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घोटालेबाज सचिन निलंबित, विभागीय जांच भी होगी
Updated Mon, 12 Mar 2018 08:40 PM IST
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घोटालेबाज सचिव निलंबित, विभागीय जांच भी होगी
क्रासर...
अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर सचिव लालबहादुर पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। विकास कार्यों में घोटाला करने वाले पंचायत सचिव लाल बहादुर गंगवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोपी सचिव पहले भी भ्रष्टाचार के मामले में फंस चुके हैं।
भ्रष्टाचार के मामले में आए दिन प्रधानों व सचिवों पर हो रही कार्रवाई का असर कम होता नहीं दिख रहा है। बिलसंडा की ग्राम पंचायत जैठापुरा में वित्तीय वर्ष कराए गए विकास कार्यों में जमकर गड़बड़ी की गई थी। ग्रामीणों का आरोप था पंचायत सचिव लालबहादुर गंगवार ने ग्राम निधि व मनरेगा से कराए कार्यों में घोटाला किया था। इस मामले की जांच को पिछले महीने गांव पहुंची जांच टीम को सचिव ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए थे। जांच टीम को बैरंग लौटना पड़ा था। बाद में इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने दोबारा स्मरण पत्र भेजकर पंचायत सचिव लालबहादुर गंगवार से अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा लेकिन सचिव ने इसे भी नजरअंदाज कर दिया। जिसके बाद सीडीओ ने तत्काल प्रभाव से सचिव को निलंबित करने का आदेश डीडीओ को जारी कर दिया। डीडीओ सुशील कुमार उपाध्याय का कहना है कि सचिव को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी।
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क्रासर...
अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर सचिव लालबहादुर पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। विकास कार्यों में घोटाला करने वाले पंचायत सचिव लाल बहादुर गंगवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोपी सचिव पहले भी भ्रष्टाचार के मामले में फंस चुके हैं।
भ्रष्टाचार के मामले में आए दिन प्रधानों व सचिवों पर हो रही कार्रवाई का असर कम होता नहीं दिख रहा है। बिलसंडा की ग्राम पंचायत जैठापुरा में वित्तीय वर्ष कराए गए विकास कार्यों में जमकर गड़बड़ी की गई थी। ग्रामीणों का आरोप था पंचायत सचिव लालबहादुर गंगवार ने ग्राम निधि व मनरेगा से कराए कार्यों में घोटाला किया था। इस मामले की जांच को पिछले महीने गांव पहुंची जांच टीम को सचिव ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए थे। जांच टीम को बैरंग लौटना पड़ा था। बाद में इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने दोबारा स्मरण पत्र भेजकर पंचायत सचिव लालबहादुर गंगवार से अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा लेकिन सचिव ने इसे भी नजरअंदाज कर दिया। जिसके बाद सीडीओ ने तत्काल प्रभाव से सचिव को निलंबित करने का आदेश डीडीओ को जारी कर दिया। डीडीओ सुशील कुमार उपाध्याय का कहना है कि सचिव को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी।
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