{"_id":"5b19418e4f1c1ba46e8b6d40","slug":"21528381838-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल की बिजली गुल, हाहाकार मचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल की बिजली गुल, हाहाकार मचा
Updated Thu, 07 Jun 2018 08:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
07पीबीटीपी-1,2,3
जिला अस्पताल की बिजली गुल, हाहाकार मचा
मरीजों के साथ डॉक्टर भी दिखे पसीने में तरबतर, पौन घंटे बाद चलाया गया जनरेटर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिला अस्पताल में गुरवार सुबह अचानक गुल हुई बिजली से हाहाकार मच गया। अस्पताल में करीब पौन घंटे बिजली गुल रही। इस दौरान ओपीडी में मरीजों के साथ आए उनके तीमारदार व डॉक्टर सब पसीने से तरबतर दिखाई दिए। इन दिनों मरीजों की भीड़ से अस्पताल इस कदर फुल है कि पांव रखना भी मुश्किल होता है।
अस्पताल में इन दिनों मरीजों की आफत आई हुई हैं। रोजाना करीब दो हजार ओपीडी पहुंच रही है। स्थानीय कर्मचारी ने बताया कि बारिश होने के बाद से जिला अस्पताल में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या बढ़ गई है। गुरुवार सुबह पौन घंटा बिजली गुल होने से ओपीडी में हालत यह हुई कि मरीजों के साथ उनके तीमारदार व डॉक्टर सब पसीने से तरबतर दिखाई दिए। वार्डों में भर्ती मरीज अस्पताल के गलियारों में बैठे उफ-उफ करते नजर आए। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सीबी चौरसिया और उनके सामने कक्ष में बैठे डॉ. महावीर सिंह के कक्ष में मरीजों की भीड़ थी। डॉक्टर भी मरीजों की भीड़ के बीच पसीने से नहाते हुए इलाज लिखते रहे। इन दिनों आलम यह है कि इमरजेंसी में बिजली की व्यवस्था के लिए रखे जनरेटर केवल दिखावा साबित हो रहे हैं। इन्हें समय पर चलाने वाला कोई नहीं दिखाई देता।
07पीबीटीपी-4
दवा लेने आए मरीज विनोद ने बताया कि करीब एक घंटे से बिजली नहीं है। गर्मी से बुरा हाल है। पर्चा लगा रखा है लेकिन लाइन में खड़े खड़े अंदर दम घुट रहा था तो निकलकर बाहर चले आए।
विज्ञापन
07पीबीटीपी-5
खेमकरन ने बताया कि कि सुना था कि अस्पताल में चौबीस घंटे बिजली रहती है। इसलिए हाथ वाला पंखा साथ नहीं आए। यहां आधे घंटे से भीषण गर्मी ने जीना दुश्वार हो गया है। गर्मी में दो चार मिनट बिना पंखे के काटना मुश्किल है।
07पीबीटीपी-6
प्रसादी लाल ने बताया कि बिजली नहीं आने की वजह लाइन में खड़े-खड़े तबियत और बिगड़ गई। गर्मी की वजह से सांस फूलने लगी। पसीने के कारण बदबू फैल रही है। इसलिए बाहर बैठकर बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।
07पीबीटीपी-7
बच्चे को दवाई दिलाने आई शांति देवी ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण यहां आने के बाद तो हालत और खराब हो गई। स्वास्थ्य विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए। जनरेटर चलता न मरीज को दिक्कत होती न डॉक्टर को।
वर्जन-
बिजली जाने पर तुरंत जनरेटर चलाया जाता है। किन कारणों से पौन घंटा अस्पताल में बिजली गुल रही और जनरेटर क्यों नहीं चला। इसकी जानकारी ली जाएगी ताकि आगे से अस्पताल में मरीजों व डॉक्टरों के सामने इस तरह दिक्कत न हो।
डॉ. रतन पाल सिंह सुमन, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
जिला अस्पताल की बिजली गुल, हाहाकार मचा
मरीजों के साथ डॉक्टर भी दिखे पसीने में तरबतर, पौन घंटे बाद चलाया गया जनरेटर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिला अस्पताल में गुरवार सुबह अचानक गुल हुई बिजली से हाहाकार मच गया। अस्पताल में करीब पौन घंटे बिजली गुल रही। इस दौरान ओपीडी में मरीजों के साथ आए उनके तीमारदार व डॉक्टर सब पसीने से तरबतर दिखाई दिए। इन दिनों मरीजों की भीड़ से अस्पताल इस कदर फुल है कि पांव रखना भी मुश्किल होता है।
अस्पताल में इन दिनों मरीजों की आफत आई हुई हैं। रोजाना करीब दो हजार ओपीडी पहुंच रही है। स्थानीय कर्मचारी ने बताया कि बारिश होने के बाद से जिला अस्पताल में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या बढ़ गई है। गुरुवार सुबह पौन घंटा बिजली गुल होने से ओपीडी में हालत यह हुई कि मरीजों के साथ उनके तीमारदार व डॉक्टर सब पसीने से तरबतर दिखाई दिए। वार्डों में भर्ती मरीज अस्पताल के गलियारों में बैठे उफ-उफ करते नजर आए। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सीबी चौरसिया और उनके सामने कक्ष में बैठे डॉ. महावीर सिंह के कक्ष में मरीजों की भीड़ थी। डॉक्टर भी मरीजों की भीड़ के बीच पसीने से नहाते हुए इलाज लिखते रहे। इन दिनों आलम यह है कि इमरजेंसी में बिजली की व्यवस्था के लिए रखे जनरेटर केवल दिखावा साबित हो रहे हैं। इन्हें समय पर चलाने वाला कोई नहीं दिखाई देता।
विज्ञापन
07पीबीटीपी-4
दवा लेने आए मरीज विनोद ने बताया कि करीब एक घंटे से बिजली नहीं है। गर्मी से बुरा हाल है। पर्चा लगा रखा है लेकिन लाइन में खड़े खड़े अंदर दम घुट रहा था तो निकलकर बाहर चले आए।
विज्ञापन
07पीबीटीपी-5
खेमकरन ने बताया कि कि सुना था कि अस्पताल में चौबीस घंटे बिजली रहती है। इसलिए हाथ वाला पंखा साथ नहीं आए। यहां आधे घंटे से भीषण गर्मी ने जीना दुश्वार हो गया है। गर्मी में दो चार मिनट बिना पंखे के काटना मुश्किल है।
07पीबीटीपी-6
प्रसादी लाल ने बताया कि बिजली नहीं आने की वजह लाइन में खड़े-खड़े तबियत और बिगड़ गई। गर्मी की वजह से सांस फूलने लगी। पसीने के कारण बदबू फैल रही है। इसलिए बाहर बैठकर बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।
07पीबीटीपी-7
बच्चे को दवाई दिलाने आई शांति देवी ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण यहां आने के बाद तो हालत और खराब हो गई। स्वास्थ्य विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए। जनरेटर चलता न मरीज को दिक्कत होती न डॉक्टर को।
वर्जन-
बिजली जाने पर तुरंत जनरेटर चलाया जाता है। किन कारणों से पौन घंटा अस्पताल में बिजली गुल रही और जनरेटर क्यों नहीं चला। इसकी जानकारी ली जाएगी ताकि आगे से अस्पताल में मरीजों व डॉक्टरों के सामने इस तरह दिक्कत न हो।
डॉ. रतन पाल सिंह सुमन, सीएमएस, जिला अस्पताल