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भरत को राजपाठ और राम के लिए मांगा 14 वर्ष बनवास

Wed, 10 Oct 2018 07:36 PM IST
Updated Wed, 10 Oct 2018 07:36 PM IST
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भरत को राजपाठ और राम के लिए मांगा 14 वर्ष बनवास
भरत को राजपाठ और राम के लिए मांगा 14 वर्ष वनवास
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रामलीला महोत्सव में श्रीराम वनागमन लीला का हुआ मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। श्रीरामलीला महोत्सव संचालन समिति की ओर से परमठ मंदिर में चल रहे रामलीला महोत्सव में श्रीराम वनगमन लीला का आयोजन किया गया। केवट प्रसंग (घन्नई लीला) एकता सरोवर पर हुई। इसके पश्चात चित्रकूट विश्राम लीला राजेंद्र सिंह के बाग में हुई।

महाराज दशरथ अपने चारों पुत्रों के विवाह से खास प्रसन्न होते हैं। अयोध्या में हर तरफ हर्षोल्लास का माहौल है। भरत-शत्रुधन अपनी ननिहाल कैकेय देश जाते हैं। तत्पश्चात दशरथ कुलगुरु वशिष्ठ से राम-राज्याभिषेक की बात कहते हैं। यह समाचार सुन सारे अयोध्यावासी अति प्रसन्न हो उठे। तभी मंथरा कुटिल नीति से कैकेई को उकसाते हुए कहती है कि कौशल्या के समक्ष राजा तुम्हें हीनता से देखेंगे। अपने पुत्र भरत को राजा बनाओ। कैकेई मंथरा की बातों में आने के बाद दशरथ को पूर्व में दिए गए वचनों का याद दिलाती है और दो वचनों में भरत को राजपाठ और राम को 14 वर्ष का वनवास मांगती हैं। यह सुन दशरथ अत्यंत कथित हो उठे। प्रभु राम लक्ष्मण और सीता के साथ वन को प्रस्थान करते हैं। चारों ओर उदासी छा जाती है। प्रभु राम-लक्ष्मण और सीता एकता सरोवर घन्नई लीला के पश्चात लक्ष्मण गढ़ी, वाल्मीकि मंदिर, लेखराज चौराहा, कालामंदिर, नई बसती चौराहा डिग्री कॉलेज रोड होते हुए राजेंद्र सिंह के बाग पहुंचते हैं। जहां चित्रकूट विश्राम लीला संपन्न हुई। इस मौके पर महंत ओमकार नाथ, धीरेंद्र मिश्र एडवोकेट, अंबरीश शर्मा अंबू, सुनील मिश्र, भानु प्रताप सिंह, केशव सक्सेना, अमित अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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