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250 किसानों की अभिलेखों में अधिक चढ़ी मिली भूमि
Updated Thu, 07 Dec 2017 07:09 PM IST
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35 मृतक किसानों के नाम सट्टा सूची में मिले चढ़े
पूरनपुर (पीलीभीत)। गन्ना किसानों के सट्टों की जांच में ढाई सौ किसानों की भूमि अभिलेखों में अधिक चढ़ी पाई गई। इसके अलावा सट्टा सूची में 35 मृतक किसानों का नाम चढ़ा मिला। जांच के बाद अभिलेखों दुरुस्त करने के साथ ही मृतक किसानों के सट्टे बंद कर दिए गए हैं।
गन्ना सप्लाई पर्चियां पाने के लिए माफिया और किसान हर तरह के हथकंडे अपनाने से नहीं चूकते। इसका खुलासा सट्टा की जांच के बाद प्रकाश में आया है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि जांच में ढाई सौ किसानों के पास जो भूमि है, उससे अधिक भूमि अभिलेखों में पाई गई, जिसे संशोधन करवा दिया गया। इसके अलावा 35 ऐसे किसानों के नाम सट्टा सूची में मिले, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। जांच में मामला प्रकाश में आने पर मृतक किसानों के सट्टों को बंद करा दिया गया है। कुछ किसानों के नाम अभिलेखों में डबल सट्टा मिला। डबल सट्टों को भी निरस्त करा दिया गया। उन्होंने बताया कि अब मृतक किसान के नाम सट्टा चलता मिलने, डबल सट्टा अभिलेखों में दर्ज मिलने पर संबंधित क्षेत्र के पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही गड़बड़ी पर किसान को सप्लाई किए गए गन्ना मूल्य का भुगतान रोक दिया जाएगा।
गन्ना सट्टे में ऐसे होता है खेल
किसान भूमि का आंशिक भाग बिक्री करने के बाद भी अभिलेखों में बिक्री से पहले की भूमि के आधार पर सट्टा बनवा लेता है। भूमि खरीदने वाला किसान क्रय की गई भूमि के आधार पर अपना नया सट्टा बनवा लेता है। एससीडीआई ने बताया कि अभिलेखों में भूमि का संशोधन होने पर अब फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं रहेगी।
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पूरनपुर (पीलीभीत)। गन्ना किसानों के सट्टों की जांच में ढाई सौ किसानों की भूमि अभिलेखों में अधिक चढ़ी पाई गई। इसके अलावा सट्टा सूची में 35 मृतक किसानों का नाम चढ़ा मिला। जांच के बाद अभिलेखों दुरुस्त करने के साथ ही मृतक किसानों के सट्टे बंद कर दिए गए हैं।
गन्ना सप्लाई पर्चियां पाने के लिए माफिया और किसान हर तरह के हथकंडे अपनाने से नहीं चूकते। इसका खुलासा सट्टा की जांच के बाद प्रकाश में आया है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि जांच में ढाई सौ किसानों के पास जो भूमि है, उससे अधिक भूमि अभिलेखों में पाई गई, जिसे संशोधन करवा दिया गया। इसके अलावा 35 ऐसे किसानों के नाम सट्टा सूची में मिले, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। जांच में मामला प्रकाश में आने पर मृतक किसानों के सट्टों को बंद करा दिया गया है। कुछ किसानों के नाम अभिलेखों में डबल सट्टा मिला। डबल सट्टों को भी निरस्त करा दिया गया। उन्होंने बताया कि अब मृतक किसान के नाम सट्टा चलता मिलने, डबल सट्टा अभिलेखों में दर्ज मिलने पर संबंधित क्षेत्र के पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही गड़बड़ी पर किसान को सप्लाई किए गए गन्ना मूल्य का भुगतान रोक दिया जाएगा।
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गन्ना सट्टे में ऐसे होता है खेल
किसान भूमि का आंशिक भाग बिक्री करने के बाद भी अभिलेखों में बिक्री से पहले की भूमि के आधार पर सट्टा बनवा लेता है। भूमि खरीदने वाला किसान क्रय की गई भूमि के आधार पर अपना नया सट्टा बनवा लेता है। एससीडीआई ने बताया कि अभिलेखों में भूमि का संशोधन होने पर अब फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं रहेगी।
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