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विद्युत निगम के संविदा लाइनमैनों का तहसील में प्रदर्शन
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:14 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
विद्युत निगम के संविदा लाइनमैनों ने बृहस्पतिवार को तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोपी जेई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर संविदा लाइनमैनों को काम पर बहाली कराने की मांग की। एसडीएम ने आंदोलनकारियों को मामले की जांच दूसरे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से कराने का आश्वासन दिया।
खेकड़ा नगर में तैनात जेई के खिलाफ रोजाना नए नए आरोप लग रहे हैं। कभी सोशल मीडिया पर उनकी वीडियो जारी होती है। कभी ओडियो में धन वसूली किए जाने की आवाज सुनाई देती है। वीडियो की सत्यता को लेकर जांच कराने की मांग सामाजिक संगठन कर चुके हैं। जेई के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी। आरोप है कि लोगों को डरा डरा कर नोटिस देकर धन वसूली की जा रही है। आरोप है कि ऐसी ओडियो और वीडियो उपलब्ध कराने में जेई ने लाइनमैनों को दोषी मान लिया है और उनके ठेकेदार पर दबाव बनाकर सात लाइनमैनों को काम से हटवा दिया है और बिजली चोरी, कार्य में बाधा आदि आरोपों का मुकदमा दर्ज कराने के लिए दो लाइनमैनों के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी। लाइनमैन अपने आप को बेकसूर बता रहे हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और एसडीएम से काम पर बहाली कराने और आरोपी जेई के खिलाफ जांच कराकर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। एसडीएम ने जांच दूसरे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से कराने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यालय पर निवास कराने की मांग भी उठी
खेकड़ा नगर में बिजली आपूर्ति को लेकर आए दिन रात में फाल्ट होते है। रात में मुख्यालय छोड़ कर शहरों में जाकर सो जाने वाले विभागीय अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। नगर के सामाजिक संगठन खेकड़ा युवक मंच ने विभागीय अधिकारियों का मुख्यालय क्षेत्र नगर सीमा के अंदर ही निवास कराने की मांग की।
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तहसील मुख्यालय लेकिन बिजली आपूर्ति श्रेणी ग्रामीण
खेकड़ा (बागपत)।
खेकड़ा नगर में बिजली आपूर्ति की श्रेणी तहसील मुख्यालय की है। बिल भी इसी श्रेणी के तहत वसूला जाता है, लेकिन तीन दिन से एक बार फिर नगर को ग्रामीण श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। खेकड़ा को 1997 में तहसील मुख्यालय का दर्जा मिला। 20 साल बाद भी बिजली आपूर्ति को लेकर विभागीय अधिकारियों का सौतेला व्यवहार चल रहा है। हालांकि बिल वसूली शहरी दरों में निर्बाध रूप से की जा रही है। बिल में देरी हो जाने पर अधिकारियों की टीम उपभोक्ता के घर पर धावा बोल देती है, लेकिन सेवा देने के नाम पर व्यवस्था बेहद खराब है। रात में कोई फाल्ट हो जाए तो कोई व्यवस्था नहीं है। वही अब फिर से खेकड़ा नगर की आपूर्ति को ग्रामीण श्रेणी में कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से समाधान कराने की मांग की है। दूसरी तरफ विभागीय एसडीओ पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों को ईमेल द्वारा अवगत करा दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि एक या दो दिन में नगर की बिजली फिर से तहसील मुख्यालय श्रेणी में हो जाएगी।
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विद्युत निगम के संविदा लाइनमैनों ने बृहस्पतिवार को तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोपी जेई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर संविदा लाइनमैनों को काम पर बहाली कराने की मांग की। एसडीएम ने आंदोलनकारियों को मामले की जांच दूसरे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से कराने का आश्वासन दिया।
खेकड़ा नगर में तैनात जेई के खिलाफ रोजाना नए नए आरोप लग रहे हैं। कभी सोशल मीडिया पर उनकी वीडियो जारी होती है। कभी ओडियो में धन वसूली किए जाने की आवाज सुनाई देती है। वीडियो की सत्यता को लेकर जांच कराने की मांग सामाजिक संगठन कर चुके हैं। जेई के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी। आरोप है कि लोगों को डरा डरा कर नोटिस देकर धन वसूली की जा रही है। आरोप है कि ऐसी ओडियो और वीडियो उपलब्ध कराने में जेई ने लाइनमैनों को दोषी मान लिया है और उनके ठेकेदार पर दबाव बनाकर सात लाइनमैनों को काम से हटवा दिया है और बिजली चोरी, कार्य में बाधा आदि आरोपों का मुकदमा दर्ज कराने के लिए दो लाइनमैनों के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी। लाइनमैन अपने आप को बेकसूर बता रहे हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और एसडीएम से काम पर बहाली कराने और आरोपी जेई के खिलाफ जांच कराकर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। एसडीएम ने जांच दूसरे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से कराने का आश्वासन भी दिया।
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मुख्यालय पर निवास कराने की मांग भी उठी
खेकड़ा नगर में बिजली आपूर्ति को लेकर आए दिन रात में फाल्ट होते है। रात में मुख्यालय छोड़ कर शहरों में जाकर सो जाने वाले विभागीय अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। नगर के सामाजिक संगठन खेकड़ा युवक मंच ने विभागीय अधिकारियों का मुख्यालय क्षेत्र नगर सीमा के अंदर ही निवास कराने की मांग की।
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तहसील मुख्यालय लेकिन बिजली आपूर्ति श्रेणी ग्रामीण
खेकड़ा (बागपत)।
खेकड़ा नगर में बिजली आपूर्ति की श्रेणी तहसील मुख्यालय की है। बिल भी इसी श्रेणी के तहत वसूला जाता है, लेकिन तीन दिन से एक बार फिर नगर को ग्रामीण श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। खेकड़ा को 1997 में तहसील मुख्यालय का दर्जा मिला। 20 साल बाद भी बिजली आपूर्ति को लेकर विभागीय अधिकारियों का सौतेला व्यवहार चल रहा है। हालांकि बिल वसूली शहरी दरों में निर्बाध रूप से की जा रही है। बिल में देरी हो जाने पर अधिकारियों की टीम उपभोक्ता के घर पर धावा बोल देती है, लेकिन सेवा देने के नाम पर व्यवस्था बेहद खराब है। रात में कोई फाल्ट हो जाए तो कोई व्यवस्था नहीं है। वही अब फिर से खेकड़ा नगर की आपूर्ति को ग्रामीण श्रेणी में कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से समाधान कराने की मांग की है। दूसरी तरफ विभागीय एसडीओ पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों को ईमेल द्वारा अवगत करा दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि एक या दो दिन में नगर की बिजली फिर से तहसील मुख्यालय श्रेणी में हो जाएगी।