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बाइफरकेशन मार्ग पर बाघ देख राहगीरों का छूटा पसीना
Updated Sat, 01 Sep 2018 10:25 PM IST
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बाइफरकेशन मार्ग पर बाघ देख छूटा पसीना
जंगल मार्गों पर अक्सर डेरा जमा लेते हैं बाघ
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। बरसात के दौरान वन्यजीवों की जंगल मार्ग पर चहलकदमी की घटनाएं बढ़ गई हैं। शुक्रवार को बराही रेंज के अंतर्गत जंगल मार्ग पर बाघ की आमद के बाद सड़क पर बैठ जाने से मार्ग पर यातायात रुक गया। बाघ को मार्ग पर बैठा देख राहगीर में हड़कंप मच गया। लगभग बीस मिनट बाद बाघ के मार्ग से हटकर जंगल के अंदर जाने के बाद यातायात शुरू हो सका।
टाइगर रिजर्व के अंतर्गत माला और बराही रेंज के दो जंगल मार्गों पर बाघ की हमेशा चहलकदमी देखी जाती हैं। बाघ की मार्ग पर चहलकदमी के चलते भयभीत राहगीर झुंड के रूप में ही निकलने पर मजबूर हैं। शुक्रवार देर शाम बराही रेंज के बाइफरकेशन-चूका मार्ग पर जंगल से बाहर निकलकर आया बाघ मार्ग पर बैठ गया। मार्ग से गुजरे वाले राहगीरों की जब बाघ पर नजर गई तो उनके पसीने छूट गए। आननफानन में कुछ राहगीर वापस लौटे तो कुछ लंबी दूरी पर खड़े होकर बाघ के जंगल मेें जाने का इंतजार करते रहे। देखते ही देखते मार्ग के दोनों ओर से बाइक सवार आधा दर्जन राहगीर रुक गए, लेकिन बाघ मार्ग पर बैठा रहा। लगभग 20 मिनट के बाद बाघ मार्ग से उठकर जंगल की ओर निकल गया। बाघ के जंगल में जाने के काफी देर बाद मार्ग पर रुका यातायात सुचारू हो सका। दो सप्ताह पहले भी बाघ की जंगल मार्ग पर चहलकदमी के चलते यातायात थम गया था। लगातार जंगल मार्ग पर बाघ की चहलकदमी से राहगीरों में दहशत साफ दिखाई दे रही हैं, करीब आठ गांवों की आबादी को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला यह एक इकलौता मार्ग हैं।
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जंगल मार्गों पर अक्सर डेरा जमा लेते हैं बाघ
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। बरसात के दौरान वन्यजीवों की जंगल मार्ग पर चहलकदमी की घटनाएं बढ़ गई हैं। शुक्रवार को बराही रेंज के अंतर्गत जंगल मार्ग पर बाघ की आमद के बाद सड़क पर बैठ जाने से मार्ग पर यातायात रुक गया। बाघ को मार्ग पर बैठा देख राहगीर में हड़कंप मच गया। लगभग बीस मिनट बाद बाघ के मार्ग से हटकर जंगल के अंदर जाने के बाद यातायात शुरू हो सका।
टाइगर रिजर्व के अंतर्गत माला और बराही रेंज के दो जंगल मार्गों पर बाघ की हमेशा चहलकदमी देखी जाती हैं। बाघ की मार्ग पर चहलकदमी के चलते भयभीत राहगीर झुंड के रूप में ही निकलने पर मजबूर हैं। शुक्रवार देर शाम बराही रेंज के बाइफरकेशन-चूका मार्ग पर जंगल से बाहर निकलकर आया बाघ मार्ग पर बैठ गया। मार्ग से गुजरे वाले राहगीरों की जब बाघ पर नजर गई तो उनके पसीने छूट गए। आननफानन में कुछ राहगीर वापस लौटे तो कुछ लंबी दूरी पर खड़े होकर बाघ के जंगल मेें जाने का इंतजार करते रहे। देखते ही देखते मार्ग के दोनों ओर से बाइक सवार आधा दर्जन राहगीर रुक गए, लेकिन बाघ मार्ग पर बैठा रहा। लगभग 20 मिनट के बाद बाघ मार्ग से उठकर जंगल की ओर निकल गया। बाघ के जंगल में जाने के काफी देर बाद मार्ग पर रुका यातायात सुचारू हो सका। दो सप्ताह पहले भी बाघ की जंगल मार्ग पर चहलकदमी के चलते यातायात थम गया था। लगातार जंगल मार्ग पर बाघ की चहलकदमी से राहगीरों में दहशत साफ दिखाई दे रही हैं, करीब आठ गांवों की आबादी को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला यह एक इकलौता मार्ग हैं।
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