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मानसून से निपटने को पालिका के दावे बेदम
Updated Sun, 11 Jun 2017 05:31 PM IST
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पीलीभीत। पालिका प्रशासन के दावों के मुताबिक मानसून से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन हालात को देखते हुए पालिका के दावे बेदम नजर आ रहे हैं। नालों की सफाई पर गौर करें तो अभी तक 29 नालों में से सिर्फ दो नालों की ही सफाई पूरी हो सकी है। यह हाल तब है जब मानसून आने में चंद दिन शेष हैं। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
मानसून से निपटने को पालिका प्रशासन अमूमन हर साल तैयारी करता है। इसमें नाला सफाई से लेकर कंट्रोलरूम की स्थापना आदि शामिल होते हैं। इस बार भी पालिका प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। पालिका की तैयारियों पर नजर डाले तो शहर में 29 छोटे बड़े नाले हैं। इनकी सफाई का कार्य ठेका प्रक्रिया के तहत शुरू कराया है। अमूमन 15 जून से मानसून की आमद मानी जाती है। पालिका प्रशासन द्वारा मानसून आने से पूर्व सभी नालों की सफाई की बात कही गई थी। इधर मानसून आने में चंद दिन ही बचे हैं, लेकिन अभी तक सभी नालों की सफाई होना तो दूर आधे नालों की सफाई भी नहीं हो सकी है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते शहरवासी बरसात के दौरान शहर में जलभराव होने की संभावना जता रहे हैं।
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यह हैं नगर पालिका के दावे
- 15 जून के बाद कंट्रोलरूम की स्थापना
- मानसून पूर्व 24 नालों की सफाई
- जेसीबी समेत अन्य संसाधनों से लैस होगा कंट्रोल रूम
- 24 घंटे कर्मचारी की रहेगी तैनाती
- आपात स्थिति से निपटने को आठ कर्मचारी भी रहेंगे मौजूद
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शहरवासियों की राय :
10 पीबीटीपी 17
बरसात के दिनों में कॉलोनी के अधिकांश हिस्से में जलभराव हो जाता है। कालोनी में कुछ हिस्से में नाला न होने से समस्या पैदा होती है। बरसात में तो दुकान के भीतर तक पानी आ जाता है।
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- आदेश जायसवाल, व्यापारी
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10 पीबीटीपी 18
कहने को बल्लभनगर कालोनी पॉश कालोनी है, लेकिन बरसात में जो दुर्दशा होती है, उसे देखकर हर किसी को परेशानी होती है। बरसात में घर से निकलना दूभर हो जाता है।
- दीनदयाल
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वर्जन:
मानसून से निपटने को तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने को कंट्रोलरूम की स्थापना के साथ हरसंभव इंतजाम किए जा रहे हैं।
-प्रभात जायसवाल, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद
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मानसून से निपटने को पालिका प्रशासन अमूमन हर साल तैयारी करता है। इसमें नाला सफाई से लेकर कंट्रोलरूम की स्थापना आदि शामिल होते हैं। इस बार भी पालिका प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। पालिका की तैयारियों पर नजर डाले तो शहर में 29 छोटे बड़े नाले हैं। इनकी सफाई का कार्य ठेका प्रक्रिया के तहत शुरू कराया है। अमूमन 15 जून से मानसून की आमद मानी जाती है। पालिका प्रशासन द्वारा मानसून आने से पूर्व सभी नालों की सफाई की बात कही गई थी। इधर मानसून आने में चंद दिन ही बचे हैं, लेकिन अभी तक सभी नालों की सफाई होना तो दूर आधे नालों की सफाई भी नहीं हो सकी है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते शहरवासी बरसात के दौरान शहर में जलभराव होने की संभावना जता रहे हैं।
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यह हैं नगर पालिका के दावे
- 15 जून के बाद कंट्रोलरूम की स्थापना
- मानसून पूर्व 24 नालों की सफाई
- जेसीबी समेत अन्य संसाधनों से लैस होगा कंट्रोल रूम
- 24 घंटे कर्मचारी की रहेगी तैनाती
- आपात स्थिति से निपटने को आठ कर्मचारी भी रहेंगे मौजूद
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शहरवासियों की राय :
10 पीबीटीपी 17
बरसात के दिनों में कॉलोनी के अधिकांश हिस्से में जलभराव हो जाता है। कालोनी में कुछ हिस्से में नाला न होने से समस्या पैदा होती है। बरसात में तो दुकान के भीतर तक पानी आ जाता है।
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- आदेश जायसवाल, व्यापारी
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10 पीबीटीपी 18
कहने को बल्लभनगर कालोनी पॉश कालोनी है, लेकिन बरसात में जो दुर्दशा होती है, उसे देखकर हर किसी को परेशानी होती है। बरसात में घर से निकलना दूभर हो जाता है।
- दीनदयाल
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वर्जन:
मानसून से निपटने को तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने को कंट्रोलरूम की स्थापना के साथ हरसंभव इंतजाम किए जा रहे हैं।
-प्रभात जायसवाल, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद