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परमिट शुल्क में वृद्वि सिर्फ सरकार के हित में
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:40 PM IST
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11पीबीटीपी-17
जनता ही झेलेगी परमिट शुल्क में बढ़ोतरी की मार
क्रासर---
बोले ट्रांसपोर्टर - शुल्क वृद्धि सिर्फ सरकार के हित में
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। योगी सरकार की बैठक में मंगलवार को कामर्शियल वाहनों की परमिट शुल्क में औसतन 27.34 फीसदी की बढ़ोत्तरी करने के साथ लाइसेंस और रिप्लेसमेंट शुल्क बढ़ाने के फैसले का शहर के ट्रांसपोर्टर और व्यापारी विरोध कर रहे हैं। सीधे तौर पर उनका कहना है सरकार ने खुद का फायदा देखते हुए यह फैसला लिया है। ट्रांसपोर्टर का कहना है कि परमिट शुल्क में वृद्वि से माल ढुलाई से लेकर टैक्सी-बसों में यात्रा करना सब महंगा हो जाएगा। कारोबार के साथ इसका सीधा असर आम जनता पर भी पड़ेगा। इधर, व्यापारियों का कहना है कि वह जीएसटी से अभी उभर भी नहीं पाए थे कि अब सरकार के नए फैसले ने उनकी मुसीबतें और बढ़ा दी।
ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों की बात
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11पीबीटीपी- 18
परमिट शुल्क बढ़ाने से कारोबार पर काफी फर्क पढ़ेगा। इससे ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ेगा तो उसका सीधा असर लोकल मार्केट में भी देखने को मिलेगा। लोग कॉमर्शियल वाहन का सहारा न लेकर अन्य वाहन से माल मंगा लिया करेंगे। ऋृषभ, ट्रांसपोर्टर
11पीबीटीपी-19
लागातार बढ़ रही महंगाई से कारोबार चौपट होता जा रहा है। अब परमिट शुल्क में वृद्वि का असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा। सरकार ट्रांसपोर्टस और व्यापारियों का उत्पीडन कर रही है। इसको लेकर 20 जुलाई से हड़ताल की जाएगी
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विक्रम, ट्रांसपोर्टर
11पीबीटीपी-20
वैसे भी महंगाई की मार से आम आदमी परेशान है। अब परमिट शुल्क बढ़ाकर सरकार ने व्यापारी वर्ग को परेशान करने का काम किया है। महंगाई के इस दौर में परमिट शुल्क में वृद्धि करना सरकार का गलत फैसला है। - अमित कुमार, व्यापारी
11 पीबीटीपी- 21
क्या बोले अधिकारी
परमिट शुल्क बढ़ोतरी को प्रस्ताव दो साल पूर्व से प्रस्तावित था। अब सरकार ने व्यापारियों व ट्रांसपोर्टस के हित को देखते रिवाइज कर इसे लागू किया है। परमिट में जो वृद्धि की गई है वह पांच साल के लिए है, इसलिए कारोबार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। टैक्स शुल्क में अगर बढ़ोतरी होती तो कारोबार पर फर्क पड़ता दिखाई देता।- अमिताभ राय, एआरटीओ प्रशासन
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इस तरह हुई परमिट शुल्क में बढ़ोतरी
-कॉमर्शियल वाहनों के परमिट शुल्क में 27.34 फीसदी का इजाफा
-बसों और माल वाहक वाहनों में 25-25 फीसदी की वृद्धि
-लाइसेंस शुल्क में 33.33 फीसदी का इजाफा
-रिप्लेसमेंट शुल्क 23.08 फीसदी बढ़ा
-बड़ी टैक्सी (8-12 सीटर) में 50 फीसदी की वृद्धि
-पूरे प्रदेश में संचालन पर 33.33 फीसदी की वृद्धि
-100 फीसदी की बढ़ोत्तरी मोटर टैक्सी (6 सीटर) संभाग में चलाने के लिए
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जनता ही झेलेगी परमिट शुल्क में बढ़ोतरी की मार
क्रासर---
बोले ट्रांसपोर्टर - शुल्क वृद्धि सिर्फ सरकार के हित में
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। योगी सरकार की बैठक में मंगलवार को कामर्शियल वाहनों की परमिट शुल्क में औसतन 27.34 फीसदी की बढ़ोत्तरी करने के साथ लाइसेंस और रिप्लेसमेंट शुल्क बढ़ाने के फैसले का शहर के ट्रांसपोर्टर और व्यापारी विरोध कर रहे हैं। सीधे तौर पर उनका कहना है सरकार ने खुद का फायदा देखते हुए यह फैसला लिया है। ट्रांसपोर्टर का कहना है कि परमिट शुल्क में वृद्वि से माल ढुलाई से लेकर टैक्सी-बसों में यात्रा करना सब महंगा हो जाएगा। कारोबार के साथ इसका सीधा असर आम जनता पर भी पड़ेगा। इधर, व्यापारियों का कहना है कि वह जीएसटी से अभी उभर भी नहीं पाए थे कि अब सरकार के नए फैसले ने उनकी मुसीबतें और बढ़ा दी।
ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों की बात
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11पीबीटीपी- 18
परमिट शुल्क बढ़ाने से कारोबार पर काफी फर्क पढ़ेगा। इससे ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ेगा तो उसका सीधा असर लोकल मार्केट में भी देखने को मिलेगा। लोग कॉमर्शियल वाहन का सहारा न लेकर अन्य वाहन से माल मंगा लिया करेंगे। ऋृषभ, ट्रांसपोर्टर
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11पीबीटीपी-19
लागातार बढ़ रही महंगाई से कारोबार चौपट होता जा रहा है। अब परमिट शुल्क में वृद्वि का असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा। सरकार ट्रांसपोर्टस और व्यापारियों का उत्पीडन कर रही है। इसको लेकर 20 जुलाई से हड़ताल की जाएगी
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विक्रम, ट्रांसपोर्टर
11पीबीटीपी-20
वैसे भी महंगाई की मार से आम आदमी परेशान है। अब परमिट शुल्क बढ़ाकर सरकार ने व्यापारी वर्ग को परेशान करने का काम किया है। महंगाई के इस दौर में परमिट शुल्क में वृद्धि करना सरकार का गलत फैसला है। - अमित कुमार, व्यापारी
11 पीबीटीपी- 21
क्या बोले अधिकारी
परमिट शुल्क बढ़ोतरी को प्रस्ताव दो साल पूर्व से प्रस्तावित था। अब सरकार ने व्यापारियों व ट्रांसपोर्टस के हित को देखते रिवाइज कर इसे लागू किया है। परमिट में जो वृद्धि की गई है वह पांच साल के लिए है, इसलिए कारोबार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। टैक्स शुल्क में अगर बढ़ोतरी होती तो कारोबार पर फर्क पड़ता दिखाई देता।- अमिताभ राय, एआरटीओ प्रशासन
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इस तरह हुई परमिट शुल्क में बढ़ोतरी
-कॉमर्शियल वाहनों के परमिट शुल्क में 27.34 फीसदी का इजाफा
-बसों और माल वाहक वाहनों में 25-25 फीसदी की वृद्धि
-लाइसेंस शुल्क में 33.33 फीसदी का इजाफा
-रिप्लेसमेंट शुल्क 23.08 फीसदी बढ़ा
-बड़ी टैक्सी (8-12 सीटर) में 50 फीसदी की वृद्धि
-पूरे प्रदेश में संचालन पर 33.33 फीसदी की वृद्धि
-100 फीसदी की बढ़ोत्तरी मोटर टैक्सी (6 सीटर) संभाग में चलाने के लिए