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खेत पर बाघिन देख छिलाई छोड़ भागे मजदूर
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शोर-शराबा और आग जलाकर किया बचाव
महुआ गांव में नहीं थम रही बाघिन की दहशत
गजरौला/पीलीभीत। गजरौला क्षेत्र के अंतर्गत महुआ गांव की सीमा में चहलकदमी कर रही बाघिन की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार सुबह महुआ गांव की सीमा में किसान जगन्नाथ के खेत पर मजदूर गन्ने की छिलाई कर रहे थे। गन्ने के अंदर बैठी बाघिन देखते ही मजदूरों के होश उड़ गए। आननफानन में मजदूरों ने जान बचाने को वहां से दौड़ लगा दी। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद मजदूरों ने शोरशराबा किया और आग जलाई। सूचना के बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई।
माला रेंज से बाहर गजरौला क्षेत्र के महुआ गांव की सीमा क्षेत्र में एक माह पूर्व से बाघिन की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। यहां गांव की सीमा क्षेत्र में खेत पर कार्य कर रहे दो मजदूरों पर हमलावर होने के बाद से ही बाघिन शावकों के साथ गांव की सीमा क्षेत्र में ही घूम रही है। इधर बुधवार सुबह गांव की सीमा में स्थित किसान जगन्नाथ के खेत पर गांव के ही रामौतार, शांति स्वरूप, इंद्रजीत और संतराम मजदूरी कार्य पर गन्ने की छिलाई कर रहे थे। बाहरी हिस्से की छिलाई हो जाने के बाद मजदूरों के अंदर की ओर बढ़ते ही नजर वहां बैठी बाघिन पर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। आननफानन में जान बचाने को मजदूरों ने दौड़ लगा दी। कुछ दूरी पर पहुंचते ही शोर-शराबा किया और आग जलाई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक बाघिन की लोकेशन नहीं दिखाई दी। एकत्र हुए ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी की। माला रेंजर डीके श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना के बाद वनकर्मियों ने मौका मुआयना किया है, लेकिन खेत की मिट्टी पक्की होने के कारण पगचिह्न ट्रेस नहीं हो सके है। गन्ने में देखे जाने के चलते किसानों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
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महुआ गांव में नहीं थम रही बाघिन की दहशत
गजरौला/पीलीभीत। गजरौला क्षेत्र के अंतर्गत महुआ गांव की सीमा में चहलकदमी कर रही बाघिन की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार सुबह महुआ गांव की सीमा में किसान जगन्नाथ के खेत पर मजदूर गन्ने की छिलाई कर रहे थे। गन्ने के अंदर बैठी बाघिन देखते ही मजदूरों के होश उड़ गए। आननफानन में मजदूरों ने जान बचाने को वहां से दौड़ लगा दी। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद मजदूरों ने शोरशराबा किया और आग जलाई। सूचना के बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई।
माला रेंज से बाहर गजरौला क्षेत्र के महुआ गांव की सीमा क्षेत्र में एक माह पूर्व से बाघिन की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। यहां गांव की सीमा क्षेत्र में खेत पर कार्य कर रहे दो मजदूरों पर हमलावर होने के बाद से ही बाघिन शावकों के साथ गांव की सीमा क्षेत्र में ही घूम रही है। इधर बुधवार सुबह गांव की सीमा में स्थित किसान जगन्नाथ के खेत पर गांव के ही रामौतार, शांति स्वरूप, इंद्रजीत और संतराम मजदूरी कार्य पर गन्ने की छिलाई कर रहे थे। बाहरी हिस्से की छिलाई हो जाने के बाद मजदूरों के अंदर की ओर बढ़ते ही नजर वहां बैठी बाघिन पर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। आननफानन में जान बचाने को मजदूरों ने दौड़ लगा दी। कुछ दूरी पर पहुंचते ही शोर-शराबा किया और आग जलाई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक बाघिन की लोकेशन नहीं दिखाई दी। एकत्र हुए ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी की। माला रेंजर डीके श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना के बाद वनकर्मियों ने मौका मुआयना किया है, लेकिन खेत की मिट्टी पक्की होने के कारण पगचिह्न ट्रेस नहीं हो सके है। गन्ने में देखे जाने के चलते किसानों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
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