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वेतन रोका इसलिए नहीं सौंपी जांच रिपोर्ट, स्पष्टीकरण तलब
Updated Fri, 02 Feb 2018 07:12 PM IST
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वेतन रोका इसलिए नहीं सौंपी
जांच रिपोर्ट, स्पष्टीकरण तलब
नवंबर में पिछला वर्ग कल्याण अधिकारी को सौंपी गई थी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत।
वेतन रोकने से नाराज जिला विकलांग कल्याण अधिकारी केपी सिंह सैंजना के ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की शिकायती जांच रिपोर्ट तीन महीने बाद भी नहीं सौंप सके। गुरुवार को इस प्रकरण की फाइल तलब कर सीडीओ ने रिमाइंडर भेजते हुए स्पष्टीकरण तलब कर लिया।
विकास खंड ललौरीखेड़ा की ग्राम पंचायत सैंजना के ग्रामीणों ने लगभग चार महीने पहले शपथ पत्र पर डीएम से ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर भष्टाचार के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। आरोप था कि वित्तिय वर्ष में ग्राम निधी का दुरुपयोग कर विकास कार्यों के नाम पर लाखों का गोलमाल हुआ है। डीएम के निर्देश पर इस मामले की जांच सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने नवंबर में जिला पिछला वर्ग कल्याण अधिकारी केपी सिंह को दी। जांच आख्या दिसंबर माह के अंत तक देना को कहा गया था। तय समय में जांच रिपोर्ट नहीं सौंपने पर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का दिसंबर माह का वेतन रोक दिया गया था। वेतन रोकने की कार्रवाई का असर यह रहा कि अभी तक जांच रिपोर्ट ही नहीं सौंपी गई। इस प्रकरण की जांच के लिए कई बार स्मरण पत्र भी भेजा गया। गुरुवार को शिकायत फिर सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने जिला पिछला वर्ग कल्याण अधिकारी केपी सिंह को स्मरण पत्र भेजते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
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जांच रिपोर्ट, स्पष्टीकरण तलब
नवंबर में पिछला वर्ग कल्याण अधिकारी को सौंपी गई थी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत।
वेतन रोकने से नाराज जिला विकलांग कल्याण अधिकारी केपी सिंह सैंजना के ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की शिकायती जांच रिपोर्ट तीन महीने बाद भी नहीं सौंप सके। गुरुवार को इस प्रकरण की फाइल तलब कर सीडीओ ने रिमाइंडर भेजते हुए स्पष्टीकरण तलब कर लिया।
विकास खंड ललौरीखेड़ा की ग्राम पंचायत सैंजना के ग्रामीणों ने लगभग चार महीने पहले शपथ पत्र पर डीएम से ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर भष्टाचार के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। आरोप था कि वित्तिय वर्ष में ग्राम निधी का दुरुपयोग कर विकास कार्यों के नाम पर लाखों का गोलमाल हुआ है। डीएम के निर्देश पर इस मामले की जांच सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने नवंबर में जिला पिछला वर्ग कल्याण अधिकारी केपी सिंह को दी। जांच आख्या दिसंबर माह के अंत तक देना को कहा गया था। तय समय में जांच रिपोर्ट नहीं सौंपने पर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का दिसंबर माह का वेतन रोक दिया गया था। वेतन रोकने की कार्रवाई का असर यह रहा कि अभी तक जांच रिपोर्ट ही नहीं सौंपी गई। इस प्रकरण की जांच के लिए कई बार स्मरण पत्र भी भेजा गया। गुरुवार को शिकायत फिर सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने जिला पिछला वर्ग कल्याण अधिकारी केपी सिंह को स्मरण पत्र भेजते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
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