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बाढ़ से जन-धन हानि होने पर होंगे गंभीर परिणाम
Updated Fri, 11 Aug 2017 06:39 PM IST
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पीलीभीत। जिले के दौरे पर आए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने जिले के बाढ़-कटान प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद बाढ़ से बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक अधिकारियों के साथ की। इस मौके पर सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि बाढ़ से जन और धन हानि होने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कहा विधायकों से समन्वय बनाकर बाढ़ और राहत कार्य किए जाएं। उनके साथ सिंचाई राज्यमंत्री स्वाती सिंह एवं प्रमुख सचिव सुधीर चंद्रा भी थे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने निकले सिंचाई मंत्रियों ने गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बाढ़ बचाव कार्य एवं तैयारियों की समीक्षा की। डीएम ने उन्हें जिले की नदियों, इससे प्रभावित क्षेत्र और इससे बचाव के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। बैठक के दौरान विधायकों ने बताया कि प्रशासन ने तैयारियों के बाबत उन्हें कोई जानकारी नहीं दी न कोई राय मशविरा किया। इस पर सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों से कहा कि विधायकों को क्षेत्र की बेहतर जानकारी होती है और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही है। विधायकों से बातचीत करके ही तैयारियां की जानी चाहिए और उन्हें सारी जानकारियां भी दें। कहा कि अधिकारियों को बाढ़ के दौरान किसी भी हालत में छुट्टी नहीं दी जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारी प्रत्येक बाढ़ और कटान स्थल पर स्वयं पहुंचकर निरीक्षण करें। केवल जेई के सहारे काम नहीं चलेगा। सिंचाई राज्यमंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि सूचना के बाद भी अधिकारी बैठक में आधी अधूरी तैयारियों से आए हैं आगे से ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बाढ़ आने पर सामग्री खरीदने को तहसीलदारों को अधिकृत करने और पिछले सप्लायरों से ही राहत सामग्री लेने की बात पर सिंचाई राज्यमंत्री ने डीएम से नाराजगी जताई और कहा कि पारदर्शिता जरूरी है। अन्य लोगों से भी संपर्क किया जाए। कहा कि राहत सामग्री का वितरण भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए। बैठक में बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा, शहर विधायक संजय सिंह गंगवार, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत के प्रतिनिधि प्रेम नरायन, सांसद प्रतिनिधि योगेंद्र सिंह गंगवार, प्रमुख सचिव सुधीर चंद्रा, डीएम शीतल वर्मा, एसपी कलानिधि नैथानी, अधीक्षण अभियंता एके सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार, उपाध्यक्ष धीरेंद्र मिश्र, एडीएम बृजकिशोर, सीडीओ आरबी भास्कर, सीएमओ डॉ. एके सिंह, एएमए जागन सिंह सहित सिंचाई, बिजली आदि के कई अभियंता मौजूद रहे।
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बाढ़ राहत में समाजसेवियों से ले मदद
पीलीभीत। समीक्षा बैठक के दौरान सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने डीएम से कहा कि बाढ़ राहत मे शासन और प्रशासन के साथ समाज सेवियों का भी योगदान रहता है। उनका योगदान लेने के लिए पहले से ही बैठक कर उनसे वार्ता कर ली जाए।
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बाघ हमले पर जताई चिंता
बाढ़ समीक्षा के दौरान सिंचाई मंत्री बाघ के हमलों का जिक्र करते हुए वन विभाग के अधिकारियों को तलब किया। इस पर डीएम ने बताया कि वनविभाग एवं प्रशासनिक अधिकारी सर्च अभियान में जुटे हुए हैं। सिंवाई मंत्री ने कहा कि जिले में बाघों के आतंक और हमलों हो रही मौतों से वह भी दुखी. हैं। उन्होंने डीएम से इसके लिए प्रभावी कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने निकले सिंचाई मंत्रियों ने गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बाढ़ बचाव कार्य एवं तैयारियों की समीक्षा की। डीएम ने उन्हें जिले की नदियों, इससे प्रभावित क्षेत्र और इससे बचाव के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। बैठक के दौरान विधायकों ने बताया कि प्रशासन ने तैयारियों के बाबत उन्हें कोई जानकारी नहीं दी न कोई राय मशविरा किया। इस पर सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों से कहा कि विधायकों को क्षेत्र की बेहतर जानकारी होती है और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही है। विधायकों से बातचीत करके ही तैयारियां की जानी चाहिए और उन्हें सारी जानकारियां भी दें। कहा कि अधिकारियों को बाढ़ के दौरान किसी भी हालत में छुट्टी नहीं दी जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारी प्रत्येक बाढ़ और कटान स्थल पर स्वयं पहुंचकर निरीक्षण करें। केवल जेई के सहारे काम नहीं चलेगा। सिंचाई राज्यमंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि सूचना के बाद भी अधिकारी बैठक में आधी अधूरी तैयारियों से आए हैं आगे से ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बाढ़ आने पर सामग्री खरीदने को तहसीलदारों को अधिकृत करने और पिछले सप्लायरों से ही राहत सामग्री लेने की बात पर सिंचाई राज्यमंत्री ने डीएम से नाराजगी जताई और कहा कि पारदर्शिता जरूरी है। अन्य लोगों से भी संपर्क किया जाए। कहा कि राहत सामग्री का वितरण भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए। बैठक में बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा, शहर विधायक संजय सिंह गंगवार, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत के प्रतिनिधि प्रेम नरायन, सांसद प्रतिनिधि योगेंद्र सिंह गंगवार, प्रमुख सचिव सुधीर चंद्रा, डीएम शीतल वर्मा, एसपी कलानिधि नैथानी, अधीक्षण अभियंता एके सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार, उपाध्यक्ष धीरेंद्र मिश्र, एडीएम बृजकिशोर, सीडीओ आरबी भास्कर, सीएमओ डॉ. एके सिंह, एएमए जागन सिंह सहित सिंचाई, बिजली आदि के कई अभियंता मौजूद रहे।
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बाढ़ राहत में समाजसेवियों से ले मदद
पीलीभीत। समीक्षा बैठक के दौरान सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने डीएम से कहा कि बाढ़ राहत मे शासन और प्रशासन के साथ समाज सेवियों का भी योगदान रहता है। उनका योगदान लेने के लिए पहले से ही बैठक कर उनसे वार्ता कर ली जाए।
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बाघ हमले पर जताई चिंता
बाढ़ समीक्षा के दौरान सिंचाई मंत्री बाघ के हमलों का जिक्र करते हुए वन विभाग के अधिकारियों को तलब किया। इस पर डीएम ने बताया कि वनविभाग एवं प्रशासनिक अधिकारी सर्च अभियान में जुटे हुए हैं। सिंवाई मंत्री ने कहा कि जिले में बाघों के आतंक और हमलों हो रही मौतों से वह भी दुखी. हैं। उन्होंने डीएम से इसके लिए प्रभावी कदम उठाने के भी निर्देश दिए।