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शिव पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया
Updated Mon, 23 Jul 2018 01:05 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम डूंड़ाहैड़ा स्थित श्री बालाजी आश्रम में महा मंडलेश्वर भैया दास जी महाराज के सानिध्य में चल रही श्री राम कथा के पांचवें दिन बाल साध्वी राधा देवी ने शिव पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कोई भी कार्य अगर जन कल्याण के लिए किया जाता है तो निश्चित ही वह जगत में वंदनीय हो जाता है शिव पार्वती विवाह भी जगत कल्याण के लिए हुआ है, क्योंकि शिव पुत्र से ही उस राक्षस का अंत हुआ इसने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था कि मै शिव पुत्र के हातो मारा जाऊं क्योंकि उसको पता था कि सती ने अपना शरीर त्याग दिया है और शिव समाधिस्थ है, परंतु याद रखो भगवान वरदान देने से पहले उस वरदान से होनी वाली हानि का भी उपाय निकाल लेते हैं, इसलिए साधना सदैव ही सात्विक करना चाहिए। श्रीराम की भक्ति करने से ही मानव कल्याण संभव है। इस दौरान गोपाल दास, देवेंद्र कुमार, प्रमोद, नरेंद्र, प्रदीप, अनुज, दीपक आदि रहे।
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खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम डूंड़ाहैड़ा स्थित श्री बालाजी आश्रम में महा मंडलेश्वर भैया दास जी महाराज के सानिध्य में चल रही श्री राम कथा के पांचवें दिन बाल साध्वी राधा देवी ने शिव पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कोई भी कार्य अगर जन कल्याण के लिए किया जाता है तो निश्चित ही वह जगत में वंदनीय हो जाता है शिव पार्वती विवाह भी जगत कल्याण के लिए हुआ है, क्योंकि शिव पुत्र से ही उस राक्षस का अंत हुआ इसने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था कि मै शिव पुत्र के हातो मारा जाऊं क्योंकि उसको पता था कि सती ने अपना शरीर त्याग दिया है और शिव समाधिस्थ है, परंतु याद रखो भगवान वरदान देने से पहले उस वरदान से होनी वाली हानि का भी उपाय निकाल लेते हैं, इसलिए साधना सदैव ही सात्विक करना चाहिए। श्रीराम की भक्ति करने से ही मानव कल्याण संभव है। इस दौरान गोपाल दास, देवेंद्र कुमार, प्रमोद, नरेंद्र, प्रदीप, अनुज, दीपक आदि रहे।