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शारदा का जलस्तर घटा, कटान बंद
Pilibhit
Updated Thu, 21 Aug 2014 05:30 AM IST
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माधोटांडा। शारदा नदी का जलस्तर काफी घट गया है जिससे फिलहाल कटान नहीं हो रहा है। पानी कम होने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली हैं। वहीं पिछले दिनों आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का आंकलन न होने से किसानों में नाराजगी है।
पहाड़ों पर बारिश के कारण पिछले दिनों शारदा का जलस्तर एकाएक काफी बढ़ गया था जिससे रमनगरा क्षेत्र के दर्जनों गांव में बाढ़ की स्थिति बन गई थी। नौजल्हा नंबर दो में मंगलवार को भी कटान जारी रहा। लेकिन बुधवार को नदी का जलस्तर काफी घट गया। इससे जहां कटान बंद हो गया वहीं बाढ़ का खतरा भी फिलहाल टल गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन बारिश के बाद जलस्तर फिर बढ़ने की चिंता उन्हें अभी भी सता रही है। उधर बाढ़ के कारण रमनगरा क्षेत्र में गन्ना व धान की सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो गई। पिछले दिनों यहां भ्रमण को पहुंचे डीएम ने फसलों की क्षति का आंकलन कर मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक लेखपाल व कानूनगो ने फसलों की क्षति का आंकलन नहीं किया है। इस पर ग्रामीणों ने डीएम से फसलों का आंकलन कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
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पहाड़ों पर बारिश के कारण पिछले दिनों शारदा का जलस्तर एकाएक काफी बढ़ गया था जिससे रमनगरा क्षेत्र के दर्जनों गांव में बाढ़ की स्थिति बन गई थी। नौजल्हा नंबर दो में मंगलवार को भी कटान जारी रहा। लेकिन बुधवार को नदी का जलस्तर काफी घट गया। इससे जहां कटान बंद हो गया वहीं बाढ़ का खतरा भी फिलहाल टल गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन बारिश के बाद जलस्तर फिर बढ़ने की चिंता उन्हें अभी भी सता रही है। उधर बाढ़ के कारण रमनगरा क्षेत्र में गन्ना व धान की सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो गई। पिछले दिनों यहां भ्रमण को पहुंचे डीएम ने फसलों की क्षति का आंकलन कर मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक लेखपाल व कानूनगो ने फसलों की क्षति का आंकलन नहीं किया है। इस पर ग्रामीणों ने डीएम से फसलों का आंकलन कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
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