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देवीपुर माइनर से नाला बनाकर गोमती को मिलेगा पानी
Updated Sat, 17 Mar 2018 08:56 PM IST
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देवीपुर माइनर से गोमती को मिलेगा पानी
डीएम ने उद्गम स्थल का निरीक्षण कर दिए निर्देश
17 पीबीटीपी 17
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा/पीलीभीत। डीएम शीतल वर्मा शनिवार को अधिकारियों के साथ गोमती उद्गम स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने गोमती में पानी देने के लिए देवीपुर माइनर से नाला खोदने व झील के जीर्णोद्धार के निर्देश दिए। गोमती के नाम जमीन और बाग आदि की आमदनी का हिसाब रखने को अलग से खाता खुलवाने के निर्देश एसडीएम को दिए।
गोमती की अविरल धारा की कवायद एक फिर शुरू की गई है। यह कवायद कितनी कामयाब रहेगी यह तो समय ही बताएगा। शनिवार को डीएम शीतल वर्मा अधिकारियों के साथ गोमती उद्गम स्थल पहुंचीं। उन्होंने यहां मौजूद लोगों से गोमती के बारे में जानकारी और इससे संबंधी समस्याएं पूछीं। इसके बाद डीएम ने बीडीओ ऋषिपाल सिंह को निर्देश दिए कि उद्गम स्थल तक पानी पहुंचाने को देवीपुर माइनर से झील तक मनरेगा से नाला खुदवाएं। इसके लिए सिंचाई विभाग के सहयोग से नापजोख करा ली जाए। नाले के अलावा उन्होंने शारदा सागर के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार को गोमती की झीलों एवं इसके आगे के मार्ग पर काम कराने के निर्देश दिए। गोमती पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कांपलेक्स और पर्यटकों के बैठने के लिए टिनशेड डलवाने के निर्देश सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह को दिए। एसडीएम कलीनगर पुष्पा देवरार से कहा कि गोमती मंदिर के नाम जितना भी रकबा है उसकी जांच करें और यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे खाली कराएं। गोमती की जमीन से होने वाली आमदनी का हिसाब रखने के लिए अलग खाता खुलवाने के निर्देश दिए ताकि एकत्र धनराशि का उपयोग गोमती के जीर्णोद्धार में हो सके। नदी के दोनों तटों इसके आसपास की खाली जमीन पर पौधरोपण कराने के निर्देश डीएफओ आदर्श कुमार को दिए।
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डीएम ने उद्गम स्थल का निरीक्षण कर दिए निर्देश
17 पीबीटीपी 17
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा/पीलीभीत। डीएम शीतल वर्मा शनिवार को अधिकारियों के साथ गोमती उद्गम स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने गोमती में पानी देने के लिए देवीपुर माइनर से नाला खोदने व झील के जीर्णोद्धार के निर्देश दिए। गोमती के नाम जमीन और बाग आदि की आमदनी का हिसाब रखने को अलग से खाता खुलवाने के निर्देश एसडीएम को दिए।
गोमती की अविरल धारा की कवायद एक फिर शुरू की गई है। यह कवायद कितनी कामयाब रहेगी यह तो समय ही बताएगा। शनिवार को डीएम शीतल वर्मा अधिकारियों के साथ गोमती उद्गम स्थल पहुंचीं। उन्होंने यहां मौजूद लोगों से गोमती के बारे में जानकारी और इससे संबंधी समस्याएं पूछीं। इसके बाद डीएम ने बीडीओ ऋषिपाल सिंह को निर्देश दिए कि उद्गम स्थल तक पानी पहुंचाने को देवीपुर माइनर से झील तक मनरेगा से नाला खुदवाएं। इसके लिए सिंचाई विभाग के सहयोग से नापजोख करा ली जाए। नाले के अलावा उन्होंने शारदा सागर के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार को गोमती की झीलों एवं इसके आगे के मार्ग पर काम कराने के निर्देश दिए। गोमती पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कांपलेक्स और पर्यटकों के बैठने के लिए टिनशेड डलवाने के निर्देश सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह को दिए। एसडीएम कलीनगर पुष्पा देवरार से कहा कि गोमती मंदिर के नाम जितना भी रकबा है उसकी जांच करें और यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे खाली कराएं। गोमती की जमीन से होने वाली आमदनी का हिसाब रखने के लिए अलग खाता खुलवाने के निर्देश दिए ताकि एकत्र धनराशि का उपयोग गोमती के जीर्णोद्धार में हो सके। नदी के दोनों तटों इसके आसपास की खाली जमीन पर पौधरोपण कराने के निर्देश डीएफओ आदर्श कुमार को दिए।
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