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सांकरौद में किसानों ने दिया धरना
Updated Sun, 03 Jun 2018 01:20 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम सांकरौद में किसानों ने धरना दिया और फसल ऋण मोचन योजना के तहत ऋण माफ कराने की मांग की। साथ ही ऋण माफ न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
क्षेत्र के ग्राम सांकरौद में शनिवार को ग्रामीण गांव के मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए। वहां उन्होंने धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के बाद किसानों के फसल ऋण मोचन योजना के तहत ऋण माफ करने की घोषणा की । जनता ने सत्ता में पहुंचाया, लेकिन सरकार सत्ता में पहुंचते ही अपने वादे भूल गई और अपने वादों पर सरकार खरी नहीं उतर रही है। इससे किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश है। केवल कुछ ही किसानों के ऋण माफ किए। अधिकतर किसान ऋण माफी से वंचित है। किसानों पर ऋण के साथ उसके ब्याज का भी बोझ बढ़ गया है। इससे किसानों के समक्ष परिवार के भरण पोषण की समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने सरकार से अविलंब ऋण माफ कराने की मांग की। साथ ही मांगे पूरी न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। इस दौरान मुकेश, श्रीपाल, प्रवीण, सुभाष, राकेश, वेदप्रकाश, राजबीर, देवेंद्र सिंह, लीलू, बिजेंद्र, हरेंद्र आदि रहे।
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खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम सांकरौद में किसानों ने धरना दिया और फसल ऋण मोचन योजना के तहत ऋण माफ कराने की मांग की। साथ ही ऋण माफ न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
क्षेत्र के ग्राम सांकरौद में शनिवार को ग्रामीण गांव के मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए। वहां उन्होंने धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के बाद किसानों के फसल ऋण मोचन योजना के तहत ऋण माफ करने की घोषणा की । जनता ने सत्ता में पहुंचाया, लेकिन सरकार सत्ता में पहुंचते ही अपने वादे भूल गई और अपने वादों पर सरकार खरी नहीं उतर रही है। इससे किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश है। केवल कुछ ही किसानों के ऋण माफ किए। अधिकतर किसान ऋण माफी से वंचित है। किसानों पर ऋण के साथ उसके ब्याज का भी बोझ बढ़ गया है। इससे किसानों के समक्ष परिवार के भरण पोषण की समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने सरकार से अविलंब ऋण माफ कराने की मांग की। साथ ही मांगे पूरी न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। इस दौरान मुकेश, श्रीपाल, प्रवीण, सुभाष, राकेश, वेदप्रकाश, राजबीर, देवेंद्र सिंह, लीलू, बिजेंद्र, हरेंद्र आदि रहे।
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