारी हुई। तब वह चीख पड़ा और बोला हत्या तो उसने अकेले की है। हत्या के बाद वह तो खुद पुलिस चौकी आ गया।
तेहरे हत्याकांड की याद दिला गई घटना
घुंघचाई। कस्बे में भूमि विवाद को लेकर एक पूर्व फौजी ने करीब छह साल पहले अपने दो भाई और मां की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्यारोपी ने बंदूक के साथ पहुंचकर पुलिस चौकी में अपना आत्म समर्पण कर दिया था।
मां की मौत और पिता को जेल
मां की मौत और पिता का जेल जाना तय होने पर दंपति के बच्चे अनाथ से हो गए। अर्थववेद और रीना की शादी करीब 23 साल पहले हुई थी। अर्थववेद और रीना से पांच संताने हुईं। इसमें सबसे बड़ा पुत्र 20 वर्षीय धीरज हरियाणा में मजदूरी करता है। इससे छोटा वीरेश एक फार्म हाउस में नौकरी करता है। 16 वर्षीय अंचला कक्षा नौ की छात्रा है। बारह वर्षीय शिवम और दस वर्षीय अंजलि घर में ही रहती है।