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मंदिर में कल्याण मंदिर स्त्रोत विधान आयोजित
Updated Mon, 21 May 2018 12:36 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
धरणेंद्र पदमावती धाम जैन मंदिर में कल्याण मंदिर स्त्रोत विधान का आयोजन किया। इसमें आर्यिका 105 सरस्वती माता जी ने कहा विधान में भाग लेकर अर्घ्य चढ़ाने से मनुष्य को संकट से मुक्ति मिलती है।
नगर में बड़ागांव मार्ग पर निर्भय एंकलेव स्थित धरणेंद्र पदमावती धाम जैन मंदिर में रविवार को गर्णिनी आर्यिका 105 सरस्वती माता जी के ससंघ सानिध्य में कल्याण मंदिर स्त्रोत विधान का आयोजन किया । इस विधान का शुभारंभ गणोकार मंत्र के साथ हुआ। विधानाचार्य श्री राज कुमार जैन दिल्ली ने विधान की क्रियाएं कराई। सुबह आठ बजे भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा अर्चना की । सुबह नौ बजे ऋषभ जैन दिल्ली ने ध्वजारोहण किया। चित्र अनावरण श्रीमति कविता जैन, पुनीत जैन दिल्ली, दीप प्रज्वलन सुधीर जैन, मीनाक्षी जैन सपरिवार दिल्ली ने किया।
विधान के दौरान भगवान शांतिनाथ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा और माहौल भगवान शांति नाथ मय होकर रह गया। श्रद्धालुओं ने आर्यिका 105 सरस्वती माता जी से आशीर्वाद लिया। विधान में सरस्वती माता जी ने कहा कि यह विधान रिद्वी सिद्वी प्राप्त करने के लिए हैं। जो लोग आस्था के साथ इस विधान में भाग लेते हैं। उनको संकट से मुक्ति मिल जाती है और सभी मनोकामना पूर्ण होती है। सच्चे मन से भक्ति से ही मनुष्य को शक्ति की प्राप्ति होती है। मनुष्य को सदैव धर्म मार्ग पर चल अपने जीवन को कष्ट मुक्त कर सार्थक बनाना चाहिए। विधान में दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, बड़ौत, बागपत, सहारनपुर आदि स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने भाग ले धर्म लाभ उठाया। इस दौरान जनेश्वर दयाल जैन, संजय जैन, पवन कुमार जैन, कमल जैन, शिखर चंद जैन, श्रेयांस कुमार जैन, चक्रेश जैन, कंवर सेन जैन, मोहित जैन, संदीप जैन, संजीव जैन, मनोज कुमार जैन, महेश जैन, नरेश चंद जैन, अशोक जैन आदि रहे।
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धरणेंद्र पदमावती धाम जैन मंदिर में कल्याण मंदिर स्त्रोत विधान का आयोजन किया। इसमें आर्यिका 105 सरस्वती माता जी ने कहा विधान में भाग लेकर अर्घ्य चढ़ाने से मनुष्य को संकट से मुक्ति मिलती है।
नगर में बड़ागांव मार्ग पर निर्भय एंकलेव स्थित धरणेंद्र पदमावती धाम जैन मंदिर में रविवार को गर्णिनी आर्यिका 105 सरस्वती माता जी के ससंघ सानिध्य में कल्याण मंदिर स्त्रोत विधान का आयोजन किया । इस विधान का शुभारंभ गणोकार मंत्र के साथ हुआ। विधानाचार्य श्री राज कुमार जैन दिल्ली ने विधान की क्रियाएं कराई। सुबह आठ बजे भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा अर्चना की । सुबह नौ बजे ऋषभ जैन दिल्ली ने ध्वजारोहण किया। चित्र अनावरण श्रीमति कविता जैन, पुनीत जैन दिल्ली, दीप प्रज्वलन सुधीर जैन, मीनाक्षी जैन सपरिवार दिल्ली ने किया।
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विधान के दौरान भगवान शांतिनाथ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा और माहौल भगवान शांति नाथ मय होकर रह गया। श्रद्धालुओं ने आर्यिका 105 सरस्वती माता जी से आशीर्वाद लिया। विधान में सरस्वती माता जी ने कहा कि यह विधान रिद्वी सिद्वी प्राप्त करने के लिए हैं। जो लोग आस्था के साथ इस विधान में भाग लेते हैं। उनको संकट से मुक्ति मिल जाती है और सभी मनोकामना पूर्ण होती है। सच्चे मन से भक्ति से ही मनुष्य को शक्ति की प्राप्ति होती है। मनुष्य को सदैव धर्म मार्ग पर चल अपने जीवन को कष्ट मुक्त कर सार्थक बनाना चाहिए। विधान में दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, बड़ौत, बागपत, सहारनपुर आदि स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने भाग ले धर्म लाभ उठाया। इस दौरान जनेश्वर दयाल जैन, संजय जैन, पवन कुमार जैन, कमल जैन, शिखर चंद जैन, श्रेयांस कुमार जैन, चक्रेश जैन, कंवर सेन जैन, मोहित जैन, संदीप जैन, संजीव जैन, मनोज कुमार जैन, महेश जैन, नरेश चंद जैन, अशोक जैन आदि रहे।
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