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टाइगर रिजर्वं में वन्यजीवों की गणना पूरी
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पीलीभीत। जंगल में बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या का आकलन करने के लिए चल रही गणना का अंतिम चरण गुरुवार को पूरा हो गया। तीन चरणों में हुई गणना का परिणाम जल्द ही सामने आ जाएगा। गणना में लगी सभी टीमों ने अपना डाटा मुख्यालय पर अपडेट करना शुरू कर दिया है।
बाघ संरक्षण के लिए वर्ष 2014 में जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। इसके बाद से ही जंगल व वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कदम आगे बढ़ाए जाने लगे। हालांकि फील्ड स्टाफ के साथ संसाधनों की कमी प्रयासों में आड़े आती रही, लेकिन बावजूद इसके जंगल का बेहतर ग्रासलैंड होने से बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या में इजाफा हुआ। हालांकि बाघ के अलावा अन्य वन्यजीवों की संख्या का आंकड़ा विभाग के पास नही है। इसको ध्यान में रखते हुए अफसरों ने वन्यजीवों की गणना कराने का निर्णय लिया। इसके लिए वन विभाग के अलावा जंगल से जुड़ी अन्य संस्थाओं के सदस्यों को शामिल कर तीन चरणों में गणना की तिथि निर्धारित की गई। इसके लिए पहले नौ, 13 व 23 मई को गणना का अंतिम चरण पूरा किया गया। गुरुवार को अफसरों ने दिशा- निर्देश देकर गणना में लगी सभी टीमों को रवाना किया। अंतिम चरण में गणना के दौरान तेंदुआ, भालू, जंगली सुअर, नीलगाय, हिरन, हॉक डियर, ब्लू बुल, ईगल,जंगली खरगोश, सहित कई वन्यजीवों की चहलकदमी देख संख्या का आकलन किया गया। वही फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन, डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने भी जंगल क्षेत्र का भ्रमण कर गणना पर नजर रखी।
वन्यजीवों की बढ़ रही संख्या, जंगल का घट रहा दायरा
जंगल में प्रवास किए बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या में इजाफा होने की बात गणना के दौरान भी सामने आई है। इसमें ऊदबिलाव, गोह समेत कई विलुप्त प्रजाति के वन्यजीव भी शामिल हैं। यह टाइगर रिजर्व के लिए अच्छे संकेत हैं, लेकिन बढ़ती संख्या के साथ उनके संरक्षण को लेकर समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए जंगल का घटता दायरे को बढ़ाने पर जोर देना होगा।
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इन वन्यजीवों का बढ़ा कुनबा
वन्यजीव की गणना के दौरान सामने आए इनपुट में इस बार स्पोर्ट डियर, हॉकडियर, वर्किंग डियर, काकड़, रेड बुलबुल, भालू, सियार, जंगली सूअर, मोर, ईगल, उल्लू, गिद्ध, मगरमच्छ के कुनबे में काफी इजाफा होने की बात सामने आई है।
टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की गणना पूरी हो चुकी है। गणना में लगी सभी टीमों को मुख्यालय पर डाटा एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही वन्यजीवों की संख्या के आंकड़े सामने होंगे। गणना के दौरान कई विलुप्त प्रजाति के वन्यजीव की हलचल दिखी है। आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर
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बाघ संरक्षण के लिए वर्ष 2014 में जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। इसके बाद से ही जंगल व वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कदम आगे बढ़ाए जाने लगे। हालांकि फील्ड स्टाफ के साथ संसाधनों की कमी प्रयासों में आड़े आती रही, लेकिन बावजूद इसके जंगल का बेहतर ग्रासलैंड होने से बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या में इजाफा हुआ। हालांकि बाघ के अलावा अन्य वन्यजीवों की संख्या का आंकड़ा विभाग के पास नही है। इसको ध्यान में रखते हुए अफसरों ने वन्यजीवों की गणना कराने का निर्णय लिया। इसके लिए वन विभाग के अलावा जंगल से जुड़ी अन्य संस्थाओं के सदस्यों को शामिल कर तीन चरणों में गणना की तिथि निर्धारित की गई। इसके लिए पहले नौ, 13 व 23 मई को गणना का अंतिम चरण पूरा किया गया। गुरुवार को अफसरों ने दिशा- निर्देश देकर गणना में लगी सभी टीमों को रवाना किया। अंतिम चरण में गणना के दौरान तेंदुआ, भालू, जंगली सुअर, नीलगाय, हिरन, हॉक डियर, ब्लू बुल, ईगल,जंगली खरगोश, सहित कई वन्यजीवों की चहलकदमी देख संख्या का आकलन किया गया। वही फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन, डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने भी जंगल क्षेत्र का भ्रमण कर गणना पर नजर रखी।
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वन्यजीवों की बढ़ रही संख्या, जंगल का घट रहा दायरा
जंगल में प्रवास किए बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या में इजाफा होने की बात गणना के दौरान भी सामने आई है। इसमें ऊदबिलाव, गोह समेत कई विलुप्त प्रजाति के वन्यजीव भी शामिल हैं। यह टाइगर रिजर्व के लिए अच्छे संकेत हैं, लेकिन बढ़ती संख्या के साथ उनके संरक्षण को लेकर समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए जंगल का घटता दायरे को बढ़ाने पर जोर देना होगा।
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इन वन्यजीवों का बढ़ा कुनबा
वन्यजीव की गणना के दौरान सामने आए इनपुट में इस बार स्पोर्ट डियर, हॉकडियर, वर्किंग डियर, काकड़, रेड बुलबुल, भालू, सियार, जंगली सूअर, मोर, ईगल, उल्लू, गिद्ध, मगरमच्छ के कुनबे में काफी इजाफा होने की बात सामने आई है।
टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की गणना पूरी हो चुकी है। गणना में लगी सभी टीमों को मुख्यालय पर डाटा एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही वन्यजीवों की संख्या के आंकड़े सामने होंगे। गणना के दौरान कई विलुप्त प्रजाति के वन्यजीव की हलचल दिखी है। आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर