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Pilibhit News: सीमावर्ती क्षेत्र की 50 हजार आबादी डग्गामार वाहनों के सहारे

Wed, 03 Jul 2024 03:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2024 03:18 AM IST
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50 thousand people of the border area are dependent on illegal vehicles
ग​भिया सहराई से संचालित होने वाले डग्गामार वाहन।संवाद
पीलीभीत। जिले के स्थानीय मार्गों पर परिवहन सेवा का हाल बदतर है। अधिकतर मार्गों पर डग्गामार वाहन ही लोगों के आवागमन का सहारा बने हुए हैं। कलीनगर क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में 10 गांवों की करीब 50 हजार आबादी के लिए जिला और तहसील मुख्यालय आने के लिए एकमात्र साधन डग्गामार ही हैं। इससे यहां के लोगों को कई दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं।
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जनपद की एक सीमा उत्तराखंड और दूसरी सीमा नेपाल से लगी हुई है। इसमें कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती क्षेत्र में करीब दस गांव हैं। जिसमें पुरैना, रमनगरा, नगरिया खुर्द कला, नलडेंगा, महाराजपुर, गभिया सहराई, नौजल्हा, बंदरभोज और सुंदरनगर शामिल हैं।
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इन गांवों की आबादी करीब 50 हजार है। यहां से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 70 और तहसील मुख्यालय की दूरी 30 किलोमीटर है। इस क्षेत्र में जिला और तहसील मुख्यालय के लिए स्थानीय मार्ग पर आजतक कोई परिवहन सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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क्षेत्र से पूरनपुर के लिए रोजाना करीब छह डग्गामार चलते हैं। मनमानी के चलते इन वाहनों के आने-जाने का समय निर्धारित किया गया है। समय से न आने पर ग्रामीणों को भटकना पड़ता है। मनमाना किराया देने के बाद भी ग्रामीणों को मुश्किलभरा सफर तय करना पड़ता है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र से रोडवेज की दो बसें ही नियमित चल जाएं तो काफी लाभ मिल सकेगा। फिलहाल दिल्ली जाने के लिए एक बस क्षेत्र से गुजरती है।
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महिलाओं को होती है अधिक समस्या
परिवहन सेवा न होने से इस क्षेत्र की महिलाओं को अधिक समस्या होती है। घर लौटने के लिए वाहनों के समय निर्धारण का ध्यान रखकर काम करना पड़ता है। किसी कारणवश कार्य में देरी होने पर काफी भटकना पड़ता है।
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उत्तराखंड से लाते हैं रोजमर्रा का सामान
सीमावर्ती क्षेत्र से पूरनपुर और पीलीभीत शहर की दूरी अधिक है और परिवहन सेवा भी नहीं है। ऐसे में लोगों को जरूरी सामान की खरीदारी करने के लिए काफी मुश्किल झेलनी पड़ती है। समय और परेशानी से बचने के लिए इस क्षेत्र के लोगों ने उत्तराखंड के खटीमा से खरीदारी करना अधिक शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र से खटीमा की दूरी 15 से 20 किलोमीटर है।

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फोटो 13
अगर रमनगरा से पूरनपुर और पीलीभीत के लिए रोडवेज बस चल जाएं तो क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी। डगामार वाहनों से होने वाली परेशानी भी दूर हो जाएगी।
- राजू, पुरैना
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फोटो 14
रोडवेज सेवा न होने से मजबूरी में डग्गामार वाहनों से सफर तय करना पड़ता है। मनमाना किराया देने के बाद भी जोखिम बना रहता है।
- सुभाष मंडल, रमनगरा
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गबिया से पूरनपुर मार्ग पर चलने वाले वाहनों की स्थिति को जल्द ही परखा जाएगा। यात्रियों को होने वाली असुविधा को दूर कराने के प्रयास किए जाएंगे।



-वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ

गभिया सहराई से संचालित होने वाले डग्गामार वाहन।संवाद

गभिया सहराई से संचालित होने वाले डग्गामार वाहन।संवाद

गभिया सहराई से संचालित होने वाले डग्गामार वाहन।संवाद

गभिया सहराई से संचालित होने वाले डग्गामार वाहन।संवाद

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