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चुनाव खत्म, आंकड़ेबाजी का खेल शुरू
Pilibhit
Updated Fri, 18 Apr 2014 05:34 AM IST
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पीलीभीत। लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनने को मतदान की प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही आंकड़ेबाजी का खेल शुरू हो गए। हर कोई अपने हिसाब से गुणा भाग कर अपने प्रत्याशी को जीताने में लगा हुआ है। वहीं कुछ अपनी हकीकत का अंदाजा लगाकर खामोश होकर घर बैठ गए हैं।
लोकसभा चुनाव में उतरे सभी 12 प्रत्याशी एवं उनके कार्यकर्ता पिछले एक माह से दिनरात एक किए हुए थे। मतदान की तारीख जितना निकट आ रही थी प्रचार में उतनी ही तेजी आ रही थी। गुरुवार को सभी प्रत्याशी एवं कार्यकर्ता एक एक वोट को बूथ तक पहुंचाने का प्रयास करते दिखे। शाम को चुनाव समाप्त होने के बाद सभी ने राहत महसूस की। लेकिन उनका काम यहां खत्म नहीं हुआ। प्रचार के बाद आंकड़ेबाजी का खेल शुरू हो गया है। पार्टी कार्यालय पर पहुंच रहे कार्यकर्ता और पोलिंग अभिकर्ता बस अपनी ही हवा होने का दावा कर रहे हैं। हमारे बूथ पर दूसरे प्रत्याशी का नाम तक नहीं लिया, हमारे यहां तो बस अपनी की लाइनें लगी थीं। अरे जिस बूथ पर हम थे वहां दूसरेां के बिस्तर खाली पड़े रहे। अभिकर्ताओं की बयानबाजी के साथ ही कुछ लोग गंभीर मुद्रा में बैठक गुणा भाग करने में जुटे हुए हैं। कमोवेश यही हाल गली मोहल्लों का है। हर आने वाले से यही सवाल किए जा रहे है क्या माहौल है, किसी हवा है। कौन जीत रहा है।
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लोकसभा चुनाव में उतरे सभी 12 प्रत्याशी एवं उनके कार्यकर्ता पिछले एक माह से दिनरात एक किए हुए थे। मतदान की तारीख जितना निकट आ रही थी प्रचार में उतनी ही तेजी आ रही थी। गुरुवार को सभी प्रत्याशी एवं कार्यकर्ता एक एक वोट को बूथ तक पहुंचाने का प्रयास करते दिखे। शाम को चुनाव समाप्त होने के बाद सभी ने राहत महसूस की। लेकिन उनका काम यहां खत्म नहीं हुआ। प्रचार के बाद आंकड़ेबाजी का खेल शुरू हो गया है। पार्टी कार्यालय पर पहुंच रहे कार्यकर्ता और पोलिंग अभिकर्ता बस अपनी ही हवा होने का दावा कर रहे हैं। हमारे बूथ पर दूसरे प्रत्याशी का नाम तक नहीं लिया, हमारे यहां तो बस अपनी की लाइनें लगी थीं। अरे जिस बूथ पर हम थे वहां दूसरेां के बिस्तर खाली पड़े रहे। अभिकर्ताओं की बयानबाजी के साथ ही कुछ लोग गंभीर मुद्रा में बैठक गुणा भाग करने में जुटे हुए हैं। कमोवेश यही हाल गली मोहल्लों का है। हर आने वाले से यही सवाल किए जा रहे है क्या माहौल है, किसी हवा है। कौन जीत रहा है।
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