{"_id":"5bcb80debdec22694623cce1","slug":"141540063454-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महर्षि दयानंद के सिद्धांत से राष्ट्र उत्थान संभव - श्रीपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महर्षि दयानंद के सिद्धांत से राष्ट्र उत्थान संभव - श्रीपाल
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)।
आर्य भजनोपदेशक महाशय श्रीपाल आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद के दिखाए मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र का उत्थान संभव है। उन्होंने यज्ञ को संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म बताया।
क्षेत्र के ग्राम सुन्हैडा में यजुर्वेद महा परायण यज्ञ और आर्य समाज सुधार सम्मेलन के दूसरे दिन आर्य भजनोपदेशक महाश्य श्रीपाल आर्य ने सामाजिक कुरीतियों का खंडन कर सभी से वेद मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने वेद अपदेश कर समाज सुधार व नारी जाति के उत्थान पर बल दिया। वेद पाल आर्य व परिजनों के सहयोग से आयोजित यजुर्वेद महा परायण यज्ञ सुबह और शाम किया जा रहा है। इसमें महिला और पुरुष आहुति देकर धर्म लाभ उठा रहे हैं।
इस मौके पर महाशय ओमप्रकाश ने भी भजनोपदेश किया। गुरुकुल प्रभात आश्रम के सुयोग्य ब्रह्मचारी रचित, अमित, अवनीश ने आचार्य विद्या देव के सानिध्य में वेदमंत्र का गान किया। आचार्य विद्या देव ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला। संचालन विपिन शास्त्री ने किया। यज्ञ में यजमान प्रदीप आर्य और उनकी पत्नी विभा आर्य रही। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र आर्य, प्रदीप आर्य, विपिन आर्य, संदीप आर्य, ओमपाल आर्य, अमरपाल, कंवर पाल, सोमपाल, प्रदीप आर्य आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
आर्य भजनोपदेशक महाशय श्रीपाल आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद के दिखाए मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र का उत्थान संभव है। उन्होंने यज्ञ को संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म बताया।
क्षेत्र के ग्राम सुन्हैडा में यजुर्वेद महा परायण यज्ञ और आर्य समाज सुधार सम्मेलन के दूसरे दिन आर्य भजनोपदेशक महाश्य श्रीपाल आर्य ने सामाजिक कुरीतियों का खंडन कर सभी से वेद मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने वेद अपदेश कर समाज सुधार व नारी जाति के उत्थान पर बल दिया। वेद पाल आर्य व परिजनों के सहयोग से आयोजित यजुर्वेद महा परायण यज्ञ सुबह और शाम किया जा रहा है। इसमें महिला और पुरुष आहुति देकर धर्म लाभ उठा रहे हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर महाशय ओमप्रकाश ने भी भजनोपदेश किया। गुरुकुल प्रभात आश्रम के सुयोग्य ब्रह्मचारी रचित, अमित, अवनीश ने आचार्य विद्या देव के सानिध्य में वेदमंत्र का गान किया। आचार्य विद्या देव ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला। संचालन विपिन शास्त्री ने किया। यज्ञ में यजमान प्रदीप आर्य और उनकी पत्नी विभा आर्य रही। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र आर्य, प्रदीप आर्य, विपिन आर्य, संदीप आर्य, ओमपाल आर्य, अमरपाल, कंवर पाल, सोमपाल, प्रदीप आर्य आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन