{"_id":"63addaaebc460a50576e49a9","slug":"61-secretaries-will-be-punished-if-there-is-no-answer-in-the-streetlight-scam-pilibhit-news-bly508498471","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्ट्रीटलाइट घोटाला: 61 सचिवों को जारी किया गया नोटिस, जबाब न आने पर अब होगी कार्रवाई 17-29-27","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्ट्रीटलाइट घोटाला: 61 सचिवों को जारी किया गया नोटिस, जबाब न आने पर अब होगी कार्रवाई 17-29-27
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों में घपलेबाजी की जांच के बाद प्रधानों और सचिवों से जवाब मांगा गया था। लेकिन अभी तक 61 सचिवों ने जवाब दाखिल नहीं किया है। ऐसे में इन सभी को फिर से अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
तत्कालीन डीएम पुलकित खरे के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। शासन तक मामला पहुंचा तो जिले की 720 ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई। इनमें 229 ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि मानकों के अनुसार लाइट नहीं लगाई गईं। शासन की ओर से नामित कंपनियों के बजाय बाजार से सस्ती स्ट्रीट लाइटें खरीदकर लगा दी गईं, जबकि बिल का भुगतान स्टैंडर्ड कंपनी के हिसाब से कराया गया।
इस पर सभी को नोटिस जार कर रिकवरी के आदेश हुए थे। कई माह से इसमें अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। लगातार नोटिस थमाए जा रहे हैं। लेकिन 61 सचिवों ने अपना जवाब और स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इससे कार्रवाई अधर में लटकी हुई है। अब एक बार फिर सभी 61 सचिवों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन
इनमें में कहा गया है कि यदि जवाब दाखिल नहीं किया गया तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रधानों को भी पत्र जारी किया गया है। डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया 61 प्रधानों को नोटिस जारी किया गया है। जवाब न आने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
तत्कालीन डीएम पुलकित खरे के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। शासन तक मामला पहुंचा तो जिले की 720 ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई। इनमें 229 ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि मानकों के अनुसार लाइट नहीं लगाई गईं। शासन की ओर से नामित कंपनियों के बजाय बाजार से सस्ती स्ट्रीट लाइटें खरीदकर लगा दी गईं, जबकि बिल का भुगतान स्टैंडर्ड कंपनी के हिसाब से कराया गया।
विज्ञापन
इस पर सभी को नोटिस जार कर रिकवरी के आदेश हुए थे। कई माह से इसमें अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। लगातार नोटिस थमाए जा रहे हैं। लेकिन 61 सचिवों ने अपना जवाब और स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इससे कार्रवाई अधर में लटकी हुई है। अब एक बार फिर सभी 61 सचिवों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन
इनमें में कहा गया है कि यदि जवाब दाखिल नहीं किया गया तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रधानों को भी पत्र जारी किया गया है। डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया 61 प्रधानों को नोटिस जारी किया गया है। जवाब न आने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।