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..अब जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में भी डेंगू के लक्षण
Updated Mon, 15 Oct 2018 11:42 PM IST
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..अब जिला अस्पताल की रिपोर्ट में भी विधायक को डेंगू के लक्षण
बीसलपुर विधायक को आननफानन में पीजीआई लखनऊ किया रेफर
जिला अस्पताल में कार्ड से की दो जांच में निगेटिव, तीसरी में निकला डेंगू पॉजिटिव
विधायक की प्राइवेट लैब और जिला अस्पताल में रक्त जांच के अंतर का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा के बीसलपुर की निजी पैथोलॉजी लैब से कराई गई खून की जांच में पाए गए जिस संभावित डेंगू के लक्षण को जिला अस्पताल प्रशासन अपनी दो जांच रिपोर्ट में झुठलाता रहा था, वही अस्पताल प्रशासन सोमवार को कराई तीसरी जांच रिपोर्ट को देख बैकफुट पर आ गया। जिला अस्पताल में विधायक के ब्लड सैंपल की सोमवार को कराई जांच में डेंगू के संभावित लक्षण मिले तो हड़कंप मच गया। आननफानन में जिला अस्पताल प्रशासन ने अपनी गर्दन बचाने को विधायक को लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया। इस घटना के बाद अब जिला अस्पताल से होने वाली जांच रिपोर्ट पर भी सवालिया निशान लग गया है। यही वजह है कि विभाग के अधिकारी अपनी गलती पर पर्दा डालने के लिए गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
बीसलपुर के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा ने रविवार दोपहर तेज बुखार आने पर बीसलपुर के निजी डॉक्टर की सलाह पर जाह्नवी पैथोलॉजी लैब में एनएस-1 कार्ड से अपने खून की जांच कराई थी। लैब से जो जांच आई उसमें डेंगू पॉजीटिव आया। इससे वह हैरत में पड़ गए। विधायक को रविवार शाम परिवारवालों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद उनका तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया था। फौरी तौर पर विधायक का ब्लड सैंपल लेकर सीएमएस ने अपनी मौजूदगी में कार्ड से ही जांच कराई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक देर रात तक दो बार ब्लड सैंपल की जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। रविवार को जिला अस्पताल वाले निजी लैब की जांच रिपोर्ट को गलत ठहराते रहे। एक ब्लड की दो तरह की जांच रिपोर्ट को लेकर असमंजस बना रहा। सोमवार सुबह विधायक की तबीयत में कोई खास सुधार नहीं होने पर तीसरी बार फिर ब्लड सैंपल लिया गया। इस बार ब्लड की जांच में डेंगू पॉजिटिव आते ही चिकित्सकों के हाथ पांव फूल गए। आननफानन में विधायक को एंबुलेंस से पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया।
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आम आदमी के साथ क्या होता होगा
विधायक रामसरन वर्मा की रक्त जांच को लेकर जब जिला अस्पताल प्रशासन भ्रमित रहा तो ऐसे में सामान्य मरीजों की जांच के नाम पर यहां किस कदर खिलवाड़ होता हो, यह समझा जा सकता है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी अभी भी झेंप छुड़ाने को जिला अस्पताल में हुई दोनों ही जांच रिपोर्ट को सही ठहरा रहे हैं। दूसरी ओर सरकारी सिस्टम के निशाने पर आए निजी लैब प्रबंधन को इस स्थिति से संजीवनी मिल गई है। जाह्नवी लैब के संचालक संकेत गुप्ता का कहना था कि विधायक रामसरन वर्मा के ब्लड सैंपल की जांच मैंने खुद की थी। जांच में डेंगू पॉजीटिव पाया तो वहीं बात लिखी। ऐसे में रिपोर्ट गलत होने का मतलब ही नहीं बनता। किट से की गई जांच में गलती तो संभव है पर पर मुझे भरोसा था कि जिला अस्पताल की जांच गलत हो सकती है उनके लैब की नहीं।
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रविवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में कार्ड से ही विधायक रामसरन वर्मा के ब्लड सैंपल की जांच कराई गई थी। दो बार हुई जांच में डेंगू निगेटिव निकला था। सोमवार को फिर सैंपल की जांच कराई गई तो डेंगू पॉजिटिव निकला। रविवार को हुई जांच रिपोर्ट भी ठीक है और सोमवार को हुई जांच रिपोर्ट भी। डेंगू के लक्षण पाए जाने के पूर्ण पुष्टि को विधायक जी के ब्लड का सैंपल लेकर बरेली जिला अस्पताल में एलाइजा टेस्ट के लिए भेजा जाना था लेकिन बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिहाज से सुबह एंबुलेंस से उन्हें पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया है। निजी लैब की रविवार की आई जांच रिपोर्ट ठीक थी या गलत, इस संबंध में मुझे कुछ नहीं कहना है। - डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस
