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प्राकृतिक आपदा से बचाव को किया मॉकड्रिल
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:05 AM IST
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तहसील में आग लगी तो मच गया हड़कंप
बाद में पता लगा प्राकृतिक आपदा से बचाव को हो रही मॉकड्रिल
आग, अतिवृष्टि और बाढ़ की घटनाओं पर काबू पाकर दिखाया
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। प्राकृतिक आपदाएं आने पर उससे बचाव के लिए जिले में तीन स्थानों पर मॉकड्रिल कराया गया। इसमें सदर तहसील में अग्निकांड, जहानाबाद में बादल फटने और निसरा गांव में बाढ़ आने पर बचाव एवं राहत कार्य का पूर्वाभ्यास किया गया लेकिन विभागों के आपसी तालमेल बेहतर न होने के चलते कहीं घटना निर्धारित समय से पहले करा दी गई तो कहीं बचाव कार्य में दिक्कत आई। केंद्र सरकार के निर्देश पर बृहस्पतिवार को हुए मॉकड्रिल के लिए तीन स्थानों और घटनाओं को निर्धारित करने के लिए डीएम कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सदर तहसील में सुबह दस बजे अग्निकांड की घटना होनी थी लेकिन यहां 9.50 बजे ही तीसरी मंजिल के संग्रह कक्ष में आग लगाकर सूचना अधिकारियों को दे दी गई। इस पर पहले से तैयार सभी अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी अपनी गतिविधियां को अंजाम देकर आग पर नियंत्रण किया। इस दौरान दो लोगों को झुलसना दर्शाकर फायरब्रिगेड की टीम ने सुरक्षित बचाकर अस्पताल पहुंचाने का रिहर्सल किया। बाद में मॉकड्रिल की प्रभारी एसडीएम पुष्पा देवरार ने अग्निकांड में झुलसे एक व्यक्ति को सहायता प्रदान करने का भी रिहर्सल किया। यहां एसडीएम के अलावा तहसीलदार वीके त्रिवेदी, सीओ सिटी धर्मसिंह मार्छाल, सीएफओ ब्रह्मानंद दुबे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
अमरिया। निसरा गांव में प्रशासनिक एवं सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में बाढ़ से बचाव कार्य किए गए। सेना के मेजर रुद्रप्रताप के नेतृत्व में बचाव कार्य के बाद ग्रामीणों को बचाव के समय बचाव करने का तरीका समझाया गया। इसमें पुरानी खाली बोतलों को पेट में बांधने, चादर से स्ट्रैचर बनाने, रस्सी का पुल बनाने सहित तमाम जानकारियां दी गईं। यहां एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र, एसडीएम वंदना त्रिवेदी, एसएसबी, पीएससी व सेना के जवान मौजूद रहे।
जहानाबाद। आपदा बचाव को लेकर कस्बे के गल्ला गोदाम में रिहर्सल कराया गया। एडीएम, एसडीएम एसएसबी के जवानों ने बारिश और बादल फटने पर बचाव कार्य किए। इस दौरान लोगों के दीवार गिरने से मलबे में दबने पर अस्पताल पहुंचाने के साथ एक की मौत दर्शाई गई। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने मृतक के परिवार को सहायता राशि भी उपलब्ध कराई।
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तहसील में आग लगी तो मच गया हड़कंप
बाद में पता लगा प्राकृतिक आपदा से बचाव को हो रही मॉकड्रिल
आग, अतिवृष्टि और बाढ़ की घटनाओं पर काबू पाकर दिखाया
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। प्राकृतिक आपदाएं आने पर उससे बचाव के लिए जिले में तीन स्थानों पर मॉकड्रिल कराया गया। इसमें सदर तहसील में अग्निकांड, जहानाबाद में बादल फटने और निसरा गांव में बाढ़ आने पर बचाव एवं राहत कार्य का पूर्वाभ्यास किया गया लेकिन विभागों के आपसी तालमेल बेहतर न होने के चलते कहीं घटना निर्धारित समय से पहले करा दी गई तो कहीं बचाव कार्य में दिक्कत आई। केंद्र सरकार के निर्देश पर बृहस्पतिवार को हुए मॉकड्रिल के लिए तीन स्थानों और घटनाओं को निर्धारित करने के लिए डीएम कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सदर तहसील में सुबह दस बजे अग्निकांड की घटना होनी थी लेकिन यहां 9.50 बजे ही तीसरी मंजिल के संग्रह कक्ष में आग लगाकर सूचना अधिकारियों को दे दी गई। इस पर पहले से तैयार सभी अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी अपनी गतिविधियां को अंजाम देकर आग पर नियंत्रण किया। इस दौरान दो लोगों को झुलसना दर्शाकर फायरब्रिगेड की टीम ने सुरक्षित बचाकर अस्पताल पहुंचाने का रिहर्सल किया। बाद में मॉकड्रिल की प्रभारी एसडीएम पुष्पा देवरार ने अग्निकांड में झुलसे एक व्यक्ति को सहायता प्रदान करने का भी रिहर्सल किया। यहां एसडीएम के अलावा तहसीलदार वीके त्रिवेदी, सीओ सिटी धर्मसिंह मार्छाल, सीएफओ ब्रह्मानंद दुबे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
अमरिया। निसरा गांव में प्रशासनिक एवं सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में बाढ़ से बचाव कार्य किए गए। सेना के मेजर रुद्रप्रताप के नेतृत्व में बचाव कार्य के बाद ग्रामीणों को बचाव के समय बचाव करने का तरीका समझाया गया। इसमें पुरानी खाली बोतलों को पेट में बांधने, चादर से स्ट्रैचर बनाने, रस्सी का पुल बनाने सहित तमाम जानकारियां दी गईं। यहां एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र, एसडीएम वंदना त्रिवेदी, एसएसबी, पीएससी व सेना के जवान मौजूद रहे।
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जहानाबाद। आपदा बचाव को लेकर कस्बे के गल्ला गोदाम में रिहर्सल कराया गया। एडीएम, एसडीएम एसएसबी के जवानों ने बारिश और बादल फटने पर बचाव कार्य किए। इस दौरान लोगों के दीवार गिरने से मलबे में दबने पर अस्पताल पहुंचाने के साथ एक की मौत दर्शाई गई। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने मृतक के परिवार को सहायता राशि भी उपलब्ध कराई।
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