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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   68 years received the title of the train station , just perfect !

68 सालों में मिला सिर्फ आदर्श रेलवे स्टेशन का खिताब!

Fri, 27 Nov 2015 11:31 PM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Fri, 27 Nov 2015 11:31 PM IST
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जिले में रेलवे की स्थिति का जिक्र करें तो यहां आजादी के 68 सालों में सिर्फ आदर्श रेलवे जंक्शन होने का खिताब मिल सका है। केंद्र व प्रदेश की सत्ता में शामिल रहे नेताओं के प्रयासों ने जिलेवासियों की तीन दशक पुरानी मांग बड़ी रेल लाइन को मंजूरी तो दिला दी, लेकिन यह मांग भी एक दशक से पूरा होने का इंतजार कर रही है।

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यूं टूटती रही उम्मीदें
तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने भोजीपुरा-टनकपुर रेल लाइन का आमान परिवर्तन कराने की घोषणा की। इससे जिलेवासियों को लगा कि बड़ी रेल लाइन मिलने से जिले का विकास होगा। आमान परितर्वन का कार्य भी शुरू हुआ, लेकिन सात साल गुजरने के बाद भी बड़ी रेल लाइन का सफर लोगों को नसीब नहीं हो सका।
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रेल बजट में पीलीभीत को आदर्श रेलवे स्टेशन घोषित किया गया। इसमें प्लेटफार्म का उच्चीकरण, भोजनालय का आधुनिकीकरण समेत तमाम काम कराए जाने थे। लेकिन उस दौरान बजट न आने की वजह से यह सपना सच न हो सका।
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पीलीभीत-ऐशबाग रेल मार्ग पर आमान परिवर्तन को मंजूरी मिली। इस रेल मार्ग को तीन फेज में बांटकर कार्य भी शुरू किया गया, लेकिन यहां भी जमीनी काम के अलावा कोई बड़ा कार्य होता नजर नहीं आ रहा है।

मूलभूत सुविधाएं भी नाकाफी
आजादी के बाद मिलने वाली सुविधाओं का आंकलन करें तो रेलवे की आमदनी के लिहाज से यहां यात्रियों को सुविधाएं मिल सकीं हैं। नतीजतन पेयजल, खानपान व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं।


फिर से बंधी उम्मीद
जिलेवासियों की उम्मीदें अभी भी टूटी नहीं हैं। उन्हें इस बार भी उम्मीद हैं कि दो-दो केंद्रीय मंत्री के आने से रेलवे के लड़खड़ाते कार्यों को सहारा मिलेगा। साथ ही मूलभूत जरूरतों का कोई तोहफा भी मिल सकेगा।

किसने कब की पैरवी
सबसे पहले सांसद भानुप्रताप सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष बड़ी रेल लाइन का सवाल उठाया था।
पूर्व भाजपा सांसद स्व. परशुराम गंगवार ने न सिर्फ इस सवाल को उठाया, बल्कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के समक्ष इस मसले को भी रखा।
पूर्व स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. विनोद तिवारी ने रेल मंत्रालय को पत्र भेजकर बड़ी लाइन के लिए प्रयास किए।
केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव के समक्ष बड़ी रेल लाइन का प्रस्ताव रखा।

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