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..अब जिला अस्पताल की रिपोर्ट में भी विधायक को डेंगू के लक्षण
बीसलपुर विधायक को आननफानन में पीजीआई लखनऊ किया रेफर
जिला अस्पताल में कार्ड से की दो जांच में निगेटिव, तीसरी में निकला डेंगू पॉजिटिव
विधायक की प्राइवेट लैब और जिला अस्पताल में रक्त जांच के अंतर का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा के बीसलपुर की निजी पैथोलॉजी लैब से कराई गई खून की जांच में पाए गए जिस संभावित डेंगू के लक्षण को जिला अस्पताल प्रशासन अपनी दो जांच रिपोर्ट में झुठलाता रहा था, वही अस्पताल प्रशासन सोमवार को कराई तीसरी जांच रिपोर्ट को देख बैकफुट पर आ गया। जिला अस्पताल में विधायक के ब्लड सैंपल की सोमवार को कराई जांच में डेंगू के संभावित लक्षण मिले तो हड़कंप मच गया। आननफानन में जिला अस्पताल प्रशासन ने अपनी गर्दन बचाने को विधायक को लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया। इस घटना के बाद अब जिला अस्पताल से होने वाली जांच रिपोर्ट पर भी सवालिया निशान लग गया है। यही वजह है कि विभाग के अधिकारी अपनी गलती पर पर्दा डालने के लिए गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
बीसलपुर के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा ने रविवार दोपहर तेज बुखार आने पर बीसलपुर के निजी डॉक्टर की सलाह पर जाह्नवी पैथोलॉजी लैब में एनएस-1 कार्ड से अपने खून की जांच कराई थी। लैब से जो जांच आई उसमें डेंगू पॉजीटिव आया। इससे वह हैरत में पड़ गए। विधायक को रविवार शाम परिवारवालों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद उनका तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया था। फौरी तौर पर विधायक का ब्लड सैंपल लेकर सीएमएस ने अपनी मौजूदगी में कार्ड से ही जांच कराई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक देर रात तक दो बार ब्लड सैंपल की जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। रविवार को जिला अस्पताल वाले निजी लैब की जांच रिपोर्ट को गलत ठहराते रहे। एक ब्लड की दो तरह की जांच रिपोर्ट को लेकर असमंजस बना रहा। सोमवार सुबह विधायक की तबीयत में कोई खास सुधार नहीं होने पर तीसरी बार फिर ब्लड सैंपल लिया गया। इस बार ब्लड की जांच में डेंगू पॉजिटिव आते ही चिकित्सकों के हाथ पांव फूल गए। आननफानन में विधायक को एंबुलेंस से पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया।
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आम आदमी के साथ क्या होता होगा
विधायक रामसरन वर्मा की रक्त जांच को लेकर जब जिला अस्पताल प्रशासन भ्रमित रहा तो ऐसे में सामान्य मरीजों की जांच के नाम पर यहां किस कदर खिलवाड़ होता हो, यह समझा जा सकता है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी अभी भी झेंप छुड़ाने को जिला अस्पताल में हुई दोनों ही जांच रिपोर्ट को सही ठहरा रहे हैं। दूसरी ओर सरकारी सिस्टम के निशाने पर आए निजी लैब प्रबंधन को इस स्थिति से संजीवनी मिल गई है। जाह्नवी लैब के संचालक संकेत गुप्ता का कहना था कि विधायक रामसरन वर्मा के ब्लड सैंपल की जांच मैंने खुद की थी। जांच में डेंगू पॉजीटिव पाया तो वहीं बात लिखी। ऐसे में रिपोर्ट गलत होने का मतलब ही नहीं बनता। किट से की गई जांच में गलती तो संभव है पर पर मुझे भरोसा था कि जिला अस्पताल की जांच गलत हो सकती है उनके लैब की नहीं।
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रविवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में कार्ड से ही विधायक रामसरन वर्मा के ब्लड सैंपल की जांच कराई गई थी। दो बार हुई जांच में डेंगू निगेटिव निकला था। सोमवार को फिर सैंपल की जांच कराई गई तो डेंगू पॉजिटिव निकला। रविवार को हुई जांच रिपोर्ट भी ठीक है और सोमवार को हुई जांच रिपोर्ट भी। डेंगू के लक्षण पाए जाने के पूर्ण पुष्टि को विधायक जी के ब्लड का सैंपल लेकर बरेली जिला अस्पताल में एलाइजा टेस्ट के लिए भेजा जाना था लेकिन बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिहाज से सुबह एंबुलेंस से उन्हें पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया है। निजी लैब की रविवार की आई जांच रिपोर्ट ठीक थी या गलत, इस संबंध में मुझे कुछ नहीं कहना है। - डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस