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सड़क पर आया बाघ, ट्रैफिक थमा और बढ़ गईं धड़कनें

Sat, 21 Jul 2018 12:22 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत Updated Sat, 21 Jul 2018 12:22 AM IST
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सड़क पर आया बाघ, ट्रैफिक थमा और बढ़ गईं धड़कनें
टाइगर file pic
मझोला-दियूनीडैम मार्ग पर सूरजपुर मोड़ के पास झाड़ियों से निकलकर एक बाघ सड़क पर बैठ गया। इसके बाद वाहनों के पहिए जाम हो गए और लोगों की धड़कनें तेज हो गई। करीब बीस मिनट तक सड़क पर बैठे रहने के बाद बाघ वापस झाड़ियों की तरफ चला गया। तब जाकर राहगीर डरते-डरते निकले। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की निगरानी टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। इस दौरान बाघ के पदचिह्न ट्रेस किए गए हैं।
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जंगल से दूर अमरिया तहसील क्षेत्र में कई सालों से बाघ और शावकों के साथ घूम रही बाघिन लोगों की मुसीबत बनी हुई है। आए दिन वन्यजीवों की दस्तक से लोगों का खेतों पर काम करने के लिए जाना और अंधेरा होने पर घरों से निकलना दूभर हो चुका है। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे दियूनीडैम-मझोला मार्ग पर बाघ की दस्तक ने राहगीरों के पसीने छुड़ा दिए। कैमोर गांव निवासी पूर्व प्रधान मंगली प्रसाद ने बताया कि वह दियूनी डैम के इंचार्ज विजेंद्र कुमार के साथ बाइक से घर आ रहे थे। सूरजपुर मोड़ के पास पहुंचते ही झाड़ियों से निकलकर एक बाघ सड़क पर आकर बैठ गया। इसके बाद उन्होंने बाइक रोकी और पीछे हट गए। दोनों तरफ से आ रहे करीब 35 अन्य राहगीर भी बाघ से पांच सौ मीटर की दूरी पर चुपचाप खड़े हो गए। इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग की निगरानी टीम में शामिल अपने बेटे चेतन कुमार को दी। इसके बाद चेतन ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचा, लेकिन इससे पहले ही बाघ वापस झाड़ियों की तरफ चला गया। इस दौरान बाघ करीब बीस मिनट पर सड़क के बीच बैठा रहा। सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह वन विभाग की निगरानी टीम के अवनेश गंगवार, मुस्ताक अहमद मौके पर पहुंचे और पदचिह्न ट्रेस किए। उन्होंने बताया कि बाघ की मौजूदगी का पता लगने पर स्थानीय लोगों को अलर्ट कर दिया गया है।
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बाघ को देख मजदूर ने लगा दी नहर में छलांग
भगतनिया फार्म के पास भी बाघ दिखाई दिया। फार्मर सौदागर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े सात बजे को उनका नौकर सलीम खेत पर चल रही मोटर का इंजन बंद करने के लिए गया था। इंजन बंद करने के बाद उसको सामने के गन्ने के खेत में बाघ खड़ा दिखाई दिया। इस पर वह पास की नहर में कूद गया और तैरकर दूसरी तरफ पहुंच गया। बाद में दौड़ते हुए फार्म हाउस पर आया और गश खाकर गिर गया। उसको किसी तरह होश में लाया गया जिसके बाद उसने पूरी बात बताई। शुक्रवार को वन विभाग की निगरानी टीम ने भगतनिया फार्म पर पहुंचकर भी पड़ताल की है।
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गिधौर गांव में भी मिले बाघ के पगचिह्न
मझोला। गिधौर गांव के निवासी फार्मर सरदूल सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को वह अपने भाई सुखविंदर के साथ धान के खेत में खाद डालकर आए थे। इसके बाद शुक्रवार सुबह दुबारा मजदूरों के साथ खेत पर पहुंचे तो बाघ के पगचिह्न खेत पर दिखाई दिए। पास के गन्ने के खेतों में बाघ के होने की आशंका प्रतीत होने पर सभी वापस आ गए। इसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी गई, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
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