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कृषि वैज्ञानिकों ने किसानो को जल बचाने के टिप्स दिए
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:32 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा ने ग्राम सिखेड़ा एवं पटौली में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने किसानों को जल संचय के बारे में बताया। खेत का पानी खेत में घर का पानी घर में कहावत को लेकर बताया कि किसान फसलों की सिंचाई करने में कई विधियों से जल को बचा सकते हैं। यदि जल है तो कल है। जल के अभाव में जीव जंतु, पशु पक्षी, पेड़ पौधे सभी का जीवन बने रहना मुश्किल है। फसल की बुवाई से पूर्व लेजर लेवल द्वारा खेतों को समतलीकरण कर कुछ हद तक सिंचाई के पानी की बचत की जा सकती है। मिट्टी वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि फसलों में संतुलित उर्वरक का प्रयोग कर फसल की पानी की मांग को कम किया जा सकता है। संचालन कृषि वैज्ञानिक डॉ. देव कुमार ने किया। इस दौरान प्रदीप कुमार, नगेंद्र डागर, मनवीर सिंह, सुखपाल, जयबीर सिंह, विपिन, तेजपाल, प्रमोद कुमार आदि किसान मौजूद रहे।
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शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा ने ग्राम सिखेड़ा एवं पटौली में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने किसानों को जल संचय के बारे में बताया। खेत का पानी खेत में घर का पानी घर में कहावत को लेकर बताया कि किसान फसलों की सिंचाई करने में कई विधियों से जल को बचा सकते हैं। यदि जल है तो कल है। जल के अभाव में जीव जंतु, पशु पक्षी, पेड़ पौधे सभी का जीवन बने रहना मुश्किल है। फसल की बुवाई से पूर्व लेजर लेवल द्वारा खेतों को समतलीकरण कर कुछ हद तक सिंचाई के पानी की बचत की जा सकती है। मिट्टी वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि फसलों में संतुलित उर्वरक का प्रयोग कर फसल की पानी की मांग को कम किया जा सकता है। संचालन कृषि वैज्ञानिक डॉ. देव कुमार ने किया। इस दौरान प्रदीप कुमार, नगेंद्र डागर, मनवीर सिंह, सुखपाल, जयबीर सिंह, विपिन, तेजपाल, प्रमोद कुमार आदि किसान मौजूद रहे।