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शाहगढ़ रेलवे लाइन किनारे रातों रात काटे सागौन के 70 पेड़, अफसरों में हड़कंप
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पूरनपुर। वन एवं वन्य जीव प्रभाग के शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के पास सागौन के करीब 70 पेड़ों का रातों-रात सफाया कर दिया। जानकारी मिलने पर विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। रेंजर के नेतृत्व में टीम ने छापा मारकर नगर के नखासा बाजार से 24 बोटें बरामद कर दो लोगों के खिलाफ केस काटा है।
रेलवे लाइन किनारे वन्य एवं वन्य जीव प्रभाग ने सालों पहले सागौन के पौधों का रोपण किया था। ये पेड़ अब बड़े और मोटे हो गए थे। अब इन पर लकड़कट्टों की नजर पड़ गई। शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के समीप तक लकड़ कट्टों ने सागौन के तमाम पेड़ों का सफाया कर दिया। इसकी भनक लगने पर वन एवं वन्य जीव प्रभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। दो दिन पहले काटे गए कुछ पेड़ों को शेरपुर रोड स्थित एक आरा मशीन पर चिरान को ले जाया गया था। इसकी सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार को रेंजर अयूब हसन के नेतृत्व में टीम ने आरा मशीन के पास पड़े कई बोटें बरामद कर लिए। इस कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया। लकड़ी व्यापार से जुड़े लोगों में रेलवे लाइन किनारे करीब 70 पेड़ कटने की चर्चा है। मामले में सही से जांच हुई तो वन एवं वन्य जीव के अफसर और कर्मचारियों का फंसना भी तय है।
माफियाओं की लकड़ी पहले होता है चिरान
लकड़कट्टों का पूरनपुर से लेकर सेहरामऊ उत्तरी तक पूरा गैंग है। लकड़ी माफिया वन विभाग के अफसरों से सांठगांठ कर हरे-भरे वृक्षों के कटान का परमिट हासिल कर लेते हैं। कम पेड़ों के परमिट की आड़ में अधिक पेड़ों को काटकर पूरे इलाके का सफाया कर देते हैं। यही नहीं आरा मशीनों पर माफियाओं की पहुंचने वाली लकड़ी के लट्ठों से पहले ऊपरी बक्कल को हटाया जाता है। प्राथमिकता पर पहले चिरान किया जाता है। ताकि कहीं भनक लगने पर मामला पकड़ न जाए।
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रेलवे लाइन किनारे वन एवं वन्य जीव प्रभाग की ओर से बरसों पहले सागौन का पौधरोपण किया गया था। पेड़ मोटे हो गए थे। बुधवार की रात गांव महादिया के समीप से चार पेड़ों का सफाया किया गया है। इनकी 24 बोटें नखासा बाजार से बरामद की गईं। नगर निवासी खुर्शीद और इरफान के खिलाफ केस काटा गया है।- अय्यूब हसन, रेंजर
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रेलवे लाइन किनारे वन्य एवं वन्य जीव प्रभाग ने सालों पहले सागौन के पौधों का रोपण किया था। ये पेड़ अब बड़े और मोटे हो गए थे। अब इन पर लकड़कट्टों की नजर पड़ गई। शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के समीप तक लकड़ कट्टों ने सागौन के तमाम पेड़ों का सफाया कर दिया। इसकी भनक लगने पर वन एवं वन्य जीव प्रभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। दो दिन पहले काटे गए कुछ पेड़ों को शेरपुर रोड स्थित एक आरा मशीन पर चिरान को ले जाया गया था। इसकी सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार को रेंजर अयूब हसन के नेतृत्व में टीम ने आरा मशीन के पास पड़े कई बोटें बरामद कर लिए। इस कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया। लकड़ी व्यापार से जुड़े लोगों में रेलवे लाइन किनारे करीब 70 पेड़ कटने की चर्चा है। मामले में सही से जांच हुई तो वन एवं वन्य जीव के अफसर और कर्मचारियों का फंसना भी तय है।
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माफियाओं की लकड़ी पहले होता है चिरान
लकड़कट्टों का पूरनपुर से लेकर सेहरामऊ उत्तरी तक पूरा गैंग है। लकड़ी माफिया वन विभाग के अफसरों से सांठगांठ कर हरे-भरे वृक्षों के कटान का परमिट हासिल कर लेते हैं। कम पेड़ों के परमिट की आड़ में अधिक पेड़ों को काटकर पूरे इलाके का सफाया कर देते हैं। यही नहीं आरा मशीनों पर माफियाओं की पहुंचने वाली लकड़ी के लट्ठों से पहले ऊपरी बक्कल को हटाया जाता है। प्राथमिकता पर पहले चिरान किया जाता है। ताकि कहीं भनक लगने पर मामला पकड़ न जाए।
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रेलवे लाइन किनारे वन एवं वन्य जीव प्रभाग की ओर से बरसों पहले सागौन का पौधरोपण किया गया था। पेड़ मोटे हो गए थे। बुधवार की रात गांव महादिया के समीप से चार पेड़ों का सफाया किया गया है। इनकी 24 बोटें नखासा बाजार से बरामद की गईं। नगर निवासी खुर्शीद और इरफान के खिलाफ केस काटा गया है।- अय्यूब हसन, रेंजर