{"_id":"5d24dd488ebc3e6cef2b10ac","slug":"156269700417-pilibhit-news110","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान ! जंगल के राजा सड़क पार कर सकते हैं..वाहनों की गति नियंत्रित रखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावधान ! जंगल के राजा सड़क पार कर सकते हैं..वाहनों की गति नियंत्रित रखें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। जंगल के मार्गों पर वाहनों की चपेट में आकर वन्यजीवों की मौत के साथ ही वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर अफसर गंभीर हैं। इसे लेकर पहले भी तमाम प्रयास किए जा चुके हैं। इधर, मानसून सक्रिय होने के बाद एक बार फिर सड़कों पर सुरक्षा के मानक पुख्ता किए जा रहे हैं। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने अब जंगल के मार्गों पर बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की अधिक चहलकदमी वाले क्षेत्रों में उनके फोटोयुक्त डिजाइनर बोर्ड लगवाने का निर्णय किया है।
टाइगर रिजर्व का जंगल क्षेत्र 73 हजार हेक्टेयर में फैला है। जिले में कई हाईवे जंगल क्षेत्र से होकर ही गुजरते हैं। बाघ समेत अन्य वन्यजीव भी अक्सर चहलकदमी करते सड़कों पर आ जाते हैं। हाईवे पर वाहनों की स्पीड ज्यादा रहने से वन्यजीव उनकी चपेट में आकर जान गवां रहे हैं। वहीं खुले वाहनों में सवार लोगों के लिए भी हिंसक वन्यजीवों की चहलकदमी से खतरा बना रहता हैं। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने अब जंगल क्षेत्र में बाघ, भालू समेत अन्य हिंसक वन्यजीवों की अधिक चहलकदमी वाले क्षेत्रों में डिजाइनर बोर्ड लगवाना शुरू किए है। बाघ और भालू के फोटोयुक्त बड़े आकार के बोर्ड बनवाए गए है, ताकि वाहन चालक उन्हें दूर से देख सकें और संबंधित इलाके में खुद की सुरक्षा के प्रति सचेत रहने के साथ ही वाहनों की गति नियंत्रित रख सकें। ये बोर्ड माधोटांडा-पीलीभीत जंगल मार्ग, पूरनपुर-खटीमा जंगल मार्ग के अलावा अन्य जंगल मार्गों पर भी लगवाए जा रहे हैं।
जंगल मार्गों पर वन्यजीवों के साथ राहगीरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजाइनर बोर्ड लगवाए जा रहे है। जिससे मार्ग से गुजरने वाले लोग हिंसक वन्यजीव का ध्यान रखते हुए नियंत्रित रूप से गुजरें।
विज्ञापन
- आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
बाघ ने नीलगाय को बनाया निवाला
गजरौला। माला रेंज के अंतर्गत गढ़ा बीट के जंगल क्षेत्र से सटे इलाके में बाघ की चहलकदमी जारी है। मंगलवार सुबह बाघ ने जंगल सीमा से सटे इलाके में बूटा सिंह के फार्म के निकट एक नील गाय को निवाला बना लिया। सूचना के बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना किया। अफसरों के निर्देश पर नील गाय को शव को दफना दिया गया। डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने बताया कि बाघ की चहलकमी जंगल सीमा से सटे इलाके में देखी जा रही है। इसकी लेकर वनकर्मियों को निगरानी करने के निर्देश दिए गए है।
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व का जंगल क्षेत्र 73 हजार हेक्टेयर में फैला है। जिले में कई हाईवे जंगल क्षेत्र से होकर ही गुजरते हैं। बाघ समेत अन्य वन्यजीव भी अक्सर चहलकदमी करते सड़कों पर आ जाते हैं। हाईवे पर वाहनों की स्पीड ज्यादा रहने से वन्यजीव उनकी चपेट में आकर जान गवां रहे हैं। वहीं खुले वाहनों में सवार लोगों के लिए भी हिंसक वन्यजीवों की चहलकदमी से खतरा बना रहता हैं। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने अब जंगल क्षेत्र में बाघ, भालू समेत अन्य हिंसक वन्यजीवों की अधिक चहलकदमी वाले क्षेत्रों में डिजाइनर बोर्ड लगवाना शुरू किए है। बाघ और भालू के फोटोयुक्त बड़े आकार के बोर्ड बनवाए गए है, ताकि वाहन चालक उन्हें दूर से देख सकें और संबंधित इलाके में खुद की सुरक्षा के प्रति सचेत रहने के साथ ही वाहनों की गति नियंत्रित रख सकें। ये बोर्ड माधोटांडा-पीलीभीत जंगल मार्ग, पूरनपुर-खटीमा जंगल मार्ग के अलावा अन्य जंगल मार्गों पर भी लगवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
जंगल मार्गों पर वन्यजीवों के साथ राहगीरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजाइनर बोर्ड लगवाए जा रहे है। जिससे मार्ग से गुजरने वाले लोग हिंसक वन्यजीव का ध्यान रखते हुए नियंत्रित रूप से गुजरें।
विज्ञापन
- आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
बाघ ने नीलगाय को बनाया निवाला
गजरौला। माला रेंज के अंतर्गत गढ़ा बीट के जंगल क्षेत्र से सटे इलाके में बाघ की चहलकदमी जारी है। मंगलवार सुबह बाघ ने जंगल सीमा से सटे इलाके में बूटा सिंह के फार्म के निकट एक नील गाय को निवाला बना लिया। सूचना के बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना किया। अफसरों के निर्देश पर नील गाय को शव को दफना दिया गया। डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने बताया कि बाघ की चहलकमी जंगल सीमा से सटे इलाके में देखी जा रही है। इसकी लेकर वनकर्मियों को निगरानी करने के निर्देश दिए गए है।