{"_id":"597647d14f1c1b262c8b476e","slug":"41500923857-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ससुराल से आकर बेटि.ों ने मन्नते मांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ससुराल से आकर बेटि.ों ने मन्नते मांगी
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)।
ससुराल से आकर बेटियों ने मोहल्ला औरंगाबाद चक्रसेनपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर मठ में मुराद मांगी। नगर के मोहल्ला औरंगाबाद और चक्रसेनपुर मोहल्लों के बीच स्थापित प्राचीन शिव मंदिर मठ में स्थापित शिवलिंग पर दूध चढ़ाकर यदि कोई प्रांगण में मौजूद बरगद के पेड़ की पूजा कर धागा बांधता है तो भगवान आशुतोष उसकी मांगी मुराद को पूरी करते हैं। कुछ वर्ष पूर्व यहां नाग-नागिन के जोड़े ने भी दर्शन दिए थे। कई दिनों तक भक्तों ने उनकी पूजा की थी। मंदिर में प्रतिवर्ष अगस्त माह में होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में ससुराल से आकर भी नगर की बेटियां यहां पूजा कर मुराद मांगती हैं। इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम डूंडाहेड़ा स्थित बालाजी आश्रम में श्रावण माह में महामंडलेश्वर भैयादास महाराज के सानिध्य में भक्तों ने श्रावण माह के तीसरे सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा कर धर्म लाभ उठाया।
विज्ञापन
ससुराल से आकर बेटियों ने मोहल्ला औरंगाबाद चक्रसेनपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर मठ में मुराद मांगी। नगर के मोहल्ला औरंगाबाद और चक्रसेनपुर मोहल्लों के बीच स्थापित प्राचीन शिव मंदिर मठ में स्थापित शिवलिंग पर दूध चढ़ाकर यदि कोई प्रांगण में मौजूद बरगद के पेड़ की पूजा कर धागा बांधता है तो भगवान आशुतोष उसकी मांगी मुराद को पूरी करते हैं। कुछ वर्ष पूर्व यहां नाग-नागिन के जोड़े ने भी दर्शन दिए थे। कई दिनों तक भक्तों ने उनकी पूजा की थी। मंदिर में प्रतिवर्ष अगस्त माह में होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में ससुराल से आकर भी नगर की बेटियां यहां पूजा कर मुराद मांगती हैं। इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम डूंडाहेड़ा स्थित बालाजी आश्रम में श्रावण माह में महामंडलेश्वर भैयादास महाराज के सानिध्य में भक्तों ने श्रावण माह के तीसरे सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा कर धर्म लाभ उठाया।