{"_id":"59cd52574f1c1bd7538b4d95","slug":"171506628183-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंका दहन तक की लीला का हुआ मंचन।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंका दहन तक की लीला का हुआ मंचन।
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)।
नगर में चल रही रामलीला में रात्रि के समय हनुमान द्वारा लंका पंचवटी में पहुंचकर सीता को राम की अंगूठी देने के बाद अक्षय वध, मेघनाथ द्वारा हनुमान को बांध रावण दरबार में ले जाने एवं पूंछ में आग लगाने पर लंका दहन तक की लीला का मंचन हुआ।
नगर के बड़ा बाजार स्थित गांधी प्याऊ पर श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला का बुधवार की रात्रि दस बजे शुभारंभ प्रवीन कुमार एवं राधे ने किया। इसके बाद हनुमान लंका में माता सीता की खोजने जाते हैं। लंका की पंचवटी में सीता के मिलने पर हनुमान राम द्वारा दी गयी अंगूठी देने पर सीता उन्हें पहचान लेती है। हनुमान सीता को बताते हैं कि राम उन्हें जल्द ही यहां से मुक्त कराकर ले जाएंगे। पंचवटी में फल खाने के दौरान अक्षय द्वारा विरोध करने पर हनुमान उनका वध कर देते हैं। इसके बाद मेघनाथ हनुमान को बांधकर रावण के दरबार में ले जाते हैं। वहां रावण उनका वध करने की बात कहते हैं। विभीषण कहते है वानर को सबसे ज्यादा पीड़ा पूंछ में आग लगाने से होती है। इसके बाद हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान लंका दहन कर वापस लौट जाते हैं। इस दौरान डायरेक्टर उमेश शर्मा, राजेश शर्मा, अनिरुद्ध गौड़, पीयूष शर्मा, प्रवीन यादव, नरेंद्र शर्मा, प्रवेश शर्मा, तरुण गुप्ता, अतुल रूहैला, सुनील रूहैला, राजेंद्र यादव आदि रहे।
विज्ञापन
नगर में चल रही रामलीला में रात्रि के समय हनुमान द्वारा लंका पंचवटी में पहुंचकर सीता को राम की अंगूठी देने के बाद अक्षय वध, मेघनाथ द्वारा हनुमान को बांध रावण दरबार में ले जाने एवं पूंछ में आग लगाने पर लंका दहन तक की लीला का मंचन हुआ।
नगर के बड़ा बाजार स्थित गांधी प्याऊ पर श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला का बुधवार की रात्रि दस बजे शुभारंभ प्रवीन कुमार एवं राधे ने किया। इसके बाद हनुमान लंका में माता सीता की खोजने जाते हैं। लंका की पंचवटी में सीता के मिलने पर हनुमान राम द्वारा दी गयी अंगूठी देने पर सीता उन्हें पहचान लेती है। हनुमान सीता को बताते हैं कि राम उन्हें जल्द ही यहां से मुक्त कराकर ले जाएंगे। पंचवटी में फल खाने के दौरान अक्षय द्वारा विरोध करने पर हनुमान उनका वध कर देते हैं। इसके बाद मेघनाथ हनुमान को बांधकर रावण के दरबार में ले जाते हैं। वहां रावण उनका वध करने की बात कहते हैं। विभीषण कहते है वानर को सबसे ज्यादा पीड़ा पूंछ में आग लगाने से होती है। इसके बाद हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान लंका दहन कर वापस लौट जाते हैं। इस दौरान डायरेक्टर उमेश शर्मा, राजेश शर्मा, अनिरुद्ध गौड़, पीयूष शर्मा, प्रवीन यादव, नरेंद्र शर्मा, प्रवेश शर्मा, तरुण गुप्ता, अतुल रूहैला, सुनील रूहैला, राजेंद्र यादव आदि रहे।
विज्ञापन