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प्रयोगात्मक परीक्षा में भी ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे छाया
Updated Mon, 23 Apr 2018 01:36 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)। महामना मालवीय महाविद्यालय कॉलेज में भूगोल की प्रयोगात्मक परीक्षा में भी ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे छाया रहा। छात्र, छात्राओं ने हाइवे निर्माण प्रक्रिया में एलीडेड यंत्र की भूमिका का प्रदर्शन किया।
महाविद्यालय में रविवार को स्नातक फाइनल की छात्राओं की भूगोल प्रयोगात्मक परीक्षा हुई। प्रयोगात्मक परीक्षा में ईस्टर्न पैेरिफेरल हाइवे के निर्माण की छाया दिखाई दी। छात्राओं ने एलीडेड उपकरण के माध्यम से हाइवे निर्माण से पूर्व उसका नक्शा, मोड़, उठान, गहराई आदि का चार्ट तैयार किया। जैन कॉलेज बड़ौत के प्राचार्य एवं परीक्षक डॉ. बिजेंद्र सिंह ने भी छात्राओं से अधिकांश प्रश्न हाइवे से जुडे़ ही पूछे। प्राचार्य डॉ. जगदीश कुमार ने बताया कि महाविद्यालय में भूगोल विषय के लिए प्रायोगिक कार्यशाला है, इसमें सभी प्रकार के भूगोल सर्वेक्षण से संबंधित उपकरण उपलब्ध है। क्षेत्रीय सर्वेक्षण के लिए विद्यार्थियों को जरीब-फीता, सम पटल पट्ट, बोर्ड, चिमटा, ट्रक कम्पास, एलीडेड, लेवलिंग मशीन, थेडोलाइट आदि उपकरण उपलब्ध हैं। समय-समय पर छात्र-छात्राएं सर्वेक्षण करने नवनिर्मित हाइवे पर भी जाते हैं। परीक्षा में 117 परीक्षार्थी मौजूद रहे। इस दौरान आंतरिक प्रशिक्षक स्वाति तोमर, सूर्य दत्त शर्मा आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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महाविद्यालय में रविवार को स्नातक फाइनल की छात्राओं की भूगोल प्रयोगात्मक परीक्षा हुई। प्रयोगात्मक परीक्षा में ईस्टर्न पैेरिफेरल हाइवे के निर्माण की छाया दिखाई दी। छात्राओं ने एलीडेड उपकरण के माध्यम से हाइवे निर्माण से पूर्व उसका नक्शा, मोड़, उठान, गहराई आदि का चार्ट तैयार किया। जैन कॉलेज बड़ौत के प्राचार्य एवं परीक्षक डॉ. बिजेंद्र सिंह ने भी छात्राओं से अधिकांश प्रश्न हाइवे से जुडे़ ही पूछे। प्राचार्य डॉ. जगदीश कुमार ने बताया कि महाविद्यालय में भूगोल विषय के लिए प्रायोगिक कार्यशाला है, इसमें सभी प्रकार के भूगोल सर्वेक्षण से संबंधित उपकरण उपलब्ध है। क्षेत्रीय सर्वेक्षण के लिए विद्यार्थियों को जरीब-फीता, सम पटल पट्ट, बोर्ड, चिमटा, ट्रक कम्पास, एलीडेड, लेवलिंग मशीन, थेडोलाइट आदि उपकरण उपलब्ध हैं। समय-समय पर छात्र-छात्राएं सर्वेक्षण करने नवनिर्मित हाइवे पर भी जाते हैं। परीक्षा में 117 परीक्षार्थी मौजूद रहे। इस दौरान आंतरिक प्रशिक्षक स्वाति तोमर, सूर्य दत्त शर्मा आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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