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बोर्ड बैठक: पालिका सभागार में 45 मिनट की बैठक में छाया रहा टैक्स का मुद्दा
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पीलीभीत। नगरपालिका परिषद पीलीभीत में बोर्ड की बैठक में बिना सहमति बढ़ाए गए हाउस और वाटर टैक्स के मद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी काफी गर्म रहा। हालांकि 27 जून को बैठक में रखे गए 50 करोड़ के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मंजूरी मिल गई। करीब 45 मिनट की बैठक में सर्वाधिक टैक्स का मुद्दा छाया रहा। जिसे प्रभारी ईओ ने लगाई गईं आपत्तियों पर विचार करने का आश्वासन दिया, तब सभासद शांत हुए।
पालिका सभागार में बैठक सोमवार को अपराह्न तीन बजे शुरू हुई। बैठक की शुरुआत ही हंगामे से हुई। बजट का एजेंडा न देने पर सभासदों ने आपत्ति जताई। प्रभारी ईओ योगेश कुमार गौड़ ने खुद एजेंडा पढ़कर सभासदों को कार्यों के बारे में बताया। सभासद संजीव सक्सेना ने कहा कि बोर्ड में हाउस और वाटर टैक्स का प्रस्ताव पास नहीं कराया गया और टैक्स बढ़ा दिया गया। शहर में सफाई व्यवस्था जर्जर है, सड़कें और पानी की सप्लाई की ओर पालिका का ध्यान नहीं है। सभासद पुष्पा उपाध्याय ने कहा कि कॉमर्शियल भवनों पर टैक्स बढ़ाने के बजाय सभी पर गलत तरीके से बढ़ा दिया। सभासद देवी सिंह ने कहा कि टैक्स का मुद्दा हर बार बैठक में उठाया जाता है। इसके बाद भी लगाई गई आपत्ति की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
नियमानुसार बढ़ाने के बजाय अचानक टैक्स बढ़ा दिया गया। अब आपत्तियों पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। हालांकि प्रभारी ईओ ने टैक्स की आपत्तियों पर सुनवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। सभासद शिवली अहमद ने कहा कि सफाई को लेकर पालिका प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सभासद अवतार सिंह मोनू ने कहा कि तीन साल से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। बोर्ड की बैठक में भी मुद्दा उठाया जाता है, मगर सुनवाई नहीं हो पा रही है। हंगामा के दौरान शहर में विकास को लेकर 50 करोड़ के बजट पर सभासदों ने स्वीकृति दे दी।
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इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
सभासदों का कहना था कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं। वॉटर बॉक्स कंपाउड के बाहर की दुकानों का किराया कम किया जाए। बैठक हर माह की पांच से दस तारीख के बीच हो। सड़कों की मरम्मत कराने के संबंध में भी चर्चा हुई।
सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
बैठक के दौरान बर्तन व्यापारी सोनू महातिया अपनी वार्ड की सभासद के पास सभागार में पहुंच गए। उन्होंने शिकायती पत्र देते हुए कहा कि दुकान स्वामी का नाम परिवर्तन होना है मगर अकाउंटेंट बगैर सुविधा शुल्क के काम नहीं करना चाह रहे। इस पर प्रभारी ईओ/ एसडीएम ने अकाउंटेंट को फटकार लगाते हुए तत्काल नाम परिवर्तन के निर्देश दिए।
...और चेक लेकर पहुंचे अकाउंटेंट
पालिका सभागार में बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रभारी ईओ/एसडीएम योगेश कुमार गौड़ कुर्सी संभाल भी नहीं पाए थे कि अकाउंटेंट चेक पर हस्ताक्षर कराने पहुंच गए। इस पर एसडीएम ने डांट लगाते हुए कहा कि बैठक शुरू भी नहीं हुई और चेक लेकर आ गए। क्या बाद में नहीं करा सकते। इस पर अकाउंटेंट चुपचाप कुर्सी पर जा बैठा।
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पालिका सभागार में बैठक सोमवार को अपराह्न तीन बजे शुरू हुई। बैठक की शुरुआत ही हंगामे से हुई। बजट का एजेंडा न देने पर सभासदों ने आपत्ति जताई। प्रभारी ईओ योगेश कुमार गौड़ ने खुद एजेंडा पढ़कर सभासदों को कार्यों के बारे में बताया। सभासद संजीव सक्सेना ने कहा कि बोर्ड में हाउस और वाटर टैक्स का प्रस्ताव पास नहीं कराया गया और टैक्स बढ़ा दिया गया। शहर में सफाई व्यवस्था जर्जर है, सड़कें और पानी की सप्लाई की ओर पालिका का ध्यान नहीं है। सभासद पुष्पा उपाध्याय ने कहा कि कॉमर्शियल भवनों पर टैक्स बढ़ाने के बजाय सभी पर गलत तरीके से बढ़ा दिया। सभासद देवी सिंह ने कहा कि टैक्स का मुद्दा हर बार बैठक में उठाया जाता है। इसके बाद भी लगाई गई आपत्ति की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
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नियमानुसार बढ़ाने के बजाय अचानक टैक्स बढ़ा दिया गया। अब आपत्तियों पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। हालांकि प्रभारी ईओ ने टैक्स की आपत्तियों पर सुनवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। सभासद शिवली अहमद ने कहा कि सफाई को लेकर पालिका प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सभासद अवतार सिंह मोनू ने कहा कि तीन साल से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। बोर्ड की बैठक में भी मुद्दा उठाया जाता है, मगर सुनवाई नहीं हो पा रही है। हंगामा के दौरान शहर में विकास को लेकर 50 करोड़ के बजट पर सभासदों ने स्वीकृति दे दी।
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इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
सभासदों का कहना था कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं। वॉटर बॉक्स कंपाउड के बाहर की दुकानों का किराया कम किया जाए। बैठक हर माह की पांच से दस तारीख के बीच हो। सड़कों की मरम्मत कराने के संबंध में भी चर्चा हुई।
सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
बैठक के दौरान बर्तन व्यापारी सोनू महातिया अपनी वार्ड की सभासद के पास सभागार में पहुंच गए। उन्होंने शिकायती पत्र देते हुए कहा कि दुकान स्वामी का नाम परिवर्तन होना है मगर अकाउंटेंट बगैर सुविधा शुल्क के काम नहीं करना चाह रहे। इस पर प्रभारी ईओ/ एसडीएम ने अकाउंटेंट को फटकार लगाते हुए तत्काल नाम परिवर्तन के निर्देश दिए।
...और चेक लेकर पहुंचे अकाउंटेंट
पालिका सभागार में बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रभारी ईओ/एसडीएम योगेश कुमार गौड़ कुर्सी संभाल भी नहीं पाए थे कि अकाउंटेंट चेक पर हस्ताक्षर कराने पहुंच गए। इस पर एसडीएम ने डांट लगाते हुए कहा कि बैठक शुरू भी नहीं हुई और चेक लेकर आ गए। क्या बाद में नहीं करा सकते। इस पर अकाउंटेंट चुपचाप कुर्सी पर जा बैठा।

नगर पालिका बोर्ड की बैठक में बोलते एसडीएम योगेश कुमार गौड़ साथ में नगर पालिका चेयरमैन विमला जायस?- फोटो : PILIBHIT