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ठंडक ने दी दस्तक लेकिन नहीं खुले रैन बसेरा
Updated Thu, 07 Dec 2017 07:06 PM IST
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रैन बसेरा
- फोटो : अमर उजाला
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तहसीलों को भेजी गई अलाव की धनराशि
पीलीभीत। ठंडक की दस्तक हो चुकी है, लेकिन अभी तक प्रशासन ने गरीबों को राहत देने के लिए जिले में कहीं भी रैन बसेरों को नहीं खोला है। हालांकि प्रशासन ने अलाव के लिए सभी पांचों तहसीलों में 50-50 हजार रुपये की धनराशि भेज दी है। कंबल खरीदने के लिए ई-टेंडरिंग की जा रही है।
ठंड में शहर मेें रहने वाले अथवा बाहर से आने वाले गरीबों को राहत देने के लिए प्रति वर्ष रैन बसेरों को आश्रय के लिए खोल दिए जाते हैं। इनमें रहने के लिए कंबल, बिजली, पानी, दवाएं, बिस्तर, अलाव आदि की व्यवस्था की जाती है। शहर में स्टेशन रोड स्थित मूलचंद्र धर्मशाला और तहसील परिसर के एक कक्ष में प्रति वर्ष रैन बसेरा स्थापित किया जाता है। लेकिन अभी तक जिले में एक भी स्थान पर रैन बसेरा नहीं खोला गया है। सदर तहसील में तहसीलदार आनंद प्रकाश राय ने शहर लेखपाल से पत्रावली तलब कर व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया शहर सहित तहसील क्षेत्र में जहां भी रैन बसेरा स्थापित किए जाने हैं उन्हें समय से व्यवस्था पूरी करा दी जाएंगी।
जिले में कोई भी स्थायी रैन बसेरा नहीं है। ठंडक बढ़ने पर स्थायी रैन बसेरा बनाए जाते हैं जिसकी तैयारियां चल रहीं हैं। ठंडक बढ़ने से पहले रैन बसेरा स्थापित करा दिए जाएंगे।
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बृजकिशारे, एडीएम
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पीलीभीत। ठंडक की दस्तक हो चुकी है, लेकिन अभी तक प्रशासन ने गरीबों को राहत देने के लिए जिले में कहीं भी रैन बसेरों को नहीं खोला है। हालांकि प्रशासन ने अलाव के लिए सभी पांचों तहसीलों में 50-50 हजार रुपये की धनराशि भेज दी है। कंबल खरीदने के लिए ई-टेंडरिंग की जा रही है।
ठंड में शहर मेें रहने वाले अथवा बाहर से आने वाले गरीबों को राहत देने के लिए प्रति वर्ष रैन बसेरों को आश्रय के लिए खोल दिए जाते हैं। इनमें रहने के लिए कंबल, बिजली, पानी, दवाएं, बिस्तर, अलाव आदि की व्यवस्था की जाती है। शहर में स्टेशन रोड स्थित मूलचंद्र धर्मशाला और तहसील परिसर के एक कक्ष में प्रति वर्ष रैन बसेरा स्थापित किया जाता है। लेकिन अभी तक जिले में एक भी स्थान पर रैन बसेरा नहीं खोला गया है। सदर तहसील में तहसीलदार आनंद प्रकाश राय ने शहर लेखपाल से पत्रावली तलब कर व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया शहर सहित तहसील क्षेत्र में जहां भी रैन बसेरा स्थापित किए जाने हैं उन्हें समय से व्यवस्था पूरी करा दी जाएंगी।
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जिले में कोई भी स्थायी रैन बसेरा नहीं है। ठंडक बढ़ने पर स्थायी रैन बसेरा बनाए जाते हैं जिसकी तैयारियां चल रहीं हैं। ठंडक बढ़ने से पहले रैन बसेरा स्थापित करा दिए जाएंगे।
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बृजकिशारे, एडीएम