{"_id":"5ac528e44f1c1bc4618b593d","slug":"151522870500-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडौला के किसानों ने किया पैदल मार्च, प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडौला के किसानों ने किया पैदल मार्च, प्रदर्शन
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)। मंडौला में आंदोलनरत किसानों ने बुधवार को खेकड़ा में पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का एक वर्ष से क्रमिक अनशन चल रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वह अनशन जारी रखेंगे और 15 अप्रैल को मंडौला में विशाल धरना प्रदर्शन होगा।
आवास-विकास परिषद ने मंडौला विहार परियोजना के लिए 2009 में मंडौला, नानू, पंचलोक, अगरौला, नवादा एवं मिलक बामला गांव की 2640 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया । इसके एवज में प्रभावित किसानों को 11 सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे का भुगतान किया। किसानों का कहना है कि करार करते समय परिषद ने किसानों को छह प्रतिशत विकसित भूमि वापस देने एवं उक्त गांवों का संपूर्ण विकास कराने का आश्वासन दिया । किसान मुआवजे की दर से संतुष्ट नहीं है तथा मुआवजा बढ़ाने एवं अन्य मांगों को लेकर दो दिसंबर 2016 से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान किसान धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल भी कर चुके हैं। अधिग्रहीत भूमि पर फसल उजाड़ने को लेकर किसानों का आवास-विकास परिषद के अधिकारियों से संघर्ष भी हो चुका है। इसके बाद परिषद अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने किसानों के विरुद्ध संगीन धारा में मुकदमे भी दर्ज किए । किसानों का नेतृत्व कर रहे मनवीर तेवतिया को जिला बदर कर दिया। मुआवजे की दर बढ़ाने की मांग न मानने से किसान नाराज हैं।
बुधवार को मंडौला के सैकड़ों किसान खेकड़ा पहुंचे और पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया तथा शासन प्रशासन व आवास विकास के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी आंदोलन जारी रहेगा और 15 अप्रैल को मंडौला में विशाल धरना प्रदर्शन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आवास-विकास परिषद ने मंडौला विहार परियोजना के लिए 2009 में मंडौला, नानू, पंचलोक, अगरौला, नवादा एवं मिलक बामला गांव की 2640 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया । इसके एवज में प्रभावित किसानों को 11 सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे का भुगतान किया। किसानों का कहना है कि करार करते समय परिषद ने किसानों को छह प्रतिशत विकसित भूमि वापस देने एवं उक्त गांवों का संपूर्ण विकास कराने का आश्वासन दिया । किसान मुआवजे की दर से संतुष्ट नहीं है तथा मुआवजा बढ़ाने एवं अन्य मांगों को लेकर दो दिसंबर 2016 से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान किसान धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल भी कर चुके हैं। अधिग्रहीत भूमि पर फसल उजाड़ने को लेकर किसानों का आवास-विकास परिषद के अधिकारियों से संघर्ष भी हो चुका है। इसके बाद परिषद अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने किसानों के विरुद्ध संगीन धारा में मुकदमे भी दर्ज किए । किसानों का नेतृत्व कर रहे मनवीर तेवतिया को जिला बदर कर दिया। मुआवजे की दर बढ़ाने की मांग न मानने से किसान नाराज हैं।
विज्ञापन
बुधवार को मंडौला के सैकड़ों किसान खेकड़ा पहुंचे और पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया तथा शासन प्रशासन व आवास विकास के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी आंदोलन जारी रहेगा और 15 अप्रैल को मंडौला में विशाल धरना प्रदर्शन होगा।
विज्ञापन