{"_id":"590f18dd4f1c1bdc55850c27","slug":"775-toilets-to-be-made-daily-to-make-villages-odf","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों को ओडीएफ करने को रोज बनाने होंगे 775 शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों को ओडीएफ करने को रोज बनाने होंगे 775 शौचालय
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 07 May 2017 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले को ओडीएफ घोषित करने के लिए 31 दिसंबर तक समय सीमा निर्धारित की गई है, लेकिन मात्र 225 दिनों में 1.63 लाख शौचालय बनाना टेढ़ी खीरहै। खास बात यह है कि शासन से अभी तक मात्र पांच हजार शौचालयों की धनराशि मिली है, जिस पर काम चल रह है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को खुले में शौच से मुक्त किया जाना है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में 31 दिसंबर 2017 तक कर समय सीमा तय की गई थी। इसके लिए अगर आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2012 में हुए सर्वे के अनुसार जिले में 349316 शौचालय बनने थे। इसमें से अब तक 187352 बन चुके हैं जबकि 163826 अभी शेष हैं। इन शेष लगभग 1.63 लाख शौचालय बनाने के लिए मात्र 225 दिन शेष हैं। एक तो समय के अनुरूप लक्ष्य काफी अधिक है दूसरा सबसे खास बात यह है कि इन शौचालयों के लिए अभी तक शासन ने धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। पिछले माह लगभग पांच हजार शौचालयों के लिए सात करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी। इन धनराशि को सूची के अनुरूप गांव को आवंटित कर 20 मई तक शौचालय निर्माण पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में इन शौचालयों का निर्माण चल रहा है।
विज्ञापन